Jabalpur News: रीजनल सेंटर से काम किया जा सकता है तो मेडिकल यूनिवर्सिटी का बंटवारा क्यों कर रहे

रीजनल सेंटर से काम किया जा सकता है तो मेडिकल यूनिवर्सिटी का बंटवारा क्यों कर रहे
उपभोक्ता मंच के सदस्य कुलपति और रजिस्ट्रार से मिले, कहा- विश्वविद्यालय का बंटवारा किसी भी तरह से स्वीकार नहीं होगा

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। रीजनल सेंटर्स से जब पूरे प्रदेश में मेडिकल विवि का कार्य संभव है, तो मेडिकल यूनिवर्सिटी को हिस्सों में क्यों बांटा जा रहा है। सरकार के संभावित निर्णय पर नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाये और इस मामले में मंगलवार को कुलपति और रजिस्ट्रार से चर्चा की।

मंच के सदस्यों ने कहा कि प्रदेश में 5 स्थानों पर मेडिकल यूनिवर्सिटी के क्षेत्रीय केन्द्रों का गठन किया गया है, ऐसे में संपूर्ण मध्य प्रदेश में कार्य चल रहा है, तो मेडिकल यूनिवर्सिटी को हिस्सों में बांटकर कार्य करने की सोच गलत है।

मंच ने मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. अशोक खण्डेलवाल, रजिस्ट्रार डॉ. पुष्पराज सिंह बघेल से कहा विवि का विखंडन किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चर्चा के बाद प्रशासन के माध्यम से अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को ज्ञापन सौंपा।

इस अवसर पर उपस्थित डॉ. पी.जी. नाजपांडे, रजत भार्गव ने बताया कि म.प्र.आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय परिनियम 2013 क्लाज 8 के तहत समूचे प्रदेश में 5 क्षेत्रीय समन्वय केंद्र का गठन करने का प्रावधान है।

अभी निर्णय नहीं हुआ है

चर्चा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मेडिकल यूनिवर्सिटी को हिस्सों में बांटने के मुद्दे पर अभी निर्णय नहीं हुआ है, संभावित समिति का गठन भी नहीं हुआ है, जबकि समिति के गठन हेतु फाइल पर टिप्पणियां हो चुकी हैं। मंच ने कहा बंटवारा के संबंध में कोई निर्णय लिया गया तो इसका तीव्र विरोध किया जाएगा।

Created On :   1 July 2026 3:06 PM IST

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