Jabalpur News: तीन हजार कर्मियों को रेलवे ने उतारा मैदान पर, 24 घंटे अलर्ट रहकर कर रहे हैं सुरक्षा

तीन हजार कर्मियों को रेलवे ने उतारा मैदान पर, 24 घंटे अलर्ट रहकर कर रहे हैं सुरक्षा
बारिश के माैसम में रेल मंडल ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर की तैयारी, 11 मिनी कंट्रोल रूम भी बनाए गए

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। बारिश के मौसम में कहीं रेल पटरी पर पानी भर जाता है तो कहीं रेलवे के पुल भी पानी भरने से क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। ऐसे में हजारों यात्रियों की सुरक्षा दांव पर होती है। जबलपुर रेल मंडल ने बारिश के मौसम को देखते हुए अपनी तैयारी कर ली है। पूरे जबलपुर रेल मंडल में ऐसे 3 हजार कर्मी तैनात किये गये हैं जो सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा संभाल रहे हैं। 24 घंटे तैनात रहने वाले इन कर्मियों की निगरानी भी जीपीएस से हाे रही है।

रेलवे ने अलग-अलग क्षेत्रों में 11 मिनी कंट्रोल रूम बना दिये हैं जहां ये अपनी रिपोर्ट दे रहे हैं। इसके अलावा जबलपुर मुख्यालय में कंट्रोल रूम से पूरी नजर रखी जा रही है। रेलवे का मानना है कि ट्रेनें सुरक्षित और सरपट गति से दौड़ें और यात्रियों का सफर आसान बन सके इसके लिए उन्होंने कर्मियों को अलर्ट कर दिया है। रेलवे के अधिकारियों ने यह हिदायत भी दी है कि कहीं से भी अगर लापरवाही की शिकायत मिलती है तो कार्रवाई भी की जाएगी।

यह काम करना होगा

पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर रेल मंडल के सिविल इंजीनियरिंग विभाग ने संभावित भारी वर्षा, जलभराव, बाढ़, मिट्टी के कटाव एवं अन्य प्राकृतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील रेलखंडों, महत्वपूर्ण पुलों, कटिंग, तटबंधों तथा लो-लेवल सबवे पर विशेष निगरानी व्यवस्था करने इन कर्मियों काे उतारा है। मानसून पेट्रोलमैन एवं स्टेशनरी वॉचमैन भारी वर्षा के दौरान ट्रैक का निरीक्षण कर किसी भी संभावित खतरे की तत्काल जानकारी देते हैं।

चुनिंदा स्टेशनों पर लगाए गए आधुनिक उपकरण

रेलवे ने महत्वपूर्ण पुलों पर जलस्तर की सतत निगरानी के लिए वॉटर लेवल मॉनिटरिंग सिस्टम तथा चुनिंदा स्टेशनों पर तेज हवा की गति मापने के लिए एनीमोमीटर जैसे आधुनिक उपकरण लगाए हैं। इसके अलावा संवेदनशील पुलों, पुलियाओं, तटबंधों एवं कटिंग का संयुक्त निरीक्षण कर सुधार कराया गया है।

इसके साथ ही वर्षा जल की निर्बाध निकासी के लिए साइड ड्रेन, कैच वॉटर ड्रेन, जलमार्ग एवं पुलों के जल निकासी मार्गों की सफाई एवं गाद निकासी कराई गई है। वहीं संभावित खतरे की जगह में गिट्टी, बड़े पत्थर, रेत की बोरियां, रेल, स्लीपर एवं अन्य आवश्यक सामग्री पर्याप्त मात्रा में रखी गई हैं, ताकि जरूरत पर इनका उपयोग किया जा सके। सीनियर डीसीएम डॉ. मधुर वर्मा का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी वही निभा रहे हैं।

Created On :   20 July 2026 3:53 PM IST

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