ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब: माधुरी मिसाल ने कहा - मुंबई में पेड़ों का वैज्ञानिक रिस्क आकलन शुरू, 5 हजार पेड़ों पर होगा पायलट अध्ययन

माधुरी मिसाल ने कहा - मुंबई में पेड़ों का वैज्ञानिक रिस्क आकलन शुरू, 5 हजार पेड़ों पर होगा पायलट अध्ययन
  • 1 से 30 अप्रैल तक इस अभियान के तहत 1,071 पेड़ों के आसपास से कंक्रीट हटाया गया
  • पायलट परियोजना के तहत बांद्रा (पश्चिम) क्षेत्र के 5 हजार पेड़ों का मूल्यांकन किया जा रहा है

Mumbai News. तूफानी हवाओं के मद्देनजर पेड़ों के संरक्षण तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने पेड़ों का वैज्ञानिक रिस्क आकलन (रिस्क असेसमेंट) शुरू किया है। पायलट परियोजना के तहत बांद्रा (पश्चिम) क्षेत्र के 5 हजार पेड़ों का मूल्यांकन किया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट अगले छह महीनों में प्राप्त होने की संभावना है। यह जानकारी नगर विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसाल ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का उत्तर में दी। भाजपा विधायक मनीषा चौधरी द्वारा पेश किए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में मंत्री मिसाल ने बताया कि इस परियोजना के लिए "द स्माइल काउंसिल" के माध्यम से वृक्ष विशेषज्ञ संस्था ट्रीकोटेक एलएलपी की नियुक्ति 21 मार्च 2026 को की गई है। इस वैज्ञानिक मूल्यांकन से जोखिम वाले पेड़ों की समय रहते पहचान कर उन पर आवश्यक उपचार और सुरक्षा संबंधी उपाय किए जा सकेंगे।

मंत्री ने कहा कि भूमिगत सेवा लाइनों की बेहतर योजना के लिए सड़कों के कंक्रीटीकरण के दौरान डक्ट प्रणाली अपनाने का प्रस्ताव है, ताकि सेवा लाइनें बिछाते समय पेड़ों की जड़ों को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे। वर्ष 2026 के मानसून के दौरान मुंबई में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तक हवाएं चल रही हैं। मुंबई की भौगोलिक स्थिति, घनी आबादी, भूमिगत सेवा लाइनें और विभिन्न आधारभूत परियोजनाओं के कारण पेड़ों की जड़ों के प्राकृतिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े, इसके लिए महानगरपालिका विशेष सावधानी बरत रही है। यदि किसी पेड़ में अंदरूनी सड़न या संरचनात्मक कमजोरी पाई जाती है तो वृक्ष प्राधिकरण समिति की मंजूरी के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाती है। उन्होंने बताया कि पायलट परियोजना की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद इस वैज्ञानिक कार्यप्रणाली को मुंबई के अन्य क्षेत्रों में भी चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना है।

मुंबई में करीब 30 लाख पेड़

मुंबई देश के सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व वाले शहरों में शामिल है। वर्ष 2019 की वृक्ष गणना के अनुसार शहर में लगभग 30 लाख पेड़ हैं। समुद्र तटीय शहर होने के कारण मानसून के दौरान तेज हवाओं का प्रभाव अधिक रहता है, जिससे पेड़ उखड़ने और शाखाएं टूटने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। सरकार के अनुसार वर्ष 2025 के मानसून में मुंबई में 655 पेड़ उखड़कर गिरे तथा 1 हजार 930 शाखाएं टूटने की घटनाएं दर्ज की गई थीं। वहीं 2026 के मानसून में अभी तक कुल 830 पेड़ गिरने और 1 हजार 323 शाखाएं टूटने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।बीएमसी द्वारा प्रत्येक वर्ष अप्रैल और मई में 'वृक्ष संजीवनी' अभियान चलाया जाता है। इस अभियान में पेड़ों के आसपास बने कंक्रीट को हटाकर जड़ों को पर्याप्त हवा और पानी उपलब्ध कराने का कार्य किया जाता है। आंकड़ों के मुताबिक 1 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 के दौरान इस अभियान के तहत 1 हजार 71 पेड़ों के आसपास से कंक्रीट हटाया गया।

Created On :   8 July 2026 10:23 PM IST

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