गणेशोत्सव: राज ठाकरे के घर गणपति दर्शन से फडणवीस - शिंदे की दूरी! मोदी की तस्वीर विवाद के बाद बदले समीकरण

राज ठाकरे के घर गणपति दर्शन से फडणवीस - शिंदे की दूरी! मोदी की तस्वीर विवाद के बाद बदले समीकरण
  • अमित ठाकरे बोले- कौन आया, कौन नहीं आया, इससे बप्पा का महत्व कम नहीं होता
  • रिश्ते राजनीति से ऊपर रखने चाहिए

डिजिटल डेस्क, मुंबई. महाराष्ट्र की राजनीति में गणेशोत्सव के बीच एक बार फिर रिश्तों और राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा तेज है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के दादर स्थित ‘शिवतीर्थ’ निवास पर हर साल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत विभिन्न दलों के नेता गणपति दर्शन के लिए पहुंचते रहे हैं। हालांकि इस वर्ष फडणवीस और शिंदे राज ठाकरे के घर दर्शन के लिए अभी तक नहीं पहुंचे हैं। मीडिया रिपोर्टों में इसे हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल हाल ही में मनसे नेता अमित ठाकरे के पुणे दौरे के दौरान एक सरकारी तकनीकी शिक्षण संस्थान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर हटाने को लेकर विवाद हुआ था। अमित ठाकरे ने कहा था कि सरकारी कार्यालय में प्रधानमंत्री की तस्वीर होनी चाहिए, लेकिन उसे छत्रपति शिवाजी महाराज और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे महापुरुषों की तस्वीरों की कतार में नहीं लगाया जाना चाहिए। राज ठाकरे ने भी इस मुद्दे पर अमित ठाकरे की भूमिका का समर्थन किया था।

कौन आया, कौन नहीं आया, इससे बप्पा का महत्व कम नहीं

फडणवीस और शिंदे के इस वर्ष शिवतीर्थ नहीं पहुंचने को लेकर अमित ठाकरे से सवाल किया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के हर साल दर्शन के लिए आने की चर्चा मीडिया में होती है, लेकिन किसी के आने या नहीं आने से गणपति बप्पा का महत्व कम नहीं होता। उन्होंने कहा कि जो लोग घर आए, उनका स्वागत है और जो आए, वे उनके लिए महत्वपूर्ण हैं। परिवार का उत्साह और आनंद किसी के नहीं आने से कम नहीं हुआ। अमित ने इसी दौरान राजनीति से आगे रिश्ते निभाने की बात भी कही। उनका कहना था कि पहले राजनीति से परे भी रिश्ते निभाए जाते थे और अब हर व्यक्ति को तय करना चाहिए कि रिश्ते किस तरह कायम रखे जाएं। मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे के आगामी कुछ दिनों के दौरे में राज ठाकरे के घर जाने का कार्यक्रम अभी तक शामिल नहीं किया गया है।

आगे भी फोटो हटाएंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर हटाने के विवाद पर अमित ठाकरे ने अपने रुख में कोई बदलाव नहीं किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की तस्वीरों को लेकर निर्धारित व्यवस्था और सरकारी निर्णय मौजूद हैं। उनके मुताबिक छत्रपति शिवाजी महाराज और बाबासाहेब आंबेडकर जैसे महापुरुषों की तस्वीरों के साथ प्रधानमंत्री की तस्वीर उसी कतार में लगाना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर भविष्य में भी ऐसी स्थिति सामने आती है तो मनसे तस्वीर हटाने की कार्रवाई करेगी।

Created On :   16 Sept 2026 8:45 PM IST

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