Jabalpur News: चिलचिलाती धूप में बुजुर्ग पहुंच रहे सिलेंडर लेने, एजेंसियों में न शेड का पता और न ही पानी मिल रहा

चिलचिलाती धूप में बुजुर्ग पहुंच रहे सिलेंडर लेने, एजेंसियों में न शेड का पता और न ही पानी मिल रहा
घंटों लाइन में खड़े लोगों की बिगड़ रही तबीयत, आज से घरों तक हॉकरों के भरोसे होगी डिलीवरी

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध से उपजा एलपीजी संकट थम नहीं रहा है। हालात इतने बुरे हो गए हैं कि लोगों ने घरों में सिलेंडर के विकल्प के रूप में कोयले का उपयोग शुरू कर दिया है। इस बीच एलपीजी के लिए लगने वाली लाइनों में उन बुजुर्गों को देखकर इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनके लिए गैस कितनी जरूरी है और इसके लिए वे घंटों चिलचिलाती धूप में खड़े हो रहे हैं।

सबसे बड़ी परेशानी तो इस बात की हो रही है कि जिन एजेंसियों में यह लंबी-लंबी लाइनें दिखाई दे रही हैं, वहां धूप से बचाव के लिए न तो शेड है और न ही गर्मी में गला तर करने पानी का इंतजाम है।

भीषण गर्मी में पानी न मिलने के कारण कई लोगों की तबीयत तक बिगड़ रही है। हालांकि प्रशासन ने इस बात का दावा किया है कि सोमवार से शत-प्रतिशत हॉकरों के माध्यम से घरों में डिलीवरी होगी। किसी को भी एजेंसी आने की जरूरत नहीं है।

गाैरतलब है कि एलपीजी संकट का असर जहां छोटे-छोटे व्यवसाय पर सीधे तौर पर देखा जा रहा था, अब उन घरों में सबसे ज्यादा दिख रहा है जिनके पास एक ही सिलेंडर है। पूरे महीने चलाने की कवायद के बीच अगर बीच में ही समाप्त हो गया तो फिर दूसरे सिलेंडर के लिए पहली बुकिंग के 25 दिनों तक का इंतजार करना पड़ रहा है। अगर किसी तरह बुकिंग हो भी गई तो इसके बाद 10 से 15 दिन और इंतजार करना पड़ रहा है।

केवाईसी का झंझट अलग

अब एक नई समस्या केवाईसी की भी आ रही है। जिन उपभोक्ताओं की पहले से केवाईसी नहीं है ताे उन्हें सिलेंडर मिलना मुश्किल नहीं, बल्कि असंभव है। पहले केवाईसी कराओ इसके बाद सिलेंडरों की बुकिंग हो पाएगी। अब इसके लिए जनता अलग परेशान हो रही है।

Created On :   6 April 2026 5:41 PM IST

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