Jabalpur News: टेलीकम्युनिकेशन का हब रहे जबलपुर की कई प्रोडक्शन यूनिट पहले ही हो गईं बंद

टेलीकम्युनिकेशन का हब रहे जबलपुर की कई प्रोडक्शन यूनिट पहले ही हो गईं बंद
शहर में विभाग के पास कई एकड़ भूमि, पूर्व से मौजूद है इन्फ्रास्ट्रक्चर फिर भी उपेक्षा, ये कमजाेर राजनीतिक इच्छाशक्ति का नतीजा

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। ग्वालियर में 3500 करोड़ से टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना की घोषणा से जबलपुर के टेलीकॉम सेक्टर का दर्द फिर लोगों की जुबान पर आ गया है। जानकारों का कहना है कि जबलपुर को एक दौर में डिफेंस के अलावा टेलीकाॅम सेंटर का हब माना जाता था। यहां ट्रेनिंग सेंटर, उत्पादन इकाइयां, टेलीकाॅम क्वालिटी एश्योरेंस जैसे सबसे प्रमुख कार्यालय हैं। देश के बीच में होने की वजह से यहां से पूरे देश के लिए नेटवर्क डालना सस्ता और आसान है।

इसी विशेष वजह से इस शहर में टेलीकाॅम फैक्ट्रियां खोली गईं, इसका महत्व आजादी के पहले से समझा गया। यहां टेलीकॉम से जुड़े संस्थान व प्रोडक्शन यूनिट खोले गए, जो वर्तमान में उपेक्षा के कारण लगभग बंद हो गए हैं। इनको पुनर्जीवित करके ऑक्सीजन देने की बजाय करोड़ों रुपए खर्च करके कहीं और नया जोन बनाया जाना लोगों को हैरान कर रहा है। नागरिक इसे शहर की कमजोर राजनीतिक इच्छा शक्ति का दुष्परिणाम भी मान रहे हैं।

लोगों का कहना है कि बीते कुछ सालों में राजनीतिक इच्छा शक्ति की कमी और शहर की आवाज को उचित मंच में न उठा पाने की कमजोरी की वजह से शहर का बना बनाया टेलीकाॅम सेक्टर गर्त में चला गया। अब तो हालात ऐसे हैं कि मौजूदा वक्त में सरकार जबलपुर की कई एकड़ में बनी टेलीकॉम फैक्ट्रियों की भूमि को छोड़कर ग्वालियर को टेलीकाॅम मैन्युफैक्चरिंग जोन बना रही है।

जो मैन्युफैक्चरिंग जोन जबलपुर में पहले से मौजूदा भूमि में आसानी से खुल सकता है, उसकी बजाय तवज्जो चंबल एरिया को दी गई। इस तरह बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर होने के बाद भी शहर को इसका फायदा नहीं मिलने वाला है। लोगों का कहना है कि कुछ समय पहले डिफेंस क्लस्टर का शहर को ख्वाब दिखाकर यूनिट को और शहरों में स्थापित किया जा रहा है, ठीक इसी तरह अब टेलीकाॅम सेक्टर को लेकर शहर को ठगे जाने की तैयारी है।

कभी यूपी, बिहार, बंगाल के लोगों को तक रोजगार मिलता था

जबलपुर में टेलीकाॅम की दो प्रमुख यूनिट देश की आजादी के वक्त स्थापित की गई थीं। राइट टाउन, रिछाई में स्थापित इकाइयां देश के सबसे प्रमुख 7 टेलीकॉम फैक्ट्रियों में से एक थी। यहां टावर, टेलीफोन खंभे, लाइन जैक यूनिट और सी डीओट एक्सचेंज कार्ड की रिपेयरिंग का काम होता था। ये फैक्ट्रियां जबलपुर के अलावा भिलाई, कोलकाता, गोपालपुर, खड़गपुर, मुंबई में खोली गई थीं। जानकारों का कहना है कि अन्य शहरों में तो टेलीकॉम की यूनिटों में कुछ न कुछ अपग्रेडेशन होकर वर्क चालू है केवल जबलपुर में इसको रस्मअदायगी के तौर पर चालू रखा गया है। मोटे तौर पर कहा जाए तो यूनिट लगभग बंद हो चुकी है।

ग्वालियर में बनेंगे ये उपकरण, यहां कई परिवारों का मारा जाएगा हक

शहर में टेलीकाॅम मैन्युफैक्चरिंग जोन न बन पाने से सीधे तौर पर तकरीबन 9 हजार परिवारों का हक मारा जाएगा। ग्वालियर में इस जोन में 5 जी, 6जी, आधुनिक तकनीक से जुड़े उपकरण, ऑप्टिकल फाइबर, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, डिवाइस नेटवर्क, हार्डवेयर और सेमी कंडक्टर से जुड़ी डिवाइस का प्राडक्शन प्रस्तावित है। इसके लिए शुरुआती तौर पर दूरसंचार मंत्रालय ने ग्वालियर में यूनिट लगाने का करार तक कर लिया है।

जबलपुर में यूनिट खोलना इसलिए आसान

एक्सपर्ट का मानना है कि जबलपुर में टेलीकाॅम से रिलेटेड यदि यूनिट चालू की जाती है या इसी तरह से कोई जोन में िनर्माण शुरू होता है तो यहां पर राइट टाउन टेलीकाॅम फैक्ट्री के पास 69 एकड़ जमीन है। इसी तरह रिछाई फैक्ट्री जो अब लगभग बंद हो चुकी है, इस यूनिट का उपयोग भी नई उत्पादन इकाई फिर शुरू करने में मदद मिल सकती है। क्वालिटी एश्योरेंस का जो कार्यालय संभागायुक्त कार्यालय के नजदीक दिखावे के लिए चल रहा है उसका उपयोग प्रशासिनक भवन के रूप में कभी भी िकया जा सकता है। इस तरह पूरा सेटअप जबलपुर में पहले से मौजूद है।

जबलपुर की राइट टाउन और रिछाई की खाली पड़ी जमीन में नया प्रोजेक्ट लाने के प्रयास किए जाएंगे।

आशीष दुबे, सांसद

एक नजर इस पर

{ शहर में टेलीकाॅम विभाग के पास 155 एकड़ जमीन मौजूद

{इन जमीनों में अलग-अलग हिस्सों में कुल 7 उपक्रम चलते थे

{इसमें राइट टाउन की टेलीकॉम फैक्ट्री के पास सबसे ज्यादा 69 एकड़ भूमि है

{इसी तरह टेलीकाॅम फैक्ट्री रिछाई के पास फैक्ट्री एरिया 32 एकड़ का

{संभागायुक्त कार्यालय के पास क्वालिटी एश्योरेंस कार्यालय बिल्डिंग

{भीमराव अंबेडकर टेलीकाॅम ट्रेनिंग सेंटर रिज रोड में संचालित

Created On :   6 Aug 2026 4:41 PM IST

Tags

Next Story