मराठा आरक्षण: आशीष शेलार ने कहा - गणेशोत्सव में मुंबई कूच न करें जरांगे पाटील, बातचीत से सुलझाएंगे मराठा समाज के सवाल

आशीष शेलार ने कहा - गणेशोत्सव में मुंबई कूच न करें जरांगे पाटील, बातचीत से सुलझाएंगे मराठा समाज के सवाल
  • फडणवीस-शिंदे के खिलाफ अपमानजनक भाषा स्वीकार नहीं
  • शेलार बोले- 14 में से 13 मांगें पूरी, बाकी पर भी सरकार चर्चा को तैयार
  • मराठा आरक्षण कक्ष और संदीप शिंदे समिति को नई जगह

डिजिटल डेस्क, मुंबई. मराठा आरक्षण को लेकर मनोज जरांगे पाटील एक बार फिर आक्रामक हैं। पिछले 18 दिनों से जारी आंदोलन के बीच उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है। इसी दौरान जरांगे मुंबई की ओर कूच कर चुके हैं। सरकार ने जहां उनसे आंदोलन के बजाय बातचीत के जरिए मुद्दे सुलझाने की अपील की है, वहीं मराठा आरक्षण से जुड़े कामकाज को गति देने के लिए प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ा कदम उठाया है। राज्य के सांस्कृतिक कार्यमंत्री आशीष शेलार ने बुधवार को जरांगे से गणेशोत्सव के दौरान मुंबई नहीं आने की अपील की। उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव और गौरी उत्सव के दौरान मुंबई-पुणे समेत पूरे महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में नागरिक और गणेश भक्त सड़कों पर होते हैं। ऐसे में आंदोलन के कारण नागरिकों को परेशानी न हो, इसका ध्यान रखा जाना चाहिए।

14 में से 13 मांगों पर सरकार का फैसला

शेलार ने कहा कि मराठा समाज की 14 में से 13 मांगों पर महायुति सरकार निर्णय ले चुकी है। शेष मांगों पर भी सरकार सकारात्मक तरीके से बातचीत करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि आंदोलन को टकराव की दिशा में ले जाने के बजाय संवाद के जरिए समाधान निकालना चाहिए। शेलार के मुताबिक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली महायुति सरकार ने मराठा समाज से जुड़े फैसले, जाति प्रमाणपत्र एवं पंजीकरण प्रक्रिया, शिक्षा और नौकरियों में आरक्षण तथा न्यायालयीन मामलों से जुड़े कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जाति प्रमाणपत्र की जांच प्रक्रिया को आसान बनाने, जरूरी दस्तावेजों की प्रक्रिया सरल करने, आयोग की स्थापना और अदालत में सरकार का पक्ष मजबूती से रखने के लिए भी व्यवस्था की गई है।

फडणवीस-शिंदे के खिलाफ अपमानजनक भाषा पर आपत्ति

शेलार ने जरांगे के आंदोलन के दौरान मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे के खिलाफ की जा रही बयानबाजी पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों के लिए आंदोलन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन किसी व्यक्ति के खिलाफ अपमानजनक भाषा स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने जरांगे की तबीयत को लेकर भी चिंता जताते हुए उनसे स्वास्थ्य का ध्यान रखने और सरकार के साथ सकारात्मक बातचीत करने की अपील की।

मराठा आरक्षण कक्ष और संदीप शिंदे समिति को नई जगह

इसी बीच सरकार ने मराठा आरक्षण से जुड़े कामकाज के लिए प्रशासनिक स्तर पर अहम निर्णय लिया है। सरकार ने न्यायमूर्ति संदीप शिंदे समिति के लिए नए प्रशासनिक भवन में जगह आवंटित करने का निर्णय लिया है। सरकारी आदेश के मुताबिक न्यायमूर्ति संदीप शिंदे समिति और मराठा आरक्षण कक्ष के कामकाज के लिए यह जगह उपलब्ध कराई गई है। इस फैसले के बाद कुणबी अभिलेखों की खोज तथा मराठा आरक्षण से संबंधित न्यायालयीन मामलों के कामकाज को इसी जगह से संचालित किया जाएगा।

Created On :   16 Sept 2026 8:38 PM IST

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