यादगार सफर: दूसरों के चेहरों पर मुस्कान लाने निकले 2 सौ आदिवासी विद्यार्थी, गणेश टेकड़ी के दर्शन के साथ हुआ सफर का समापन

दूसरों के चेहरों पर मुस्कान लाने निकले 2 सौ आदिवासी विद्यार्थी, गणेश टेकड़ी के दर्शन के साथ हुआ सफर का समापन
  • पहली बार मेट्रो में बैठे तो खिल उठे चेहरे, महाराजबाग की सैर ने बढ़ाया उत्साह
  • गोडरेज आनंदम में आत्मीय स्वागत, भोजन के साथ जादू का कार्यक्रम और सरप्राइज उपहार
  • गणेश टेकड़ी के दर्शन के साथ हुआ सफर का समापन, बोले- यह दिन कभी नहीं भूलेंगे

डिजिटल डेस्क, नागपुर. किसी के चेहरे पर खिली मुस्कान का कारण बनना शायद खुशी का सबसे सुंदर रूप है। इसी भाव को साकार करते हुए माँ (Maa) Group of Friends of Nagpur ने 20 सितंबर को करीब 200 आदिवासी विद्यार्थियों के लिए नागपुर की एक ऐसी सैर का आयोजन किया, जो उनके लिए महज पिकनिक नहीं, बल्कि जिंदगीभर संजोकर रखने वाली याद बन गई। गुरुकुल आश्रम, उदासा और देवलापार से आए इन विद्यार्थियों ने पूरे दिन नागपुर के प्रमुख स्थलों का भ्रमण किया और कई ऐसे अनुभव हासिल किए, जो शायद उनके लिए पहली बार थे।

दिन की शुरुआत उत्साह और कौतूहल के साथ हुई। विद्यार्थियों को पहली बार नागपुर मेट्रो में सफर करने का मौका मिला। जैसे ही मेट्रो ने रफ्तार पकड़ी, बच्चों के चेहरों पर खुशी देखते ही बन रही थी। कोई खिड़की से बाहर शहर को निहार रहा था तो कोई अपने इस अनोखे अनुभव को यादों में संजोने में व्यस्त था। इसके बाद विद्यार्थियों ने महाराजबाग का भ्रमण किया। वहां उन्होंने विभिन्न चीजों को करीब से देखा और दिन के आनंद को और बढ़ाया।

अपनत्व से परोसा नाश्ता, भोजन के साथ मिला मनोरंजन का उपहार

इस यात्रा में विद्यार्थियों के लिए केवल घूमने-फिरने की ही व्यवस्था नहीं की गई थी, बल्कि उनके आराम, भोजन और मनोरंजन का भी विशेष ध्यान रखा गया। गोडरेज आनंदम में ठक्कर ने स्वयं विद्यार्थियों को नाश्ता परोसा। उनके आत्मीय व्यवहार और अपनत्व भरे स्वागत ने बच्चों को भावुक कर दिया। उन्हें ऐसा महसूस हुआ, जैसे वे किसी अपने के घर आए हों।

दोपहर के भोजन की व्यवस्था होटल द्वारकामाई में की गई थी। स्वादिष्ट भोजन के साथ विद्यार्थियों के मनोरंजन के लिए जादू का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने खूब आनंद लिया। उनके लिए सरप्राइज उपहार भी रखे गए थे, जिन्हें पाकर विद्यार्थियों की खुशी और बढ़ गई। इस आत्मीय आयोजन के लिए द्वारकामाई परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

गणेश टेकड़ी के दर्शन के साथ यादों में बस गया पूरा दिन

दिनभर की भागदौड़, मौज-मस्ती और नए अनुभवों के बाद विद्यार्थियों को गणेश टेकड़ी के दर्शन कराए गए। सुबह मेट्रो के रोमांच से शुरू हुआ सफर शाम तक आस्था और आनंद के खूबसूरत संगम में बदल गया। पूरे दिन बच्चों के चेहरों पर उत्साह, जिज्ञासा और संतोष साफ दिखाई देता रहा।

यात्रा समाप्त होने पर विद्यार्थियों ने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि नागपुर की यह सैर उनके लिए बेहद खास रही। पहली बार मेट्रो में बैठना, महाराजबाग घूमना, स्वादिष्ट भोजन करना, जादू का कार्यक्रम देखना और गणेश टेकड़ी के दर्शन करना—इन सभी अनुभवों को वे लंबे समय तक याद रखेंगे। कई विद्यार्थियों ने कहा कि “यह दिन हम कभी नहीं भूलेंगे।”

इस पहल के माध्यम से माँ Group of Friends of Nagpur ने यह संदेश दिया कि खुशी केवल अपने लिए जीने में नहीं, बल्कि किसी दूसरे के चेहरे पर मुस्कान लाने में भी है। समूह के सदस्यों ने भविष्य में भी जरूरतमंद और वंचित बच्चों के लिए ऐसे सामाजिक उपक्रम जारी रखने का संकल्प लिया। बच्चों के चेहरों पर नजर आई खुशी और संतोष ही इस पूरे आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि बन गई।

Created On :   21 Sept 2026 8:30 PM IST

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