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जबलपुर: गोहलपुर पुल को नहीं कर रहे चौड़ा हादसे के बाद भी नहीं लिया सबक

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। गोहलपुर स्थित सँकरे पुल पर आए दिन हादसे हो रहे हैं, इसको देखते हुए नगर निगम ने घोषणा की थी कि जल्द ही पुल को चौड़ा किया जाएगा। तीन महीने बीतने के बाद भी पुल को चौड़ा करने का काम नहीं शुरू किया गया है। इससे वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि 7 जनवरी को गोहलपुर स्थित सँकरे पुल से एक लोहे से भरा ट्रॉला पलट गया था। इस घटना में एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई थी। घटना के बाद क्षेत्रीय नागरिकों ने पुल को चौड़ा करने की माँग उठाई थी।
उस समय नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद 3 करोड़ रुपए की लागत से पुल को चौड़ा करने की घोषणा की थी। तीन माह बीतने के बाद भी अभी तक पुल को चौड़ा करने का काम शुरू नहीं किया गया है। इसकी वजह से नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
80 फीट की सड़क पर 30 फीट का पुल
नगर निगम ने 15 साल पहले दमोहनाका से रद्दी चौकी तक सड़क को 80 फीट की फोरलेन बना दिया था, लेकिन गोहलपुर पुल को चौड़ा करना भूल गए। हालत यह है कि सँकरे पुल से दो वाहनों को एक साथ निकलने में परेशानी होती है।
इस सड़क पर दिन भर हैवी ट्रैफिक रहता है। फोरलेन सड़क पर तेज रफ्तार से वाहन आते हैं। अचानक सँकरा पुल आने से वाहन चालकों का संतुलन बिगड़ जाता है। इससे हादसा होने की संभावना बढ़ जाती है। क्षेत्रीय नागरिक लंबे समय से पुल को चौड़ा करने की माँग कर रहे हैं, लेकिन नगर निगम के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
स्टॉपर रखकर कर दी सड़क सँकरी
हालत यह है कि नगर निगम ने सँकरे पुल के किनारे स्टॉपर रख दिए हैं। इससे यहाँ की सड़क और भी सँकरी हो गई है। नागरिकों का कहना है कि यहाँ से स्टॉपर को जल्द हटाया जाना चाहिए, ताकि वाहन चालकों को आवागमन के लिए पर्याप्त जगह मिल सके।
यूनिपोल से कर रहे कमाई
क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि नगर निगम गोहलपुर के सँकरे पुल पर यूनिपोल लगाकर कमाई कर रहा है। यूनिपोल के कारण भी वाहन चालकों का ध्यान भंग हो रहा है। इसके कारण भी दुर्घटनाएँ हो रही हैं। नागरिकों ने सँकरे पुल से यूनिपोल हटाने की भी माँग की है, ताकि नागरिक सुरक्षित आवागमन कर सकें।
गोहलपुर के सँकरे पुल को चौड़ा करने के लिए दो बार टेंडर जारी किया जा चुका है, पहली बार रेट ज्यादा आए, दूसरी बार किसी भी ठेकेदार ने टेंडर में भाग नहीं लिया। आचार संहिता समाप्त होने के बाद फिर से टेंडर निकाला जाएगा।
-सत्येन्द्र चक्रवर्ती, संभागीय अधिकारी, दमोहनाका जोन
Created On :   9 April 2024 3:18 PM IST















