MP News: आरजीपी समूह ने जबलपुर में ट्रांसमिशन और चार बड़े जिलों में टायर इंडस्ट्री-आईटी में तलाशी निवेश की तलाशी संभावना

आरजीपी समूह ने जबलपुर में ट्रांसमिशन और चार बड़े जिलों में टायर इंडस्ट्री-आईटी में तलाशी निवेश की तलाशी संभावना

भास्कर ब्यूरो, भोपाल। मप्र में निवेश की संभावनाओं पर गुरुवार को मुंबई में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उद्योगपतियों से संवाद किया। इस दौरान आरजीपी समूह के अध्यक्ष हर्ष गोयनका ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर जबलपुर, रतलाम, सागर और उज्जैन में निवेश की संभावनाओं पर बात की। जबलपुर में ट्रांसमिशन पर निवेश किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष गोयनका से मप्र में विद्युत पारेषण (ट्रांसमिशन), टायर निर्माण और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सहित अन्य क्षेत्रों में निवेश पर विचार-विमर्श किया। हर्ष गोयनका ने जबलपुर में निवेश कर विद्युत पारेषण क्षेत्र में काम करने की इच्छा जताई। चर्चा में प्रदेश की औद्योगिक अवसंरचना, भौगोलिक स्थिति, कुशल कार्यबल और राज्य सरकार की निवेश अनुकूल नीतियों का लाभ लेकर नई औद्योगिक इकाइयां लगाने पर विचार किया। आरपीजी समूह ने प्रदेश की केंद्रीय भौगोलिक स्थिति और कच्चे माल की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए राज्य में टायर निर्माण के लिए भी बात की। इसके लिए रतलाम, सागर और जबलपुर संभावित निवेश स्थलों के रूप में चर्चा में आए। इन स्थानों पर उपलब्ध औद्योगिक सुविधाओं और अन्य आवश्यकताओं का आकलन करने के बाद आगे की संभावनाओं पर विचार किया जा सकता है।

उज्जैन में आईटी क्षेत्र में निवेश पर चर्चा

मुख्यमंत्री के गृह जिले उज्जैन में आईटी क्षेत्र में निवेश को लेकर भी सकारात्मक बातचीत की हुई। आरपीजी समूह की टीम ने संभावित निवेश स्थलों का दौरा कर आवश्यक सुविधाओं और व्यावसायिक संभावनाओं का आकलन करने की इच्छा व्यक्त की। उज्जैन के आईटी बिल्ट-अप पार्क में उपलब्ध प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं के उपयोग पर भी बातचीत की गई। इससे समूह को तैयार बुनियादी ढांचे के माध्यम से आईटी क्षेत्र में अपनी गतिविधियां शुरू करने का अवसर मिल सकता है। बैठक में संभावित परियोजनाओं के लिए उपयुक्त भूमि, आवश्यक अनुमतियों, प्रोत्साहनों और एकल-खिड़की व्यवस्था के माध्यम से सहयोग उपलब्ध कराने जैसे विषयों पर फोकस किया गया। प्राथमिकता वाले निवेश प्रस्तावों और संभावित स्थानों की पहचान कर आगे की प्रक्रिया को सुगम बनाने पर जोर दिया गया।

समूह से प्रदेश का पुराना नाता

ज्ञात हो कि आरपीजी समूह वर्ष 1951 से ट्रांसमिशन लिमिटेड के माध्यम से मप्र में है। इसकी प्रमुख कंपनी केईसी इंटरनेशनल ने नीमच अंतरराज्यीय पारेषण प्रणाली सहित मप्र की विद्युत पारेषण में काम कर रही। यह समूह अवसंरचना, मोबिलिटी, टायर, सूचना प्रौद्योगिकी, फार्मास्यूटिकल्स, ऊर्जा समाधान और उभरती प्रौद्योगिकियों सहित विविध क्षेत्रों में कार्यरत प्रमुख भारतीय औद्योगिक समूह है। इसके प्रमुख व्यवसायों में केईसी इंटरनेशनल, सिएट और जेनसार टेक्नोलॉजीज शामिल हैं। समूह की वैश्विक उपस्थिति छह महाद्वीपों के 135 से अधिक देशों में है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से विभिन्न क्षेत्रों के निवेशकों और उद्योगपतियों के साथ लगातार संवाद स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा, माइनिंग सहित विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में मध्यप्रदेश में व्यापक संभावनाएं हैं। सरकार इन क्षेत्रों में निवेश को आकर्षित करने और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंटरैक्टिव सेशन में उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं। उन्होंने निवेश को लेकर वेलस्पन एंटरप्राइजेज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संदीप गर्ग से भी चर्चा की। प्रदेश में पाइप निर्माण, टेक्निकल टेक्सटाइल और अधोसंरचना क्षेत्र में समूह की निवेश योजनाओं और नई परियोजनाओं में सहभागिता को लेकर िनवेश को लेकर बात की गई।

Created On :   10 Oct 2026 12:29 AM IST

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