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MP News: कैबिनेट बैठक में विकास और बुनियादी ढांचे के लिए 2 हजार 480 करोड़ रूपये की स्वीकृति

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट ने प्रदेश के विकास और बुनियादी ढांचे के विस्तार को रफ्तार देने के लिए लगभग 2 हजार 480 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई। प्रदेश में आईटी पार्क की स्थापना संबंधी योजना के लिए 595 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। इस योजना के तहत इन्दौर, भोपाल, जबलपुर एवं ग्वालियर में आईटी पार्कों की स्थापना की गई है। आईटी पार्क एवं आईटी टावर्स की स्थापना से प्रदेश में आधुनिक तकनीकी अधोसंरचना का विकास होगा जिससे देश-विदेश के निवेशकों को आकर्षित कर निवेश एवं औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे 8000 से अधिक स्थानीय युवाओं को कौशल आधारित रोजगार एवं स्वरोजगार मिलेगा। अब तक लगभग 22 हजार युवाओ को रोजगार मिल चुका है।
कैबिनेट ने भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान भोपाल में ड्रोन टेक्नोलॉजी पर आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए 85 करोड़ 51 लाख रुपये में से 17 करोड़ 90 लाख रुपये को अगले 3 साल तक देने की स्वीकृति दी है। नई तकनीक के लिए एमपीएसईडीसी एवं अन्य संस्थाओं को सहायता योजना के लिए 110 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दी गई।
मप्र स्टेट स्पाटियल डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चर योजना के लिए 40 करोड़ 20 लाख रुपये की स्वीकृति और क्लाउड सेवाओं का प्रदाय व प्रबंधन के लिए 26 करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। कैबिनेट ने आईसर में ड्रोन टेक्नोलॉजी पर आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए 85 करोड़ 51 लाख रुपये सहित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं के सोलहवें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक चालू रखने के लिए 857 करोड़ 21 लाख रुपये की स्वीकृति दी।
कर्मचारी कल्याण के लिए 982 करोड़ रूपये की स्वीकृति
कैबिनेट ने कर्मचारी कल्याण, पेंशन, भविष्य निधि और बीमा की योजनाओं के 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि मार्च 2031 तक चालू रखने के लिए 982 करोड़ 49 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। इससे संचालनालय पेंशन, भविष्य निधि एवं बीमा की योजनाओं, पेंशन तथा कर्मचारी कल्याण संचालनालय, जिला पेंशन कार्यालय, विभागीय परिसंपत्तियों का संधारण, पेंशनर कल्याण कोष, शासकीय सेवक परिवार कल्याण निधि पर ब्याज, शासकीय कर्मचारी समूह बीमा योजना, शासकीय कर्मचारी सह समूह बीमा योजना को संचालित किया जायेगा।
महिला एशियन हॉकी चैम्पियन्स ट्रॉफी
सिंगरौली की रिहन्द माइक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 111 करोड़
कैबिनेटने सिंगरौली की रिहन्द माइक्रो सिंचाई परियोजना को सोलहवें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक निरन्तर रखने के लिए 111 करोड़ 4 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य गोविन्द वल्लभ पंत सागर रिजर्वायर (रिहन्द नदी पर स्थित) से संचित जल का उद्वहन कर सिंगरौली, माड़ा, बैढऩ और जावद तहसील के 119 गांवों में 38 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से सिंचाई के लिए पानी देना है।
कैबिनेट ने मंदसौर की मल्हारगढ़ दाबयुक्त वृहद उद्वहन सिंचाई परियोजना के सोलहवें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक चालू रखने के लिए 184 करोड़ 20 लाख रूपये की स्वीकृति दी है।
अक्टूबर 2026 में महिला एशियन हॉकी चैम्पियन्स ट्रॉफी 2026 भोपाल में होना है। इस पर 18 करोड़ 74 लाख संभावित खर्च है। यह आयोजन भोपाल के अन्तर्राष्ट्रीय स्पोटर्स कॉम्पलेक्स में प्रस्तावित है। इसमें होने वाले व्यय की सैद्धांतिक सहमति दी गई। हॉकी इण्डिया को अन्तर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ द्वारा देश में हॉकी खेल का संचालन, प्रोत्साहन और अन्तर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए अधिकृत किया गया है। प्रतियोगिता वर्ष 2010 से निरन्तर 2 वर्ष के अन्तराल में आयोजित की जा रही है।
इस प्रतियोगिता को आयोजित करने का मुख्य उद्द्देश्य एशियाई महिला हॉकी टीमों की प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करना है। महिला एशियन हॉकी चैम्पियन्स ट्रॉफी 2026 में एशिया की प्रमुख 6 महिला टीमों (भारत, चीन, जापान, मलेशिया, साउथ कोरिया, एवं थाईलैण्ड) के लगभग 200 खिलाड़ी व सपोर्ट स्टॉफ के सम्मिलित होने की संभावना है। यह अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता हॉकी इण्डिया और खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की जायेगी। अनुबंध अनुसार हॉकी इण्डिया को खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा पेजेंटिंग पार्टनर राईटस के लिए 11 करोड़ रुपये दिये जाएंगे। अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए विभाग दवारा 7 करोड़ 74 लाख रूपये का व्यय किया जायेगा।
ग्वालियर में विद्युत सुरक्षा निरीक्षकालय
कैबिनेट ने ग्वालियर में विद्युत सुरक्षा निरीक्षकालय के नवीन वृत्त कार्यालय और 9 नए पदों को मंजूरी दी। पद सृजन संबंधी कार्यवाही ऊर्जा विभाग करेगा। ग्वालियर में नए वृत्त कार्यालय शुरु करने से विशेषत: मुरैना के बामौर और भिंड के मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र को लाभ दिया जाना है। भविष्य में मुरैना में 600 मेगावाट का बैटरी स्टोरेज सोलर पॉवर प्लांट स्थापित होना है। इसके लिए भी ग्वालियर में नया वृत्त कार्यालय स्थापित किया जाना है। कैबिनेट ने मंदसौर के नारायणगढ़ में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश का एक नवीन पद सहित 9 नए पदों के सृजन की स्वीकृति दी है।
प्रशासन अकादमी के लिए 129 करोड़ रुपये की स्वीकृति
कैबिनेट ने मप्र आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी की गतिविधियों से संबंधित योजनाओं के सोलहवें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 31 मार्च 2031 तक चालू रखने के लिए 129 करोड़ 12 लाख रुपये की मंजूरी दी। इस बजट से अकादमी के स्थापना एवं कार्यालयीन व्यय, मिशन कर्मयोगी, विभागीय परिसंपतियों का संधारण एवं प्रशासन अकादमी परिसर में प्रशिक्षण गतिविधियों के लिए भौतिक सुविधाओं का निर्माण होगा।
शक्ति सदन और सखी निवास के लिए 198 करोड़ रुपये की स्वीकृति
कैबिनेट ने मिशन शक्ति- उपयोजना सामर्थ्य अंतर्गत संकल्प-हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वुमेन, शक्ति सदन और सखी निवास योजना के वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर क्रियान्वयन के लिए 198 करोड़ 59 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। संकल्प -हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन योजना का उद्देश्य जिला स्तर पर एक ऐसी इकाई के रूप में कार्य करना है जो महिलाओं को उनके कल्याण और सशक्तिकरण के लिए योजनाओं और नीतियों के बारे में जागरूकता के साथ-साथ पहुंच प्रदान करें। यह योजना पूर्व से सभी 52 जिलों में संचालित है और अब इसे 3 नवगठित जिलों में संचालित किया जायेगा। शक्ति सदन का उद्देश्य महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और सक्षम वातावरण बनाना तथा अवैध व्यापार, संकट में फंसी महिलाओं को कठिन परिस्थितियों से उबार कर एक नई शुरुआत करवाना है। वर्तमान में प्रदेश में 14 शक्ति सदन अशासकीय संस्थाओं के माध्यम से संचालित है। भारत सरकार द्वारा 5 नये शक्ति सदन स्वीकृत किये गये हैं। शहरी/ग्रामीण कामकाजी महिलाओं को सुविधाजनक व सुरक्षित आवास प्रदान करने के लिए सखी निवास योजना को लागू किया गया है। पूर्व में इस योजना का नाम महिला विश्रामालय था। सखी निवास में सभी वर्ग की कामकाजी महिलाओं को प्रवेश दिया जाता है। सखी निवास में महिला कर्मचारियों के छोटे बच्चों के लिए डे-केयर सेंटर संचालन का भी प्रावधान है। प्रदेश में 3 शासकीय सखी निवास संचालित है।
समर्थन मूल्य पर उपार्जन पर किसानों को बोनस
कैबिनेट ने खाद्य विभाग अंतर्गत 500 करोड़ रुपये से अधिक की योजना अंतर्गत समर्थन मूल्य पर किसानों को उपार्जन पर बोनस भुगतान के 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक में निरंतर संचालन की स्वीकृति दी है। कैबिनेट ने मप्र विधिक माप विज्ञान नियम, 2011 में संशोधन की स्वीकृति दी है। भारत सरकार द्वारा जनविश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम, 2026 के माध्यम से विधिक मापविज्ञान अधिनियम, 2009 में किए गए संशोधनों को राज्य में प्रभावी रूप से लागू करने, कम्प्लापयसं रिडक्शन एण्ड डिरेगुलेशन के अंतर्गत की गई अनुशंसाओं का अनुपालन सुनिश्चित करने तथा नाप-तौल उपकरणों के सत्यापन शुल्क के पुनरीक्षण के उद्देश्य से यह संशोधन किया गया है।
Created On :   30 July 2026 2:34 AM IST












