अंडों में महंगाई का उबाल: सप्ताहभर में 33% महंगे हुए अंडे, चिल्लर में 8 रुपये का है एक, सप्ताहभर पहले था 6 रुपये भाव

सप्ताहभर में 33% महंगे हुए अंडे, चिल्लर में 8 रुपये का है एक, सप्ताहभर पहले था 6 रुपये भाव
  • सर्दियों में बढ़ेगी मांग, चारे और परिवहन की लागत ने भी बढ़ाया दबाव
  • नागपुर में रोजाना 10 से 12 लाख अंडों की खपत
  • पीक सीजन में 15 लाख तक पहुंचने का अनुमान
  • दिवाली के बाद 10 रुपये तक पहुंचने की आशंका

डिजिटल डेस्क, नागपुर. सर्दियों की दस्तक के साथ ही अंडों की कीमतों में तेजी आने लगी है। एक सप्ताह पहले तक चिल्लर बाजार में 6 रुपये प्रति नग बिकने वाला अंडा अब 8 रुपये तक पहुंच गया है। इस तरह सप्ताहभर में कीमत में करीब 33% की बढ़ोतरी हुई है। मांग और उत्पादन लागत का दबाव बना रहा तो दिवाली के बाद चिल्लर बाजार में एक अंडे का भाव 10 रुपये तक पहुंच सकता है। ऐसे में सर्दियों में अंडे खाने के शौकीनों को अब अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ सकती है।


दिवाली के बाद 10 रुपये तक जा सकता है भाव

महात्मा फुले बाजार के अंडा कारोबारी गुलाम रसूल का कहना है कि एक सप्ताह पहले अंडा 6 रुपये में बिक रहा था, लेकिन अब चिल्लर बाजार में इसकी कीमत 8 रुपये हो गई है। सर्दियों में अंडों की मांग बढ़ने से कीमतों में तेजी आती है। इस वर्ष अंडों का उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। चारे से लेकर परिवहन तक की लागत बढ़ रही है। आने वाले समय में भी यही स्थिति बनी रही तो दिवाली के बाद एक अंडे का भाव 10 रुपये तक पहुंच सकता है।

थोक बाजार में 7.50 रुपये तक पहुंचा भाव

महात्मा फुले थोक बाजार के एक अंडा कारोबारी के मुताबिक, थोक बाजार में अंडे की कीमत बढ़कर 7.50 रुपये प्रति नग तक पहुंच गई है। सितंबर में यही अंडा करीब 5 रुपये में बिक रहा था। ठंड बढ़ने के साथ मांग में और तेजी आने की संभावना है। फिलहाल, चिल्लर बाजार में कीमत अलग-अलग इलाकों और दुकानदारों के हिसाब से बदल रही है। अधिकांश जगहों पर एक अंडा 8 रुपये में बेचा जा रहा है।

गर्मियों में घटती है खपत, सर्दियों में बढ़ती है मांग

अंडा कारोबारी के अनुसार, नागपुर में सामान्य दिनों में प्रतिदिन करीब 10 से 12 लाख अंडों की खपत होती है। गर्मियों में यह घटकर 8 से 9 लाख अंडे रह जाती है, जबकि सर्दियों के पीक सीजन में मांग बढ़कर प्रतिदिन 15 लाख अंडों तक पहुंचने का अनुमान है। थोक बाजार में रोजाना करीब 15 से 16 लाख अंडों की आवक होती है। इनमें से लगभग 10 लाख अंडे नागपुर में खपते हैं, जबकि शेष अंडे भंडारा, वर्धा और चंद्रपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में भेजे जाते हैं। सर्दियों में मांग बढ़ने के कारण बाजार में कीमतों पर दबाव बढ़ने की संभावना है।


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चारे से लेकर परिवहन तक की लागत बढ़ी

अंडों की कीमतों में तेजी के पीछे मौसमी मांग के साथ उत्पादन लागत में बढ़ोतरी भी एक प्रमुख वजह है। राज्य में सूखे जैसे हालात के कारण मक्का और सोयाबीन के उत्पादन पर असर पड़ा है। इन दोनों फसलों का इस्तेमाल मुर्गियों के चारे के रूप में किया जाता है। चारे की उपलब्धता और उसकी कीमतों में बदलाव का सीधा असर पोल्ट्री उत्पादन की लागत पर पड़ता है।

इसके अलावा, ईंधन और परिवहन खर्च बढ़ने से भी अंडों की लागत प्रभावित हो रही है। सर्दियों में मांग बढ़ने पर आपूर्ति पर दबाव और बढ़ सकता है। कारोबारियों का अनुमान है कि मौजूदा स्थिति बनी रही तो दिवाली के बाद चिल्लर बाजार में एक अंडे की कीमत 10 रुपये तक पहुंच सकती है।


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