Digital Satyagraha: राहुल गांधी के 'डिजिटल सत्याग्रह' पर चिराग पासवान ने ली चुटकी, कांग्रेस नेता को दी ये नसीहत

डिजिटल डेस्क, रायपुर। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान रविवार को छत्तीसगढ़ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के डिजिटल सत्याग्रह प्लेटफॉर्म पर तंज कसा। उन्होंने कांग्रेस नेता को नसीहत देते हुए कहा कि कि जनता आपको नकार रही है। इस बात को समझने के लिए सत्याग्रह नहीं, आत्म मंथन करने की जरूरत है।
चिराग पासवान ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
चिराग पासवान ने कहा कि यह अच्छी बात है। मैंने हमेशा युवाओं और हमारे भारतीय नागरिकों को अपनी बात रखने के लिए ज्यादा से ज्यादा प्लेटफॉर्मम देने की वकालत की है। इसी सोच के साथ राहुल गांधी ने सत्याग्रह शुरू किया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'नाम तो अच्छा चुना गया है, लेकिन विपक्ष की आदत हो गई है, कि वे बार-बार झूठ और भ्रम फैलाते हैं। मुद्दों को उठाना और फिर उन्हें बीच में ही छोड़ देना, ईवीएम से लेकर एसआईआर तक हर चीज के बारे में जनता के बीच भ्रम फैलाना। असलियत यह है कि जनता आपको नकार रही है। यह बात आपको सत्याग्रह से नहीं बल्कि आत्म मंथन से समझ आएगी।'
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एसआईआर को लेकर विपक्ष पर बोला हमला
इसके अलावा पासवान ने कहा, 'आप चुनाव जीत जाते हैं, तो वहां का एसआईआर सही रहता है। वहीं, अगर हम लोग के सांसद जीतते हैं, तो गलत हो जाता है। जहां पर हमारी सरकार जीतकर आती है, वहां पर एसआईआर की गड़बड़ी होती है। लेकिन जिन राज्यों में आपके मुख्यमंत्री हैं, तेलंगाना, कर्नाटक, हिमाचल, वहां एसआईआर सही रहता है। सत्याग्रह सोच अच्छी है। सत्य बोलें। विपक्ष झूठ बोल-बोलकर, लोगों को भ्रमित न करें।'
इतना ही नहीं, बल्कि चिराग पासवान ने मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने देश के चुनावों को गैरकानूनी करार दिया है। इसपर पासवान ने कहा है कि अगर चुनाव गैरकानूनी हैं तो उसे रद्द करवाएं। आदरणीय खरगे साहब के अनुभव की तुलना किसी से नहीं की जा सकती। उसके बावजूद भी अगर उन्हें लगता है कि गैरकानूनी हैं, तो रद्द करवाएं। लेकिन उससे पहले अपने ही सांसदों से पूछे कि वो इसके लिए तैयार हैं। जिन राज्यों में इनकी सरकारें हैं, उनके मुख्यमंत्रियों से पूछे कि वो तैयार हैं।
चिराग ने कहा, 'अगर इनके सांसद, मुख्यमंत्री एक साथ हैं, तो इसकी शिकायत चुनाव आयोग से करें। लेकिन विरोध इनके अंदर ही आएगा। अगर वो इस सोच को आगे लेकर बढ़ने की कोशिश करेंगे। इसके अलावा उन्होने आरक्षण विवाद पर कहा है कि यह एक अधिकार है। इसपर किसी तरह के विवाद की कोई गुंजाइश ही नहीं।'
Created On :   4 Oct 2026 5:29 PM IST












