Chandrapur News: चंद्रपुर में नहीं थम रहे बाघ के हमले, फिर युवा किसान हुआ शिकार

चंद्रपुर में नहीं थम रहे बाघ के हमले, फिर युवा किसान हुआ शिकार
  • अब तक 22 हुए हिंसक जानवरों का शिकार
  • घर से भी निकलने के लिए डरने लगे हैं लोग

Chandrapur News ताड़ोबा अंधारी व्याघ्र प्रकल्प के बफर जोन से सटे चाेरगांव परिसर में मानव वन्यजीव संघर्ष की घटना सामने आई है। बाघ के हमले में युवा किसान संजय सिडाम की मौत हो गई है। इस घटना के साथ ही पिछले 6 महीने में हिंसक जानवरों के हमले में 22 वीं मौत है।

मूल तहसील के केलझर निवासी संजय माधवराव सिडाम (31) पिछले कुछ महीनों से चोरगांव में अपने ससुर की खेती का काम कर रहा था। उनके खेत ताडोबा बफर जोन जंगल से सटे होने की वजह से अक्सर जंगली जानवरों का आना-जाना लगा रहता है। चार दिनों पूर्व उन्होंने खेत में कपास की बुवाई की थी और जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए रविवार की दोपहर 1 बजे अपनी पत्नी, सास और ससुर के साथ खेती के चारों ओर सौरऊर्जा की बाड लगाने का काम कर रहे थे।

बाड़ के लिए खेेेत के पास खडे एक पेड़ की टहनी काट रहा था तो दबिश देकर बैठे बाघ ने अचानक संजय के पीठ पर हमला कर दिया। हमले के दौरान पास में मौजूद संजय के ससुर ने अपनी जान की परवाह किए बिना हाथ में डंडा लेकर बाघ को भगाने का प्रयास किया। लेकिन बाघ की दहाड़ सुनकर वह सहम गए। इसी बीच बाघ ने संजय का गला दबोच लिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। वन विभाग ने मृतक संजय के परिजनों को तत्काल सहायता के रूप में 50 हजार रुपये की सहायता दी। साथ ही नियमानुसार शेष 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी जल्द उपलब्ध कराने की जानकारी ताडोबा बफर के उपसंचालक विशाल माली और वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रियंका येलमे ने दी। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल व्याप्त है।

हिंसक जानवरों के हमले में 22 वीं मृत्यु

चंद्रपुर जिले की अनेक तहसीलों की सीमा ताड़ोबा अंधारी व्याघ्र प्रकल्प की सीमा से सटी है इसकी वजह से अनेकों बार हिंसक जानवर गांव और खेत के आस पास आ जाते है और मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं होती रहती है। इस घटना के साथ जनवरी से अब तक 22 लोग हिंसक जानवरों का शिकार हो चुके है। जिसमें 21 बाघ और एक तेंदुए के हमले में मारा गया है।

Created On :   29 Jun 2026 8:07 PM IST

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