- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- मुंबई
- /
- सामान्य-प्रशासन विधेयक 2026 विधेयक...
New Delhi News: सामान्य-प्रशासन विधेयक 2026 विधेयक को सीएपीएफ बनाम आईपीएस के रूप में पेश करना गलत - गोपछडे

New Delhi News. भाजपा सांसद अजित गोपछडे ने बुधवार को राज्यसभा में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल में सुधार संबंधित सीएपीएफ (सामान्य-प्रशासन) विधेयक, 2026 पर हो रही चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि वर्तमान में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) का प्रशासनिक ढांचा अत्यंत बिखरा हुआ है। विभिन्न सीएपीएफ अलग-अलग कार्यकारी आदेशों,परिपत्रों, सरकारी निर्णयों और बल-विशिष्ट नियमों के आधार पर संचालित होते हैं।
इसके कारण सेवा शर्तों में असमानता, पदोन्नति में अस्पष्टता और शिकायत निवारण की असमान व्यवस्था जैसी समस्याएं उत्पन्न होती रही हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान बहस को सीएपीएफ बनाम आईपीएस के रूप में पेश किया जा रहा है, जो सही नहीं है। यह विधेयक किसी एक सेवा को कमजोर करने के बजाय, संस्थागत दक्षता और सेवा न्याय के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास करता है।
अजित गोपछडे ने कहा कि देश में लगभग 4,594 आईपीएस अधिकारी हैं, जिनमें से लगभग 40 प्रतिशत केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए निर्धारित हैं, जबकि वास्तविक उपलब्धता इससे कम रहती है। सीएपीएफ में आईपीएस के लगभग 213 स्वीकृत पद हैं। इसके विपरीत, सीएपीएफ में लगभग 10 लाख कर्मी और लगभग 13,000 ग्रुप ‘ए’ अधिकारी कार्यरत हैं।
इससे स्पष्ट है कि यह बहस किसी सेवा के प्रभुत्व की नहीं, बल्कि एक विशाल सुरक्षा तंत्र में प्रभावी नेतृत्व और समन्वय सुनिश्चित करने की है। उन्होंने कहा कि सीएपीएफ (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 इस मूल समस्या का समाधान करते हुए एक समान, समन्वित और विधिक रूप से संहिताबद्ध प्रणाली स्थापित करता है,जो सभी केंद्रीय सशस्त्र बलों पर लागू होगी।
Created On :   1 April 2026 6:09 PM IST









