पड़ताल: चालान और एम-परिवहन के नाम पर भेजी APK फाइल, तीन भाइयों को 5 लाख 88 हजार का लगाया चूना

चालान और एम-परिवहन के नाम पर भेजी APK फाइल, तीन भाइयों को 5 लाख 88 हजार का लगाया चूना
  • फर्जी मैसेज के जरिए मोबाइल हैक कर साइबर ठगी
  • व्यापारी के बेटे और दो भतीजों के खातों से निकाली रकम
  • लकड़गंज थाने में मामला दर्ज

डिजिटल डेस्क, नागपुर। साइबर अपराधियों ने ठगी के लिए नए-नए तरीके खोज निकाले हैं। अब वाहन चालान की कार्रवाई के नाम पर लोगों के मोबाइल पर APK फाइल भेजकर उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। इसी तरह की एक घटना में साइबर अपराधियों ने व्यापारी के बेटे और 2 भतीजों के खातों से 5 लाख 88 हजार रुपये निकाल लिए। लकड़गंज पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। आरोपी का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।

परिचित के मोबाइल नंबर से भेजा फर्जी मैसेज

वर्धमान नगर निवासी सुभाष झाम (78) का टेक्सटाइल और वस्त्र भंडार है। यह घटना 16 से 27 अक्टूबर के बीच हुई। जानकारी के अनुसार, एक शातिर साइबर अपराधी ने मोबाइल हैक कर सुभाष को उनके परिचित सुनील अग्रवाल के मोबाइल नंबर से मैसेज भेजा। मैसेज में वाहन पर चालान होने की जानकारी दी गई थी। इसके साथ ही 'एम-परिवहन' के नाम से एक APK फाइल भेजी गई थी। सुभाष ने इस फाइल को खोल लिया।

फाइल खोलते ही खातों से निकले लाखों रुपये

APK फाइल खोलने के बाद मोबाइल पर कुछ भी दिखाई नहीं दिया। इससे सुभाष को संदेह नहीं हुआ और उन्होंने इस ओर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। इसी बीच 22 अक्टूबर को उनके बेटे और 2 भतीजों के बैंक खातों से कुल 5 लाख 88 हजार रुपये डेबिट होने के मैसेज आए। इसके बाद मोबाइल हैक कर साइबर ठगी किए जाने का खुलासा हुआ।

लकड़गंज पुलिस कर रही जांच

घटना के सामने आने के बाद लकड़गंज पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, अभी तक आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

साइबर ठगी से बचने के लिए बरतें सावधानी

वाहन चालान या परिवहन विभाग के नाम पर आए किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल को खोलने से बचें। केवल आधिकारिक माध्यमों से ही चालान की जानकारी जांचें। किसी परिचित के मोबाइल नंबर से संदिग्ध मैसेज आने पर भी उसकी पुष्टि फोन करके करें। APK फाइल डाउनलोड करने से मोबाइल में मौजूद निजी जानकारी और बैंकिंग संबंधी विवरण साइबर अपराधियों के हाथ लग सकते हैं।

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