बॉम्बे हाई कोर्ट: महाराष्ट्र पुलिस शिकायत प्राधिकरण में खाली पदों के मामले में राज्य सरकार की मंशा पर उठाए सवाल

महाराष्ट्र पुलिस शिकायत प्राधिकरण में खाली पदों के मामले में राज्य सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
  • अदालत ने सरकार से चेयरमैन और सिविल सोसायटी के सदस्यों की नियुक्ति को लेकर मांगा जवाब
  • कब तक एसपीसीए के खाली पड़े चेयरमैन और सिविल सोसायटी के सदस्यों के पदों पर नियुक्ति की जाएगी ?

डिजिटल डेस्क, मुंबई. बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र पुलिस शिकायत प्राधिकरण (एसपीसीए) में खाली पदों को भरने के मामले में राज्य सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए पूछा कि कब तक एसपीसीए के खाली पड़े चेयरमैन और सिविल सोसायटी के सदस्यों के पदों पर नियुक्ति की जाएगी। पहले से ही 25 पदों में से कई पद भरे नहीं गए है। इस साल 17 मई से चेयरमैन का पद पर भी खाली पड़ा हुआ है। यदि सरकार इसको लेकर गंभीर होती, तो वर्ष 2014 में बनाए गए एसपीसीए के सभी पदों को भरा नहीं गया।

न्यायमूर्ति अजय गडकरी और न्यायमूर्ति कमल खाता की पीठ के समक्ष सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर की ओर से विनोद सांगवीकर की दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान पाटकर की ओर से पेश वकील यशोदीप देशमुख ने दलील दी कि प्रकाश सिंह मामले में सुप्रीम कोर्ट के सितंबर 2006 के निर्देश के बाद राज्य सरकार ने 25 जून 2014 को एसपीसीए बनाए थे। इसे काम करने और बनाए रखने के लिए सभी चेयरमैन समेत सभी पदों पर नियुक्ति करना और सभी सुविधाएं देना जरूरी है। 17 मई 2026 से इसके चेयरमैन पर पद रिक्त है। एसपीसीए के 25 पदों में से अनुबंध के आधार पर कुछ सदस्यों की नियुक्ति की गई है। सिविल सोसायटी के सदस्यों की भी नियुक्ति नहीं की गई है। इस वजह से नागरिक या पीड़ित पुलिस के अत्याचार, ज्यादती या भ्रष्टाचार के मामलों में न्याय पाने के अपने अहम कानूनी अधिकार से वंचित रह जाते हैं। पीठ ने राज्य सरकार से एसपीसीए के चेयरमैन समेत सभी 25 पदों को भरने को लेकर जवाब मांगा है।

याचिका में दावा किया गया है कि सिविल सोसायटी के सदस्यों की नियुक्ति नहीं किए जाने का असर "गरीब पीड़ितों की आवाज दबाने’ जैसा होता है। एसपीसीए तक पहुंचने के लिए जरूरी संसाधन और हिम्मत नहीं जुटा पाते, क्योंकि यह जगह दूर है, वहां पहुंचना मुश्किल है और ऑनलाइन शिकायत करने की कोई सुविधा भी नहीं है। फरवरी 2022 में पाटकर ने सरकार को पत्र लिखा था, लेकिन उसका कोई नतीजा नहीं निकला। उनकी पीआईएल में मांग की गई है कि एसपीसीए में खाली पदों को "तय समय-सीमा के भीतर भरा जाए और खासकर सदस्यों के पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए।

Created On :   12 Oct 2026 8:47 PM IST

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