MP News: अब नरोत्तम ने कहा, टिकट काटने वाला कोई और है, आशुतोष में क्षमता नहीं

अब नरोत्तम ने कहा, टिकट काटने वाला कोई और है, आशुतोष में क्षमता नहीं

डिजिटल डेस्क, भोपाल। दतिया विधानसभा उपचुनाव में टिकट दावेदारी-प्रत्याशी को लेकर उपजे विवाद और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद दतिया में गुरुवार को एक जन सभा में पूर्व गृह मंत्री व भाजपा नेता डॉ नरोत्तम मिश्रा जमकर बरसे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि मैं भूलने वाला प्राणी नहीं हूं, मैं याद रखता हूं। मैं दोस्ती और दुशमनी दोनों याद रखता हूं। पुलिस वाले ध्यान से सुने, खासकर एसपी साहब ध्यान से सुने। आपको चक्काजाम खुलवाना था, खुलवाते आपने तो कार्यालय तोड़ डाला। एसपी साहब मैं भूलने वाला नहीं हूं, मैं प्रेम और क्रोध की आवाज आप तक पहुंचेगी इसलिए आप तक यह बात पहुंचा रहा हूं।

निर्दोष कार्यकर्ताओं पर केस लगाना, निर्दोष लोगों को पीटना बर्दाश्त नहीं है, किसी भी कीमत पर नहीं है। कार्यकर्ता बंधुओं 3 तारीख का हम सभी इंतजार कर रहे हैं। आगे की लाइन भी लो, मेरे मन को समझो, जब मैं तुम्हारे मन को समझ रहा हूं तो तुम भी कोशिश करो मुझे समझने की। आपकी पीड़ा को देखकर ही रास्ते में कुछ लोग-कार्यकर्ता मिल गए थे, तो पीड़ा हुई। एक कार्यकर्ता (मुकेश के) के सिर पर आंसू गैस का गोला फटा या लगा, सिर फट गया बाल उड़ गए। जब ये सब हालत देखे तो मन विचलित हो गया था, कार्यकर्ताओं की हालत देखकर मंच पर आंसू आ गए।

लेकिन उसके बाद जो आपका टर्न आया, उससे भी दुख हुआ। तुमने उसकी दिशा ही मोड़ दी। उस दिशा ने दशा मोड़ दी। बोले, दादा के एक-एक आंसू का बदला भाजपा से लेंगे। कैसे होगा रे, बदला लेना है कांग्रेस से, कह रहे बदला लेंगे भाजपा से। बदला लेना है पुलिस-प्रशासन से, कह रहे बदला लेंगे आशुतोष से। क्या थीम थी दिमाग के अंदर, यह आना चाहिए था क्या, बदला किससे लेना है।

आशुतोष ने टिकट काट दिया, क्या आशुतोष की क्षमता है टिकट काटने की। टिकट काटने वाले कोई और है, वहां तक तुम्हारी क्षमता नहीं है। ठीक बात है कि नहीं, वहां हमें बात करना है हम करेंगे, तुम जानते हो कि हम नहीं ठहरेंगे, हम करेंगे इसलिए गुस्सा कहीं गलत जगह पर नहीं निकालाे अपना। नरोत्तम ने कहा कि ब्राह्मास्त्र कहीं ओर मत दागो मेरे मित्रों।

अगर ब्राह्मास्त्र गलत जगह पर दाग दिया तो चूक जाओगे। आप मेरे दिल के बहुत नजदीक हाे, पुरा शहर बहुत नजदीक है, यह सबने साबित कर दिया। इससे बड़ी ओर क्या किसी व्यक्ति को उपलब्धि चाहिए, काहे का एमएलए...। एमएलए तो 230 है न प्रदेश में, तो दतिया में तुम हो। यह प्रेम है, यह रिश्ता है मेरा दतिया से। कहां लग रही है विधायकी इसके सामने। अब तुम स्पेस दे दोगे अगर, स्पेस दोगे तो दूसरा आएगा। मिश्रा ने कहा कि ये राजनीति खो-खो का खेल है मेरे कार्यकर्ता मित्रों। पीछे खो देने के लिए बैठे रहते हैं कि खो और वो बैठने आएगा। फिर तुम्हे बुरा लगेगा कि कल तक ये विरोध कर रहे थे, आज यहां आ गए तो तुम आने मत दो, तो कैंडिडेट क्या करेगा। आप स्पेस क्यों दे रहे हो।

पार्टी हमारी मां है ये ध्यान रखो, मां का कर्ज चुकाना है। भाजपा को जिताना है। मिश्रा ने कहा कि किसी में हिम्मत नहीं है कि मेरे कार्यकर्ताओं का नुकसान कर दे। यदि किसी निर्दोष कार्यकर्ता पर कार्रवाई हुई तो मैं उसके साथ खड़ा रहूंगा, चाहे जेल ही क्यों न जाना पड़े।

Created On :   18 July 2026 12:21 AM IST

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