Jabalpur News: नई एजुकेशन पॉलिसी के चलते मास्टर डिग्री के रिजल्ट में हुई गड़बड़ी

सुबह 4 बजे तक मंडला, नैनपुर पहुंच पाए थे रादुविवि में अनशन पर बैठे छात्र-छात्रा, परीक्षा परिणामों का विशलेषण होगा

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में शुक्रवार को अनशन करने वाले मंडला और नैनपुर के छात्र-छात्राओं को अपने घरों तक वापस पहुंचने में सुबह हो गई थी। हालाकि वे इस बात पर खुश हैं कि दिन भर चले उनके अनशन के कारण विश्वविद्यालय अब रिजल्ट को रिव्यू करेगा। परीक्षा परिणाम घोषित करने के बाद उसे वापस क्यों लिया गया जब इसकी तहकीकात की गई तो पता चला कि स्नातकोत्तर कक्षाओं को इसी शिक्षण सत्र से नई एजुकेशन पॉलिसी में शामिल किया गया है। इसके नियमों को समझने में थोड़ी गड़बड़ी हुई और विवि से गलती हो गई। अब आगे क्या होगा यह कुछ समय बाद तय होगा।

उल्लेखनीय है कि एमए, एमएससी और एमकॉम प्रथम सेमेस्टर

की परीक्षा दिसंबर 2025 में हुई थी और इसका परीक्षा परिणाम अगस्त-सितंबर 2026 में प्रथम बार विश्वविद्यालय के पोर्टल पर अपलोड किया गया। परंतु कुछ दिनों बाद विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा परिणाम को बिना किसी सूचना के पोर्टल से हटा दिया गया जबकि द्वितीय सेमेस्टर के परीक्षा फॉर्म भराने जारी रखे गए। 13 अक्टूबर को संशोधित परीक्षा परिणाम जारी किया जाता है जिसमें प्रथम बार में जो छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण थे उन सभी को अनुत्तीर्ण घोषित कर दिया गया।

दोपहर से रात तक चला धरना

इस मामले को लेकर गोंडवाना स्टुडेंट यूनियन इंडिया ने शुक्रवार की दोपहर 1 बजे से विश्वविद्यालय में धरना शुरू किया और रात 11 बजे तक अनशन पर बैठे रहे। इसमें बड़ी संख्या में मंडला, नैनपुर से आए छात्रों के साथ ही छात्राएं भी शामिल रहीं।

जब इसकी जानकारी कुलगुरू प्रो राजेश कुमार वर्मा को मिली तो वे छात्र-छात्राओं से मिलने पहुंचे और आश्वासन दिया कि जल्द ही इस मामले में विचार करते हुए रिजल्ट का रिव्यू करवाया जाएगा। इसके बाद सभी को भोजन कराया गया और इसके बाद विवि की तरफ से एक बस का इंतजाम किया और उन्हें रवाना कराया गया।

पहली बार लागू हुआ क्रेडिट सिस्टम

बताया जाता है कि इस बार विश्वविद्यालय ने पहली बार क्रेडिट सिस्टम लागू किया था, लेकिन इसकी जानकारी पहले ही दी जानी थी जाे कि बाद में दी गई। इसी वजह से जब पहली बार परीक्षा परिणाम घोषित किया गया तो छात्र-छात्राओं को पुरानी व्यवस्स्था के तहत नम्बर दिए जबकि गलती जब पकड़ में आई तो रिजल्ट को पोर्टल से हटाया गया और दोबारा इंटरनल और एक्सर्टनल असेसमेंट के तहत नम्बर दिए गए। हालाकि विश्वविद्यालय के एग्जाम कंट्रोलर डॉ. एसके दुबे का कहना है कि नई एजुकेशन पॉलिसी में छात्रों के लिए बेहतर नियम बनाए गए हैं और उन्हें इसका लाभ होगा।

Created On :   17 Oct 2026 8:46 PM IST

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