Jabalpur News: आईटी पार्क में अनुबंध की अनदेखी, दोषी फर्मों को ईडीसी ने बांट डाली 1.14 करोड़ की सब्सिडी

आईटी पार्क में अनुबंध की अनदेखी, दोषी फर्मों को ईडीसी ने बांट डाली 1.14 करोड़ की सब्सिडी
कैग ने पकड़ी बड़ी गड़बड़ी, पार्क प्रबंधन और निगम के अधिकारी आंखें मूंदकर बैठे रहे

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। आईटी सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए कंपनियों को बरगी हिल्स के आईटी पार्क में बेहद रियायत दामों पर जमीन दी गईं। उद्देश्य था कि आईटी क्षेत्र में विकास और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इनमें से कुछ कंपनियां ऐसी निकलीं जिनका आईटी से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं रहा।

मप्र राज्य इलेक्ट्राॅनिक्स विकास निगम लिमिटेड (ईडीसी) ने गैर आईटी उद्यम में होने के बावजूद इन फर्मों पर कार्रवाई नहीं की, बल्कि करोड़ों की सब्सिडी दे डाली। कैग के निरीक्षण में हुए खुलासे के बाद हड़कंप की स्थिति है। जल्द ही दोषी फर्मों के खिलाफ कार्रवाई और वसूली शुरू होने वाली है।

जबलपुर में तकरीबन 1.14 करोड़ रुपए की सब्सिडी गलत फर्मों को आवंटित की गई, वहीं इंदौर, भोपाल को मिलाकर यह आंकड़ा 4.57 करोड़ तक पहुंच गया है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की टीम द्वारा 8-9 जून 2023 को बरगी हिल्स में आईटी पार्क का निरीक्षण किया गया।

यहां कुछ इकाइयों में फर्म लीज शर्तों के अनुसार वस्तुओं का निर्माण या व्यावसायिक गतिविधियां नहीं पाई गईं। जानकारों का कहना है कि जहां दोषी फर्मों का अनुबंध समाप्त किया जाना था वहां एमपीईडीसी से इन्हें अनुदान दिया गया। पार्क प्रबंधक की बिना चेकलिस्ट के ही परीक्षण करना भी गलत पाया गया था। कैग ने सब्सिडी की वसूली के साथ निगम के अफसरों की लापरवाही पर भी जांच की सलाह दी है।

सोलर पैनल की जगह मिले सोल्डरिंग आयरन, कटर्स

बरगी हिल्स में मेसर्स सैफरान सोलर सिस्टम को नवंबर 2016 में आईटी पार्क में 1 एकड़ भूमि आवंटित की गई थी। इस फर्म को अनुबंध के मुताबिक पीवी सौर पैनल्स और मॉड्यूल्स का विनिर्माण करना था। जिसके लिए तीन साल का समय दिया गया यानी 2019 के अंदर उत्पादन शुरू कर देना चाहिए था, लेकिन उत्पादन न शुरू कर पाने के कारण फर्म का आवंटन रद्द कर दिया गया।

बाद में फर्म ने कुछ दस्तावेज के साथ मशीनरी की सूची प्रस्तुत की जिस पर रद्द आवंटन ही वापस कर दिया गया। कैग ने पाया कि जो सूची सौंपी गई थी उसमें सौर पीवी सौर पैनल्स के विनिर्माण से संबंधित मशीन नहीं थी। सूची में कुछ बुनियादी उपकरण जैसे सोल्डरिंग आयरन, ड्रिल्स, कटर्स, वजन तौलने वाली मशीन शामिल थी। यही नहीं एमपीएसईडीसी ने इस फर्म को 60.73 लाख की सब्सिडी दी।

आईटी की जमीन पर नर्सिंग कॉलेज का संचालन

जबलपुर में मेसर्स साई ग्राफिक्स को जून 2017 में आईटी पार्क में 0.87 एकड़ जमीन आवंटित की गई। अनुबंध के अनुसार इस फर्म को बीपीओ-कॉल सेंटर, आईटी प्रशिक्षण केंद्र और डेटा प्रोसेसिंग केंद्र की गतिविधियां संचालित करनी थी। भौतिक परीक्षण में पाया गया कि यहां पर आईटी से संबंधित कोई कार्य नहीं किया जा रहा था।

हैरानी की बात यह है कि आवंटित जमीन पर बने भवन के बेसमेंट में स्मिता कॉलेज ऑफ नर्सिंग चलाया जा रहा था। एमपीएसईडीसी ने इस फर्म को 53.36 लाख की सब्सिडी दी।

प्रदेश में ऐसी 20 कंपनियां, 11 को सब्सिडी

कैग ने जबलपुर के अलावा भोपाल और इंदौर में भी जून 2023 में आईटी पार्क पहुंचकर निरीक्षण किया। 20 कंपनियों में से टीम ने 11 में पाया कि एसईडीसी अनुबंध के अनुसार काम नहीं हो रहा है। इसके बाद भी निगम ने इन फर्मों को 4.57 करोड़ की सब्सिडी दे दी।

भोपाल में मेसर्स सर्फर, अदिति इलेक्ट्रिकल्स, मेसर्स एक्वा सॉल्यूशंस, मेसर्स सरोवा पम्पस और मेसर्स स्नेह कृषि केंद्र को भी नियमों की अनदेखी करने के बावजूद भी अनुदान की भारी भरकम रकम जारी कर दी गई।

Created On :   6 April 2026 5:34 PM IST

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