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संसद में महाराष्ट्र: 4,941 हेक्टेयर वन भूमि हुई गैर-वानिकी के लिए डायवर्ट, स्वच्छ भारत मिशन के तहत 3758 करोड़ से ज्यादा राशि आवंटित, परभणी-यवतमाल-वाशिम में 7 लाख से ज्यादा नल कनेक्शन

- पांच साल में एक लाख हेक्टेयर वन भूमि गैर-वन कामों के लिए दी गई
- केन्द्रीय पर्यावरण एवं वन राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने गुरूवार को राज्यसभा
- स्वच्छ भारत मिशन- शहरी 2.0 के तहत महाराष्ट्र को 3758 करोड़ से ज्यादा की धनराशि आवंटित
- परभणी में 3.70 और यवतमाल-वाशिम में 3.81 लाख से ज्यादा कनेक्शन
New Delhi News. केन्द्र सरकार ने कहा है कि पिछले 5 वर्षों के दौरान देश में 1,05,594 हेक्टेयर वन भूमि को गैर-वानिकी उद्देश्यों के लिए परिवर्तित किया गया है। यह बदलाव वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 के प्रावधानों के अंतर्गत किया गया है। हालांकि भारत वन स्थिति रिपोर्ट (आईएसएफआर), 2023 के अनुसार देश के कुल वन एवं वृक्ष आवरण में 1,446 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुई है। यह जानकारी केन्द्रीय पर्यावरण एवं वन राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने गुरूवार को राज्यसभा में दी। उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल 2021 से 31 मार्च 2026 के दौरान देश में 1,05,594 हेक्टेयर वन भूमि को गैर-वानिकी उद्देश्यों के लिए डायवर्ट किया गया है। इनमें महाराष्ट्र में 4,941 और मध्यप्रदेश में 24969 हेक्टेयर वन भूमि का गैर-वानिकी प्रयोजन हेतु बदलाव किया गया है। उन्होंने बताया कि जहां वन भूमि का परिवर्तन अपरिहार्य है, वहां ऐसी वन भूमि के उपयोग के लिए केन्द्र सरकार की पूर्व स्वीकृति विभिन्न शर्त्तों एवं शमन उपायों के अध्यधीन होती है। इनमें परिवर्तित की जा रही वन भूमि के बदले प्रतिपूरक वनीकरण करना, शुद्ध वर्तमान मूल्य का भुगतान, मृदा एवं नमी संरक्षण उपाय, वन्यजीव प्रबंधन योजनाएं तथा जलग्रहण क्षेत्र उपचार योजनाएं, जहां लागू हों, शामिल हैं। सिंह ने बताया कि आईएसएफआर 2023 के मुताबिक देश का कुल वन एवं वृक्ष आवरण 8,27,357 वर्ग किलोमीटर है, जो देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 25.17 प्रतिशत है। यह आईएसएफआर, 2021 के पिछले आकलन की तुलना में देश के वन एवं वृक्ष आवरण में 1,445.81 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। मंत्री ने बताया कि आईएसएफआर, 2023 के अनुसार देश का कुल कार्बन भंडार 7,285 मिलियन टन आंका गया है। यह पिछले आकलन की तुलना में 81.5 मिलियन टन कार्बन भंडार की वृद्धि है।
स्वच्छ भारत मिशन- शहरी 2.0 के तहत महाराष्ट्र को 3758 करोड़ से ज्यादा की धनराशि आवंटितः केंद्र
केंद्र सरकार ने ठोस शहरी अपशिष्ट प्रबंधन के लिए स्वच्छ भारत मिशन- शहरी 2.0 (एसबीएम-यू 2.0) के तहत मालेगांव नगर निगम सहित महाराष्ट्र राज्य को केंद्रीय हिस्से के रूप में 3758.50 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। जिनमें से 3731.09 करोड़ रुपए की केंद्रीय हिस्से वाली कार्य योजनाएं अनुमोदित की गई हैं और महाराष्ट्र सरकार द्वारा अब तक 1079.8 करोड़ रुपए का दावा किया गया है। लोकसभा में आवासन शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने गुरुवार को यह जानकारी दी। धुलिया से लोकसभा सदस्य शोभा बच्छाव के पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में साहू ने बताया कि 15वें वित्त आयोग के तहत 10 लाख और उससे अधिक आबादी वाले शहरों को स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर सेवा स्तर के बेंचमार्क को पूरा करने के लिए 5 साल की अवधि में 13,029 करोड़ रुपए का चैलेंज फंड प्रदान किया जाता है। इसके अलावा, 10 लाख से कम आबादी वाले यूएलबी के लिए 82,859 करोड़ रुपए के कुल अनुदान में से 40 प्रतिशत अनुदान अबद्ध है, जबकि 60 प्रतिशत अनुदान स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सहित राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के जुड़ा हुआ है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चूंकि स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन राज्य का विषय है, इसलिए मालेगांव नगर निगम सहित अलग-अलग नगर निगमों द्वारा किए जाने वाले निधियों के उपयोग की दैनिक निगरानी की जिम्मेदारी राज्य महाराष्ट्र सरकार की है।
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परभणी में 3.70 और यवतमाल-वाशिम में 3.81 लाख से ज्यादा कनेक्शन
केंद्र सरकार ने कहा है कि जल जीवन मिशन की शुरुआत के बाद से ग्रामीण परिवारों की नल जल तक पहुंच बढ़ाने की दिशा में महाराष्ट्र राज्य में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। अगस्त 2019 में मिशन की शुरुआत के समय में राज्य में केवल 48.43 लाख ग्रामीण परिवारों के पास नल जल कनेक्शन होने की सूचना थी। महाराष्ट्र सरकार द्वारा दी गई सूचना के अनुसार, राज्य के 146.77 लाख ग्रामीण परिवारों में से 132.93 लाख से अधिक परिवारों के पास उनके घरों में नल जल कनेक्शन है। केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने गुरुवार को लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान यह जानकारी दी। लोकसभा सदस्य संजय जाधव और संजय देशमुख के पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में सोमन्ना ने बताया कि परभणी लोकसभा क्षेत्र में कुल 3,95,622 परिवार हैं। इसमें से 3,70,644 परिवारों में नल जल कनेक्शन है। जबकि यवतमाल-वाशिम लोकसभा क्षेत्र में 4,50, 630 परिवार हैं, जिनमें से 3,81,589 परिवारों के पास नल जल कनेक्शन है।
Created On :   30 July 2026 7:20 PM IST







