Jabalpur News: स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों के घोटाले का आरोप, प्रारंभिक जांच में मिलीं गड़बड़ियां

स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों के घोटाले का आरोप, प्रारंभिक जांच में मिलीं गड़बड़ियां
शिकायत के बाद कलेक्टर ने गठित की जांच टीम, 4 करोड़ से अधिक की राशि के गबन का मामला

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। जिला स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों के घाेटाले का आराेप सामने आने के बाद महकमे में हड़कंप की स्थिति बन गई है। 2 अलग-अलग आराेपों में 4 करोड़ से अधिक की राशि के गबन का आरोप लगाया गया है। मामले की जांच कर रही टीम ने प्रारंभिक जांच में गड़बड़ियां मिलने की पुष्टि की है। यह कार्रवाई कलेक्टर और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा को दी गई शिकायत के बाद की जा रही है।

शिकायत में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर डिप्टी कलेक्टर आरएस मरावी के नेतृत्व में गठित जांच टीम बीते दो दिनों से जिला अस्पताल स्थित डीपीएम कार्यालय में पड़ताल में जुटी है। गढ़ा निवासी अरविंद मिश्रा द्वारा दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एनएचएम के अंतर्गत जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) कार्यालय द्वारा 1.33 करोड़ रुपये का भुगतान मप्र भंडार क्रय नियम की अनदेखी एवं जिला स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष (कलेक्टर) की अनुमति के बिना किया गया।

क्रय आदेश जारी होने के बाद किसी तरह की सामग्री जिला स्टोर में प्राप्त किए बिना ही और किसी प्रकार का कार्य पूर्ण हुए बिना ही फर्मों को करोड़ों रुपयों का भुगतान कर दिया गया। शिकायत में रेगुलर सीएमएचओ कार्यालय द्वारा भी करीब 3 करोड़ रुपयों के क्रय आदेश नियम विरुद्ध जारी कर बिना सामग्री लिए भुगतान के देयक जारी किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। जांच टीम पंचनामा बनाकर भुगतान की फाइल से जुड़े सभी दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है।

सील किया स्टोर, फिर खोला | शिकायत मिलने के बाद मंगलवार की रात शासन की टीम ने जिला अस्पताल स्थित सीएमएचओ स्टोर को सील कर दिया, हालांकि विकासखंडों तक दवा सप्लाई बाधित होने के बाद गुरुवार को स्टोर खोल दिया गया, ताकि दवाएं पहुंचाई जा सकें।

इन पर हुई कार्रवाई{ दोषी पाए जाने पर स्टोर कीपर का दायित्व संभाल रहे फार्मासिस्ट नीरज कौरव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया तथा निलंबन काल में उनका मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कुंडम नियत किया है। वहीं संविदा आधार पर नियुक्त जिला कार्यक्रम प्रबंधक आदित्य तिवारी एवं फार्मासिस्ट जवाहर लोधी को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से हटाकर जांच पूरी होने तक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सिहोरा में पदस्थ किया है।

संविदा आधार पर इन दोनों कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई का प्रस्ताव डायरेक्टर एनएचएम को भेजा गया है। इसके अलावा जिला चिकित्सालय में पदस्थ नोडल एनसीडी डॉ. सारिका को वर्तमान कार्यों के साथ-साथ जांच पूरी होने तक अथवा वैकल्पिक व्यवस्था होने तक अस्थाई रूप से जिला कार्यक्रम प्रबंधक का दायित्व सौंपा गया है।

अब तक हुई जांच में यह आया सामने

जांच में पाया गया था 12 फर्जी देयकों के माध्यम से भोपाल की सिंह एंटरप्राइजेज को साइनेज एवं स्वास्थ्य केन्द्र सामग्री के नाम से 93 लाख 04 हजार 998 रुपए का भुगतान किया जा चुका है, जबकि भौतिक रूप से यह सामग्री प्राप्त ही नहीं हुई थी। जांच रिपोर्ट को आगे की कार्रवाई के लिए डायरेक्टर एनएचएम भोपाल को प्रेषित कर दिया गया है।

शासन के निर्देश पर जो भी जांच की जा रही है उसमें सहयोग किया जा रहा है। शिकायत में जो आरोप लगाए गए हैं वे निराधार हैं।

डॉ. संजय मिश्रा, सीएमएचओ

शिकायत में बिना सामग्री खरीदे करोड़ाें का भुगतान किए जाने का आरोप लगाया गया है, जिसकी जांच टीम गठित कर कराई जा रही है। प्रारंभिक जांच के बाद डीपीएम सहित अन्य पर कार्रवाई की गई है।

राघवेंद्र सिंह, कलेक्टर

शिकायत में लगाए गए आरोप

भोपाल की एक फर्म को 82.51 लाख का क्रय आदेश जारी कर भुगतान भी कर दिया, जबकि सामग्री आज तक रिसीव नहीं हुई।

शहरी स्वास्थ्य संस्थाओं में बिना रंगाई-पुताई किए एवं बिना कम्प्यूटर सुधार किए 51.30 लाख का फर्जी भुगतान।

जबलपुर की एक फर्म को 25 लाख का भुगतान, इसमें वर्क ऑर्डर 2 मार्च को जारी हुआ और 3 दिन में बिल लगा दिया गया।

जबलपुर की फर्मों से कम्प्यूटर सामग्री नहीं ली गई, सीएमएचओ स्टोर में इससे जुड़ी एंट्री नहीं है, फिर भी भुगतान किया गया।

Created On :   3 April 2026 7:33 PM IST

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