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मंडला न्यूज: तिलरी में बाघ का खौफ, रहवासी इलाके तक मूवमेंट

डिजिटल डेस्क मंडला।खटिया बफर से सटे वनविकास निगम जंगल के पास बसे ग्राम तिलरी के रहवासी इलाके में बाघ के मूवमेंट से ग्रामीणों में खौफ है। यहां बाघ गांव तक पहुंच चुका है, जिसकी वजह से स्कूली बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित हो रही है और वहीं ग्रामीण जंगल की तरफ मवेशी चराने के लिए नहीं ले जा रहे है, रात्रि के दौरान बाघ की दस्तक का डर बना रहता है। जिससे ग्रामीणों की मांग है कि वनविभाग बाघ को रहवासी इलाके से दूसरी जगह शिफ्ट करे, जिससे उन्हें जानमाल का खतरा ना रहे।
जानकारी के मुताबिक ग्राम तिलरी के आसपास पिछले एक सप्ताह बाघ की मूवमेंट है। यहां ग्रामीणों ने मुताबिक बाघ गंाव में आ चुका है। यहां बाघ दो श्वान और एक जंगली सुअर को मार चुका है। बाघ के रहवासी इलाके में आने की वजह से कुछ अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से तक डर रहे हैं। जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं रात्रि के दौरान बाघ गांव में प्रवेश कर मवेशी और इंसानों पर हमला ना करें। इसकी भी दहशत बनी हुई है। आलम है कि ग्रामीण अब जंगल की तरफ मवेशी लेकर भी नहीं जा रहे है और जलाऊ भी नहीं ला रहे हैं। पिछले एक सप्ताह से बाघ के खौफ के साए में ग्रामीण जी रहे हैं। यहां ग्रामीणों ने बताया है कि वह बाघ को देख भी चुके हैं।
कान्हा से निगरानी के लिए दो हाथी भेजे-
ग्रामीण इलाके में बाघ की मूवमेंट के बाद ग्रामीणों ने कान्हा प्रबंधन और वनविकास निगम के अधिकारियों से चर्चा की है। कान्हा प्रबंधन के द्वारा बाघ की मॉनिटरिंग के लिए दो हाथी और दल भेजा है, उपसंचालक कोर पीके वर्मा ने बताया है कि हाथी से बाघ की निगरानी की जा रही है, बाघ के व्यवहार और उसके स्वास्थ्य को परखा जा रहा है, जिसके बाद निर्णय लिया जाएगा कि बाघ का रेस्क्यू किया जाए या नहीं। उनका कहना है कि गांव के आसपास बाघ का मूवमेंट होता है ग्रामीण धैर्य बनाए रखें, बाघ जंगल की तरफ वापस लौट आते हैं।
ग्रामीणों ने की बाघ को जंगल भेजने की मांग-
ग्राम पंचायत तिलरी के सरपंच शोभाराम ताराम का कहना है कि यहां बाघ के मूवमेंट से ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है। यहां पशु पालक काफी चिंतित है और इंसानों पर भी बाघ द्वारा हमला किया जा सकता है। जिससे वनविभाग के अधिकारियों से मंाग है कि बाघ के मूवमेंट को यहां से हटाया जाए और बाघ को जंगल की तरफ ले जाया जाए। जिससे यहां ग्रामीण चैन की सांस ले सके। सरपंच का कहना है कि विभाग से कई बार मांग कर चुके है, दो हाथियों का दल निगरानी के लिए भेजा है। विभाग से अपेक्षा है कि उनकी समस्या का समाधान किया जाए।
Created On :   29 Sept 2026 4:06 PM IST










