- Home
- /
- राज्य
- /
- मध्य प्रदेश
- /
- जबलपुर
- /
- स्वास्थ्य विभाग में हुए घोटाले की...
Jabalpur News: स्वास्थ्य विभाग में हुए घोटाले की आंच अब संजीवनी क्लीनिकों तक पहुंची, 40 से ज्यादा का निरीक्षण

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। जिला स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों के घोटाले की जांच अब संजीवनी क्लीनिकों तक पहुंच गई है। अब तक हुई जांच में 12 फर्जी देयकों के माध्यम से भोपाल की फर्म को साइनेज एवं स्वास्थ्य केन्द्र सामग्री के नाम से 93 लाख 04 हजार 998 रुपये का भुगतान किए जाने की बात सामने आ चुकी है, जबकि भौतिक रूप से यह सामग्री प्राप्त ही नहीं हुई थी। जांच के लिए गठित टीम ने अब संजीवनी क्लीनिकों को पड़ताल के दायरे में लिया है।
टीम संजीवनी क्लीनिकों में जाकर इस बात का भौतिक सत्यापन कर रही है कि जिस कार्य अथवा सामग्री के लिए भुगतान कर दिया गया, वह कार्य हुआ है या नहीं हुआ, अथवा सामग्री है या नहीं। जांच में 40 से अधिक संजीवनी क्लीनिकाें का निरीक्षण किया गया है, जिसमें कम्प्यूटर से जुड़ी सामग्री और रंगाई-पुताई के कार्य काे देखा गया है। शुरुआती जांच में गड़बड़ियां मिली हैं। संजीवनी क्लीनिकों के नाम पर कम्प्यूटरों की रिपेयरिंग के कार्य भी जांच के दायरे में हैं। जांच टीम आज कलेक्टर के समक्ष जांच रिपोर्ट सौंपेगी।
नहीं कराया गया रंगाई-पुताई कार्य
जांच में यह सामने आया है कि रंगाई-पुताई और मरम्मत का कार्य जिले के विभिन्न संजीवनी क्लीनिकों में होना था, वह नहीं कराया गया है। कम्प्यूटर रिपेयरिंग से जुड़े कार्य की जांच चल रही है। इसके अलावा 40 अलमारी खरीदी से जुड़े देयक भी सामने आए हैं।
पड़ताल में यह सामने आया है कि 21 अलमारी का वितरण विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में किया गया, लेकिन शेष अलमारी का भंडारण संजीवनी क्लीनिक चंचलबाई कॉलेज के बाजू में किए जाने की बात अधिकारियों द्वारा बताई गई, जिसका भौतिक परीक्षण भी किया जा रहा है।
डॉ. कोठारी को सौंपा सीएमएचओ का अतिरिक्त प्रभार| प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय मिश्रा के निलंबन उपरांत उनके स्थान पर प्रभार डॉ. नवीन कोठारी, सिविल सर्जन जिला अस्पताल को सौंपा गया है। इस संबंध में रविवार को कलेक्टर द्वारा आदेश जारी किया गया है। डॉ. कोठारी को यह जिम्मेदारी शासन द्वारा नियमित पदस्थापना अथवा अग्रिम आदेश जारी किए जाने तक दी गई है।
इन आरोपों पर की जा रही है जांच
} जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) कार्यालय द्वारा 1 करोड़ से अधिक का भुगतान।
} रेगुलर सीएमएचओ कार्यालय द्वारा भी बिल सामग्री लिए करीब 3 करोड़ रुपयों के क्रय आदेश जारी किए गए।
} भोपाल की एक फर्म को 82.51 लाख का क्रय आदेश जारी कर भुगतान भी कर दिया, जबकि सामग्री आज तक रिसीव नहीं हुई।
} शहरी स्वास्थ्य संस्थाओं में बिना रंगाई-पुताई किए एवं बिना कम्प्यूटर सुधार किए 51.30 लाख का फर्जी भुगतान।
} जबलपुर की एक फर्म को 25 लाख का भुगतान, इसमें वर्क ऑर्डर 2 मार्च को जारी हुआ और 3 दिन में बिल लगा दिया गया।
} जबलपुर की फर्मों से कम्प्यूटर सामग्री नहीं ली गई, सीएमएचओ स्टोर में इससे जुड़ी एंट्री नहीं है, फिर भी भुगतान किया गया।
पूरे मामले में अब तक
{ सीएमएचओ डॉ. संजय मिश्रा का निलंबन
{ जिला कार्यक्रम प्रबंधक को कार्य से किया विरक्त
{ संविदा फार्मासिस्ट जवाहर लोधी को सिहोरा अटैच किया
{ फार्मासिस्ट नीरज कौरव का निलंबन
Created On :   6 April 2026 5:58 PM IST












