- Home
- /
- राज्य
- /
- मध्य प्रदेश
- /
- जबलपुर
- /
- रेस्क्यू कर लाई गई मादा तेंदुआ,...
Jabalpur News: रेस्क्यू कर लाई गई मादा तेंदुआ, केनाइन डिस्टेम्पर नामक बीमारी से है पीड़ित

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। करेली वन परिक्षेत्र से रेस्क्यू कर जबलपुर लाई गई मादा तेंदुए का इलाज वेटरनरी विवि के अतंर्गत संचालित स्कूल ऑफ वाइल्डलाइफ फॉरेंसिक एंड हेल्थ में चल रहा है। बताया गया है कि तेंदुआ गम्भीर रूप से बीमार है, उसे केनाइन डिस्टेम्पर नामक बीमारी है। चर्चा है कि तेंदुए के शरीर पर चोट के निशान भी हैं, उसके दो दांत भी टूटे हुए हैं।
फिलहाल विशेषज्ञ चिकित्सक तेंदुए के उपचार में जुटे हुए हैं और आधिकारिक तौर पर पशु चिकित्सकों एवं वन विभाग के अधिकारियों का कोई बयान सामने नहीं आया है।
विशेषज्ञों के अनुसार केनाइन डिस्टेम्पर कुत्तों में होने वाली एक बहुत ही गंभीर और जानलेवा संक्रामक बीमारी है, यह एक वायरस के कारण होती है और इसका सबसे बुरा पहलू यह है कि यह शरीर के कई अंगों पर एक साथ हमला करता है। इस संक्रामक बीमारी से मादा तेंदुए का नर्वस सिस्टम प्रभावित हो रहा है।
ये है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार नरसिंहपुर करेली वन परिक्षेत्र अंतर्गत दिल्हेरी गांव में विगत दिवस आधी रात को तेंदुए की घुसपैठ हुई, इसी दौरान किसी ग्रामीण की उस पर नजर पड़ गई। ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद वनकर्मियों की टीम ने चार घंटे के भीतर उसका रेस्क्यू किया। पिंजरे में बंद करते हुए तेंदुए को टीम बुधवार को जबलपुर लाई।
वन परिक्षेत्र अधिकारी शिवकुमार कनौजिया ने मुताबिक तेंदुआ बीमार था जिसके कारण उसने ज्यादा प्रतिरोध नहीं किया। मादा तेंदुए की उम्र लगभग 8 वर्ष बताई जा रही है। रेस्क्यू के बाद तेंदुए को वेटरनरी विवि के वन्यजीव फॉरेंसिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तेंदुए के पूर्ण स्वस्थ होने के बाद उसे पुनः सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा।
वनकर्मियों ने एक हिरण और कबरबिज्जू का किया रेस्क्यू, प्राकृतिक आवास में छोड़ा
बरगी क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम मोहास में उस समय लोग हैरत में पड़ गए जब एक हिरण भटककर रिहायशी इलाके में आ गया। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। वन विभाग के कर्मचारी आशीष पटेल ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षित तरीके से हिरण का रेस्क्यू किया।
प्राथमिक जांच में हिरण पूरी तरह स्वस्थ पाया गया, जिसके बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास बरगी के घने जंगलों में सुरक्षित छोड़ दिया गया। वन अधिकारियों के अनुसार, पानी और भोजन की तलाश में वन्यप्राणी अक्सर बस्तियों की ओर रुख कर लेते हैं। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वन्यजीवों के दिखने पर उन्हें नुकसान न पहुंचाएं और तुरंत प्रशासन को सूचित करें।
कबरबिज्जू को छोड़ा नागाघाटी में
इसी प्रकार धनवंतरि नगर क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब गार्डन के पास रहवासी इलाके में एक 4 फीट लंबा कबरबिज्जू दिखाई दिया। वन्यजीव की मौजूदगी से स्थानीय लोगों में भय का माहौल निर्मित हो गया, जिसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दी गई। सूचना पाकर डिप्टी रेंजर गुलाब सिंह परिहार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और सावधानीपूर्वक कबरबिज्जू को सुरक्षित पकड़ लिया। रेस्क्यू के बाद उसे बस्ती से दूर बरेला नागाघाटी के घने जंगलों में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
Created On :   27 March 2026 5:11 PM IST












