MP News: अधूरी तैयारी के चलते छिंदवाड़ा-कटनी अर्बन चैलेंज फंड के पहले चरण से बाहर, अब दूसरे चरण का करना होगा इंतजार

अधूरी तैयारी के चलते छिंदवाड़ा-कटनी अर्बन चैलेंज फंड के पहले चरण से बाहर, अब दूसरे चरण का करना होगा इंतजार
भारत सरकार ने अर्बन चैलेंज फंड (यूसीएफ) के तहत शहरों के विकास के लिए मप्र को 2753.10 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी दी है।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। भारत सरकार ने अर्बन चैलेंज फंड (यूसीएफ) के तहत शहरों के विकास के लिए मप्र को 2753.10 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी दी है। आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की बैठक में नगर निगम ने परियोजनाओं का प्रेजेंटेशन दिया, जिसे अपेक्स कमेटी ने स्वीकृति दी। आधारभूत सुविधाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है। लेकिन मप्र से कई नगर निगमों की लापरवाही के चलते शहर के विकास को लेकर प्रेजेंटेशन नहीं हो पाया। छिंदवाड़ा, कटनी और ग्वालियर नगर निगम शहर के विकास के लिए पूरी तरह तैयार नजर नहीं आए। जिसके बाद इनको अगले चरण में अब मौका मिलेगा। भोपाल को भी परियोजना के तहत पहले चरण में राशि नहीं मिली है। जानकारी के मुताबिक छिंदवाड़ा नगर निगम की वित्तीय तैयारी नहीं हो पाई। यहां पर 67 करोड़ के जल प्रदाय की परियोजनाएं थी। लेकिन वित्तीय तैयारी यानी लोन संबंधित जानकारी स्पष्ट नहीं थी।

वहीं, कटनी शहर के विकास के लिए करीब 600 करोड़ के अलग-अलग कार्यों के लिए योजना थी। लेकिन कटनी ने भी समय पर कार्य नहीं किया। ग्वालियर नगर निगम में जल प्रदाय और सीवरेज की योजना थी, जिस पर 1500 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्य की योजना थी। लेकिन अधिकारियों की लापरवाही की वजह से योजना की डीपीआर ही तैयार नहीं हो पाई। सभी को अगले चरण के लिए टाल दिया गया है। हालांकि मप्र में शहरों के विकास के लिए पहले चरण में स्वीकृत राशि में से ज्यादातर जल प्रदाय और सीवर की योजनाएं हैं। उज्जैन के अलावा रीवा, जबलपुर, इंदौर में जल प्रदाय और सीवर नेटवर्क अपग्रेडेशन का कार्य किया जाएगा। जबलपुर को जल प्रदाय विस्तार के लिए 64 करोड़, जबलपुर सीवरेज योजना के लिए 250 करोड़, रीवा में जल प्रदाय के लिए 99 करोड़ स्वीकृत हुए हैं। इंदौर में जल प्रदाय और डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के लिे 907 करोड़, इसके साथ ही सीवर नेटवर्क अपग्रेडेशन और ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 306 करोड़ स्वीकृत हुए हैं। परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार कुल लागत का 25 प्रतिशत यानी 688.28 करोड़ रुपए उपलब्ध कराएगी। उज्जैन में 11 प्रमुख मंदिर परिसरों के समग्र विकास और कॉरिडोर निर्माण पर सबसे अधिक 1124 करोड़ स्वीकृत हुए हैं।

कुल 20 हजार करोड़ की परियोजना

मप्र का परियोजना के तहत 5000 करोड़ का शेयर है। यानी कुल 20 हजार करोड़ से शहरों का विकास होगा। यह परियोजना 5 वर्षों के लिए है। अर्बन चैलेंज फंड के लिए केंद्र सरकार ने एक लाख करोड़ रुपए का कोष बनाया गया है। इस योजना के तहत स्वीकृत परियोजना की 25 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार देती है। 50 प्रतिशत राशि संबंधित निकायों को बाजार से बॉण्ड, ऋण या अन्य वित्तीय साधनों से जुटानी होगी। निकायों के विकास के लिए प्रशिक्षण देने की योजना के साथ वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए भी कहा जाएगा। वहीं निजी निवेश लाने के प्रावधान पर भी जोर दिया जाएगा।

Created On :   18 July 2026 1:18 AM IST

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