योजना का ऐलान: मुंबई-पुणे कनेक्टिंग लिंक पर फडणवीस ने विपक्ष को लगाई लताड़, महाराष्ट्र की बदनामी करने वालों को नहीं छोडूंगा

मुंबई-पुणे कनेक्टिंग लिंक पर फडणवीस ने विपक्ष को लगाई लताड़, महाराष्ट्र की बदनामी करने वालों को नहीं छोडूंगा
  • आघाडी सरकार ने 14 कारण देकर बंद कर दी थी मिसिंग लिंक की फाइल
  • 2030 तक एमएमआर में 7.8 लाख घरों के निर्माण का लक्ष्य
  • मुंबई के लिए 13,000 करोड़ रुपए की बाढ़ नियंत्रण योजना का ऐलान

Mumbai News. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के कनेक्टिंग लिंक (मिसिंग लिंक) परियोजना का जोरदार बचाव करते हुए कहा कि बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के सामने शुरुआती दौर में चुनौतियां आना स्वाभाविक है। फडणवीस ने कहा कि हाल ही में परियोजना मार्ग पर हुए भूस्खलन को आधार बनाकर पूरे प्रोजेक्ट पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने कोंकण रेलवे का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि उस समय सरकार डर जाती तो देश की सबसे महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं में से एक कभी साकार नहीं हो पाती। विपक्ष को लताड़ लगाते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि महायुति सरकार ने साहस दिखाकर इस परियोजना को पूरा किया। कुछ लोग महाराष्ट्र की बदनामी कर रहे हैं, मैं बदनामी करने वालों को नहीं छोडूंगा। उन्होंने कहा कि आघाडी सरकार ने 14 कारण देकर मिसिंग लिंक की फाइल बंद कर दी थी।

कोंकण रेलवे का दिया उदाहरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोंकण रेलवे का प्रस्ताव आया था तब भी अनेक लोगों ने इसे असंभव बताया था। उनका तर्क था कि लगातार भूस्खलन के कारण रेलवे लाइन बन ही नहीं सकती। लेकिन उस समय वरिष्ठ नेता मधु दंडवते ने साहस दिखाया और परियोजना को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि कोंकण रेलवे शुरू होने के बाद लगभग 15 वर्षों तक हर वर्ष भूस्खलन की घटनाएं होती रहीं। हर घटना से सीख लेकर सुधारात्मक उपाय किए गए और धीरे-धीरे समस्या पर नियंत्रण पाया गया। यदि उस समय डर के कारण परियोजना रोक दी जाती तो आज कोंकण रेलवे अस्तित्व में ही नहीं होती।

'यह केवल सड़क नहीं, इंजीनियरिंग का चमत्कार'

फडणवीस ने बताया कि मिसिंग लिंक परियोजना का प्रस्ताव पिछली सरकार के कार्यकाल में तैयार हुआ था, लेकिन उनकी सरकार ने विशेषज्ञों से विस्तृत चर्चा और तकनीकी परीक्षण के बाद इसे लागू करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया था कि परियोजना तकनीकी रूप से सुरक्षित और व्यवहार्य है। इसके बाद सरकार ने इसे पूरा किया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक संपर्क मार्ग नहीं बल्कि इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना है। ये देश का सबसे चौड़ा केबल-स्टे ब्रिज तथा 170 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं को सहन करने में सक्षम विशाल वायाडक्ट (ऊंचे पुल) है। उन्होंने परियोजना से जुड़े इंजीनियरों, ठेकेदारों और सभी कर्मचारियों की सराहना करते हुए इसे देश की इंजीनियरिंग क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

भूस्खलन के बाद विशेषज्ञों की सलाह लागू होगी

हालिया भूस्खलन का उल्लेख करते हुए फडणवीस ने कहा कि सरकार ने तत्काल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के विशेषज्ञों से सलाह ली। विशेषज्ञों ने कुछ अतिरिक्त संवेदनशील स्थानों की पहचान की है और सुझाव भी मांगे हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी सुझावों को लागू किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इस परियोजना के शुरू होने के बाद घाट क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है तथा यातायात पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुगम हुआ है।

बदनामी करने वालों को नहीं छोडूंगा

फडणवीस ने परियोजना के विरोधियों पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्घाटन के अगले ही दिन कुछ लोग टीवी चैनलों पर आकर परियोजना के खिलाफ झूठे दावे करने लगे। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर पैसे लेकर परियोजना के खिलाफ भ्रामक जानकारी फैला रहे हैं। मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि महाराष्ट्र की बदनामी करने और जानबूझकर झूठ फैलाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

मुंबई के लिए 13 हजार करोड़ रुपए की समग्र बाढ़ नियंत्रण योजना

मुख्यमंत्री ने बताया कि मुंबई को बार-बार आने वाली बाढ़ की समस्या से स्थायी राहत दिलाने के लिए राज्य सरकार ने 13 हजार करोड़ रुपये की एकीकृत बाढ़ नियंत्रण योजना तैयार की है, जिसे मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि योजना लागू होने के बाद मुंबई के लगभग 370 बाढ़ प्रभावित स्थलों (फ्लड हॉटस्पॉट्स) की समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा। फडणवीस ने बताया कि मुंबई की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वर्षा का पानी समुद्र में छोड़ा जाता है, लेकिन हाई टाइड के समय पानी समुद्र में नहीं जा पाता। जब अत्यधिक बारिश और हाई टाइड एक साथ आते हैं तब शहर में जलभराव की स्थिति बन जाती है। नई योजना विशेष रूप से इसी समस्या के समाधान के लिए तैयार की गई है।

Created On :   8 July 2026 10:16 PM IST

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