महाराष्ट्र की झलक: नवीकरणीय ऊर्जा में देश में दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र, परियोजनाओं की वर्चुअल सैर बनी आकर्षण

नवीकरणीय ऊर्जा में देश में दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र, परियोजनाओं की वर्चुअल सैर बनी आकर्षण
  • वर्चुअल सैर कर समझ और देख रहे ऊर्जा परियोजनाएं
  • नवीकरणीय ऊर्जा में देश में दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली. ऐतिहासिक किलों की सांस्कृतिक विरासत और हरित ऊर्जा की ओर बढ़ते महाराष्ट्र की झलक पेश कर रहा राज्य का ऊर्जा पवेलियन दर्शकों को आकर्षित कर रहा है। भारत मंडपम में 2 से 5 नवंबर तक आयोजित ‘भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट–2026’ में महाराष्ट्र ‘फोकस स्टेट’ के रूप में शामिल हुआ है। पवेलियन में डिजिटल प्रस्तुतियों और आधुनिक तकनीक के जरिए राज्य की ऊर्जा योजनाओं, परियोजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी जा रही है।

केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और संबंधित मंत्रियों की मौजूदगी में आयोजित सम्मेलन में घोषणा की कि नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में गुजरात के बाद महाराष्ट्र देश में दूसरे स्थान पर है। इस घोषणा के बीच महाराष्ट्र का ऊर्जा पवेलियन राज्य की हरित ऊर्जा संबंधी पहल को जानने का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। महाराष्ट्र की ऊर्जा राज्यमंत्री मेघना साकोरे-बोर्डीकर, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव एवं महावितरण के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक लोकेश चंद्रा, महानिर्मिति के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. राधाकृष्णन बी. और महाऊर्जा के महानिदेशक ओमप्रकाश बकोरिया ने पवेलियन का दौरा कर प्रस्तुतियों की सराहना की।

वर्चुअल सैर कर समझ और देख रहे ऊर्जा परियोजनाएं

पवेलियन का ‘इमर्सिव वर्चुअल रियलिटी जोन’ दर्शकों के लिए खास आकर्षण बना हुआ है। यहां घाटघर पंप्ड स्टोरेज जलविद्युत परियोजना, मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना 2.0, ‘मागेल त्याला सौर कृषिपंप योजना’ और सिन्नर सौर ऊर्जा परियोजना की वर्चुअल सैर का अनुभव मिल रहा है। ऑडियो-विजुअल प्रस्तुतियों और इंटरैक्टिव डिजिटल माध्यमों से चारों संस्थाओं की उपलब्धियां दिखाई जा रही हैं। महाराष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी सजावट, आधुनिक तकनीक और जानकारी की सहज प्रस्तुति दर्शकों को लुभा रही है। पवेलियन के सेल्फी बूथ पर भी लोग उत्साह से तस्वीरें खिंचवा रहे हैं

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