Mumbai News: 26 जुलाई के संयुक्त मार्च से पहले शिवसेना (उद्धव) और मनसे ने बनाई संयुक्त रणनीति

26 जुलाई के संयुक्त मार्च से पहले शिवसेना (उद्धव) और मनसे ने बनाई संयुक्त रणनीति
असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए 10 सदस्यीय टीम गठित

Mumbai News 26 जुलाई को प्रस्तावित शिवसेना (उद्धव) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के संयुक्त मार्च को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए दोनों दलों ने व्यापक रणनीति तैयार की है। सूत्रों के मुताबिक मार्च के दौरान माहौल बिगाड़ने की कोशिश को रोकने के लिए दोनों दलों ने अपने-अपने वरिष्ठ नेताओं की एक संयुक्त निगरानी टीम बनाई है। इस टीम में शिवसेना (उद्धव) और मनसे के पांच-पांच वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है। कुल 10 सदस्यीय इस समन्वय टीम का नेतृत्व आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे करेंगे। टीम का मुख्य उद्देश्य मार्च के दौरान मौजूद रहकर उन असामाजिक तत्वों पर नजर रखना होगा, जो प्रदर्शन में शामिल होकर किसी प्रकार की अशांति फैलाने या आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश कर सकते हैं। यह मार्च शिवाजी पार्क मैदान से सिद्धिविनायक मंदिर तक निकलेगा।

मार्च को लेकर दोनों दल सतर्क : बताया जा रहा है कि संयुक्त मार्च में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और नागरिकों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए दोनों दल किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचना चाहते हैं। इसी वजह से यह संयुक्त टीम पूरे मार्च के दौरान सक्रिय रहेगी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेगी। यदि कोई व्यक्ति माहौल बिगाड़ने की कोशिश करता है तो उसकी जानकारी तत्काल पार्टी नेतृत्व और संबंधित नेताओं तक पहुंचाई जाएगी।

उद्धव और राज ठाकरे ने पहले ही दी थी खुली चेतावनी : इससे पहले संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवसेना (उद्धव) पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने सत्ताधारी दलों को खुली चेतावनी दी थी। दोनों नेताओं ने कहा था कि दिल्ली में छात्रों के आंदोलन के दौरान जिस तरह कथित तौर पर बाहरी तत्वों को भेजकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया गया, वैसी किसी भी कोशिश को महाराष्ट्र में सफल नहीं होने दी जाएगी। ठाकरे बंधुओं ने आरोप लगाया था कि दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान सत्ता पक्ष के कार्यकर्ताओं ने आंदोलन में शामिल होकर उत्पात मचाने का प्रयास किया। उन्होंने दावा किया था कि ऐसी रणनीति यदि मुंबई के संयुक्त मार्च में अपनाई गई तो दोनों दल पूरी सतर्कता के साथ उसका जवाब देंगे।

शांतिपूर्ण मार्च पर रहेगा पूरा फोकस : दोनों दलों ने अपने कार्यकर्ताओं को भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी उकसावे में न आएं और मार्च को पूरी तरह शांतिपूर्ण रखा जाए। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि यदि कोई बाहरी या असामाजिक तत्व आंदोलन की आड़ में अशांति फैलाने की कोशिश करता है तो उसे तुरंत चिन्हित कर पुलिस को दिया जाएगा। 26 जुलाई का यह संयुक्त मार्च राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि बीएमसी चुनाव के बाद उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साझा मंच पर किसी बड़े जन आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं।


Created On :   24 July 2026 7:52 PM IST

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