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Jabalpur News: होटल-रेस्टॉरेंट के किचन में सन्नाटा, गैस सिलेंडर के लिए भी जद्दोजहद

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच छिड़ी जंग ने बड़ा ऊर्जा संकट खड़ा कर दिया है। शासन-प्रशासन भले ही दावा करे लेकिन इसका असर आम आदमी पर साफ देखने को मिल रहा है। रसोई गैस की किल्लत के बीच एजेंसियों के परिसर पर कतारें लग रही हैं। वहीं सबसे ज्यादा संकट होटल-रेस्टॉरेंट व्यवसाय पर देखने मिला है।
जानकारों के अनुसार कॉमर्शियल गैस की सप्लाई पूरी तरह से बंद होने के कारण अधिकांश होटलें बंद होने की कगार पर पहुंच गई हैं। जो खुली भी हैं तो वहां आगंतुकों को पूरी वैरायटी के साथ लजीज व्यंजन नहीं मिल रहे।
कई जगह तो यह व्यापार अब कोयले की भट्ठी और लकड़ियों पर आकर टिक गया है। इस समस्या ने होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों को तो चिंता में डाल दिया है। होटल व्यवसायी अब यह डिमांड कर रहे हैं कि कॉमर्शियल गैस की सप्लाई सामान्य की जानी चाहिए। जानकारों के अनुसार शहर में 4 हजार से ज्यादा काॅमर्शियल उपभोक्ता हैं।
युद्ध के हालातों के बाद पिछले करीब 3 सप्ताह से होटलों-रेस्टॉरेंटों को होने वाली काॅमर्शियल सप्लाई रोक दी गई है। इसका सीधा प्रभाव होटल व्यवसाय पर पड़ा। भास्कर टीम ने मंगलवार को कुछ होटलों का जायजा लिया, तो वहां किचन सूने नजर आए। कुछ जगह कोयला और चूल्हा भट्ठी का उपयोग होता नजर आया।
बुकिंग हो गई शुरू तो अब सप्लाई का इंतजार
होटल व्यवसाय पर काॅमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई कुछ राहत भरी खबर यह भी है कि मंगलवार से कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की बुकिंग शुरू हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि जिनकी डिमांड पहले सौ सिलेंडरों की थी उन्हें फिलहाल 5 सिलेंडर ही दिए जाएंगे। इसके बाद आगे इसकी संख्या बढ़ाने की भी बात की जा रही है।
बढ़ रही कालाबाजारी
जानकारों का कहना है कि इस आपाधापी के बीच रसोई गैस की कालाबाजारी भी बढ़ रही है। जिनके पास दो से तीन सिलेंडर हैं और एक में ही काम हो जाता है वे एक अन्य सिलेंडर की बुकिंग कराकर आसानी से 18 सौ से दो हजार रुपए में दूसरे को दे रहे हैं। इससे भी किल्लत और बढ़ रही है। इस पर अंकुश लगना चाहिए।
फैक्ट फाइल
{ जिलें में संचालित गैस एजेंसियां- 50
{ जिलें में कुल घरेलू गैस कनेक्शन- 714374
{ व्यावसायिक उपयोग वाले कनेक्शन की संख्या- 4291
{ औसत दैनिक बिक्री वाले घरेलू सिलेंडर- 7000
{ पूर्व में औसत मासिक कॉमर्शियल सिलेंडरों की डिमांड 7500
ऐसे तो बंद हो जाएगा व्यवसाय
बातचीत के दौरान कुछ होटल व्यवसायियों ने अपनी पीड़ा का इजहार भी किया। उन्होंने कहा कि यही हालात रहे तो होटल व्यवसाय ही बंद हो जाएगा। सरकार को जल्द इस समस्या का समाधान निकालना चाहिए। वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने दावा किया है कि शासन द्वारा काॅमर्शियल गैस की सप्लाई में भी राहत दे दी गई है, जिससे एक-दो दिन में होटलों को भी कम मात्रा में एलपीजी की सप्लाई शुरू हो जाएगी।
उपलब्धता की कमी के चलते गैस एजेंसियों में लाइनें लग रही हैं, जिनकी लगातार मॉनिटरिंग कराई जा रही है। वहीं होटल-रेस्टाॅरेंट व अन्य व्यवसाय जहां कॉमर्शियल सिलेंडरों की जरूरत है उनके लिए नई गाइड लाइन आने के बाद सोमवार से बुकिंग चालू हो गई है। उन्हें भी गाइड लाइन के हिसाब से सिलेंडर मिलने शुरू हो जाएंगे।
राघवेंद्र सिंह, कलेक्टर
कॉमर्शियल सिलेंडरों के आवंटन की नई व्यवस्था
शैक्षणिक संस्था/चिकित्सा संस्थान
(आवश्यकता 100 का प्रतिशत) 30 प्रतिशत
आवश्यक सेवाएं, केंद्रीय चिकित्सा
सशस्त्र पुलिस व अन्य 35 प्रतिशत
होटल व्यवसाय 9 प्रतिशत
रेस्टाॅरेंट व केटरर्स 9 प्रतिशत
ढाबा व स्ट्रीट फूड वेंडर 7 प्रतिशत
उद्योग 5 प्रतिशत
एजेंसियों में बुकिंग हो गई दोगुनी
गैस एजेंसी संचालक नितिन मलिक का कहना है कि घरेलू सिलेंडरों की सप्लाई भी प्रभावित होने लगी है। औसतन जहां एक दिन में साढ़े तीन से चार सौ सिलेंडरों की डिलीवरी होती थी, अब प्रतिदिन दोगुनी यानी सात से आठ सौ बुकिंग हो रही है। जो लोग पहले एक सिलेंडर से पूरा महीना गुजार लेते थेे, वो अब एक महीने में दूसरी बुकिंग कराने आ रहे हैं, जिससे एजेंसियों में भीड़ लग रही है। दमोहनाका के समीप तो गैस एजेंसी ही बंद मिली।
पेट्रोल पंपों पर भी नजर आई कतार....
मंगलवार को भी शहर के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। इस बीच लोगों में यह भी चर्चा रही है कि कुछ पंपों पर पेट्रोल खत्म हो गया है, जिससे यह पंप बंद है। एक दिन पहले सोमवार को भी सभी पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगी रही। वहीं आधा दर्जन पेट्रोल पंप तो बंद भी रहे। जैसे ही कुछ पेट्रोल पंप बंद हुए तो जनता की भीड़ दूसरे पंपों पर बढ़ गई।
इस दौरान लोगों ने किसी अप्रिय अशंका के चलते गाड़ियों की टंकिया फुल तक करा लीं। हालांकि साेमवार की देर रात तक बंद पेट्रोल पंपों पर भी पेट्रोल की सप्लाई होने से वे मंगलवार को खुल गए थे। इस संबंध में पेट्रोल पंप एसोसिएशन के असगर अली ने बताया कि दो दिन सप्लाई बंद होने से पंपों में पेट्रोल नहीं पहुंच पाया, इसलिए कुछ पंप बंद हो गए थे।
वहीं कुछ संचालकों की राशि का भुगतान नहीं होने के कारण भी पेट्रोल नहीं पहुंच पाया, जिनके द्वारा राशि का भुगतान किया जा रहा है उनके पंपों पर पेट्रोल पहुंच रहा है और वे चालू भी हो गए हैं। पेट्रोल की किल्लत वाली फिलहाल कोई बात नहीं है।
Created On :   25 March 2026 5:20 PM IST












