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Jabalpur News: 55 एकड़ की मंडी में सिर्फ दो टाॅयलेट, पीने का पानी तो हाथ धोने लायक नहीं

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। अनाज, फल और सब्जियों के थोक व्यापार के लिए बनाई गई जबलपुर कृषि उपज मंडी कहने को तो संभाग की सबसे बड़ी मंडी है लेकिन यहां की व्यवस्थाएं देखकर तो लगता है कि ये किसी छोटे शहर का मामूली सब्जी बाजार है। कृषि उपज मंडी में बड़ा प्रशासनिक अमला तैनात तो है, लेकिन सिर्फ औपचारिकता के लिए। कहने को यहां सभी तरह के व्यापार और व्यापारियों के साथ किसानों के लिए सर्वसुविधाएं मौजूद होने के दावे किए जाते हैं, परन्तु तस्वीरें यहां की सच्चाई उजागर करती हैं।
55 एकड़ में बनी इस मंडी में सिर्फ दो सार्वजनिक शौचालय हैं, लेकिन इनका उपयोग करना काफी कष्टदायक होता है। चाहे जहां सब्जी का बाजार लग जाना और हर तरफ गंदगी का अंबार लगे रहना यहां की प्रशासनिक व्यवस्था की गैरजिम्मेदारी को बयां करता है। लंबी दूरी तय करके माल बेचने के लिए आने वाले किसानों और मजदूरों के लिए पीने का पानी तो हाथ धोने लायक नहीं है।
पुरुष प्रसाधन गंदगी से अटे पड़े हैं और महिला प्रसाधन में तो ताला ही लगा रहता है। वैसे सफाई के नाम पर हर साल लाखों का बजट जारी होता है लेकिन वो भी सिर्फ कभी कभार झाड़ू लगने तक सीमित रहता है। इस संबंध में मंडी सचिव आरके सैयाम से पक्ष लेने के लिए कई बार फोन लगाया गया और व्यक्तिगत रूप से कार्यालय पहुंचकर संपर्क करने का प्रयास किया गया लेेकिन वे उपलब्ध नहीं हो सके।
प्रतिबंध के बाद मंडी के अंदर लग रहा फुटकर व्यापार
मंडी एक्ट के तहत कृषि उपज मंडी में अनाज, तिलहन, सब्जी, फल और सभी तरह की खाद्य सामग्री का थोक व्यापार ही किया जा सकता है लेकिन इसके बावजूद मंडी प्रांगण में खुलेआम फुटकर बाजार लगा रहता है, जिसके कारण यहां की व्यवस्थाएं चौपट रहती हैं।
कई बार इस समस्या को लेकर यहां के थोक व्यापारियों ने शिकायतें कीं और प्रदर्शन भी किए लेकिन प्रतिबंध के बावजूद फुटकर व्यापार करने वालों पर अंकुश नहीं लगाया जा सका। वैसे मंडी की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को बनाए रखने के लिए मंडी पुलिस के साथ सिक्योरिटी गार्ड भी तैनात किए गए हैं लेकिन पुलिस और सुरक्षा गार्ड सिर्फ एंट्री गेट पर वाहन शुल्क वसूलते ही नजर आते हैं।
सफाई व्यवस्था पूरी तरह चौपट है, सिर्फ शौचालय हैं, लेकिन वो भी इतने गंदे रहते हैं कि उपयोग करना मुश्किल होता है।
अजीत साहू, अध्यक्ष, कृषि उपज मंडी व्यापारी संघ
Created On :   25 March 2026 7:24 PM IST












