Jabalpur News: वकीलों के साथ सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाएं पारिवारिक मतभेद

वकीलों के साथ सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाएं पारिवारिक मतभेद
वृद्ध को अस्पताल से भेजा घर, अगली सुनवाई 2 अप्रैल को

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने एक मामले में यह व्यवस्था दी कि वृद्ध और उसके परिजनों के बीच के मतभेदों को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाएं। कोर्ट ने अधिवक्ता आलोक वागरेचा और परितोष त्रिवेदी को यह जिम्मेदारी सौंपी है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने अगली सुनवाई 2 अप्रैल को नियत की है।

जबलपुर निवासी अक्षय चौधरी की ओर से अधिवक्ता आलोक वागरेचा, दीपक तिवारी और विशाल बघेल ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि सम्पत्ति संबंधित विवाद के कारण पिता दुर्गेश पटेल को पुत्र रूपेश पटेल द्वारा नशा मुक्ति केन्द्र में बंधक बनाकर रखा गया था। पूर्व आदेश पर वृद्ध को मेडिकल हॉस्पिटल के नशा मुक्ति मेडिकल ट्रीटमेंट फैसिलिटी सेंटर में रखा गया था।

सुनवाई के दौरान पुलिस अधिकारियों द्वारा वृद्ध को हाई कोर्ट में पेश किया गया। मेडिकल रिपोर्ट में सलाह दी गई है कि वृद्ध को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया जाए और उसके परिजनों के साथ परामर्श किया जाए, ताकि दोनों पक्षों के बीच के मुद्दों को सुलझाया जा सके। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने स्वेच्छा से यह आश्वासन दिया है कि वे पक्षकारों के बीच मध्यस्थता करने और सौहार्दपूर्ण ढंग से मतभेदों को सुलझाने का प्रयास करेंगे।

Created On :   27 March 2026 3:58 PM IST

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