Nagpur News: पश्चिम एशिया संकट पर भारी पड़ा नागपुरियों का जोश, पूर्वी एशिया और कश्मीर पहली पसंद

पश्चिम एशिया संकट पर भारी पड़ा नागपुरियों का जोश, पूर्वी एशिया और कश्मीर पहली पसंद
सुरक्षित देशों को दे रहे हैं प्राथमिकता पर्यटन बाजार में उछाल

Nagpur News पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी तनाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बावजूद नागपुर के पर्यटकों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। हालांकि युद्ध के चलते हवाई मार्गों में बदलाव और किराए में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन संतरा नगरी के टूरिस्ट्स ने अपना रुख सुरक्षित देशों और घरेलू पर्यटन की ओर मोड़ दिया है।

बुकिंग का ग्राफ काफी ऊपर : स्थानीय ट्रैवल ऑपरेटरों के अनुसार, समर वेकेशन के लिए बुकिंग का ग्राफ काफी ऊपर जाता दिख रहा है। पर्यटक अब पश्चिम एशिया के अनिश्चित माहौल से बचकर सुरक्षित विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। यही कारण है कि साउथ-ईस्ट एशिया और भारत के ठंडे प्रदेशों में इस बार "बंपर सीजन' रहने की उम्मीद है। नागपुर के डॉ. बाबासाहब अांबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के हालिया आंकड़ों के अनुसार, हर महीने लगभग 2.8 लाख से 3 लाख यात्री यहां से आवाजाही कर रहे हैं। मई और जून के महीनों में, जब स्कूलों की छुट्टियां होती हैं, यह संख्या बढ़कर 3.5 लाख से 4 लाख प्रति माह तक पहुंचने का अनुमान है। इसमें केवल वेकेशन पर जाने वाले पर्यटक और उनके परिवार शामिल हैं। पूरे समर सीजन (अप्रैल के अंत से जून तक) में नागपुर और आसपास के विदर्भ क्षेत्र से लगभग 8 से 10 लाख लोगों के देश-विदेश की यात्रा करने की संभावना है (इसमें हवाई, रेल और सड़क मार्ग तीनों शामिल हैं)।

महंगाई पर भारी उत्साह : ट्रैवल विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के किराए में 15 से 25% तक की वृद्धि हुई है। इसके बावजूद, लोग परिवार के साथ छुट्टियां बिताने के अपने प्लान को कैंसिल करने के मूड में नहीं हैं। नागपुर के डॉ. बाबासाहब अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से कनेक्टिंग उड़ानों की संख्या बढ़ने का लाभ भी स्थानीय यात्रियों को मिल रहा है।

रूझान की पुष्टि करते आंकड़े : पिछले साल (2025) के आंकड़ों पर नजर डालें तो नागपुर से पर्यटन के लिए निकलने वालों की संख्या में एक बड़ा उछाल दर्ज किया गया था। एयरपोर्ट और ट्रेवल इंडस्ट्री के डेटा के अनुसार पिछले साल मई और जून के महीने में नागपुर के डॉ. बाबासाहब अांबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से प्रति माह औसतन 2.7 लाख से 2.9 लाख यात्रियों ने सफर किया था। अगर हम गर्मियों की पूरी छुट्टियों (15 अप्रैल से 15 जून 2025) की बात करें, तो लगभग 5.5 लाख से 6 लाख लोग केवल हवाई मार्ग से नागपुर से बाहर गए या वापस आए। 2024 के मुकाबले 2025 में यात्रियों की संख्या में लगभग 7% से 10% की वृद्धि देखी गई थी। जनवरी से नवंबर 2025 के बीच कुल 26.85 लाख यात्रियों ने नागपुर एयरपोर्ट का इस्तेमाल किया था।

बढ़ाई फ्लाइट्स की संख्या : बढ़ती मांग को देखते हुए समर शेड्यूल में हैदराबाद के लिए 3, कोलकाता के लिए 2 और मुंबई-दिल्ली के लिए लगातार उड़ानों की व्यवस्था की गई है, जिससे यात्रियों की संख्या में पिछले साल के मुकाबले 15-20% का उछाल आया है। स्थानीय ट्रैवल एजेंसियों का कहना है कि इस बार लोग "लास्ट मिनट बुकिंग' के बजाय 2-3 महीने पहले ही पैकेज बुक कर चुके हैं, जिससे होटलों और फ्लाइट्स के दाम काफी बढ़ गए हैं।

फॉरेन टूर : जापान और साउथ कोरिया का बढ़ा क्रेज : ट्रैवल एजेंट इरशाद मेहंदी ने बताया कि खाड़ी देशों के हवाई क्षेत्र में तनाव को देखते हुए नागपुर के पर्यटक अब "ईस्टर्न सेक्टर' को प्राथमिकता दे रहे हैं। इस सीजन में जापान और साउथ कोरिया के लिए रिकॉर्ड पूछताछ देखी जा रही है। बजट और लग्जरी दोनों श्रेणियों में सिंगापुर, बैंकॉक (थाईलैंड) और बाली (इंडोनेशिया) अभी भी नागपुरियों की पहली पसंद बने हुए हैं। लंबी दूरी की यात्राओं में यूरोप की डिमांड बरकरार है, हालांकि यात्री अब उन उड़ानों को प्राथमिकता दे रहे हैं जो युद्ध प्रभावित क्षेत्रों के ऊपर से नहीं गुजरतीं।

डोमेस्टिक टूरिज्म : कश्मीर "नंबर वन' पर : देश के भीतर पर्यटन की बात करें तो कश्मीर इस समय मांग के मामले में सबसे ऊपर है। नागपुर से सीधी फ्लाइट्स और पैकेज की उपलब्धता ने इसे टॉप डेस्टिनेशन बना दिया है। शिमला और मनाली के लिए हमेशा की तरह भारी भीड़ है। एडवेंचर पसंद करने वाले लोग नॉर्थ ईस्ट (सिक्किम-गंगटोक) और अंडमान निकोबार के द्वीपों की ओर रुख कर रहे हैं। मानसून से पहले केरल के शांत समुद्री किनारों और बैकवाटर्स के लिए भी बड़ी संख्या में बुकिंग हुई है।


Created On :   8 April 2026 12:44 PM IST

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