Nagpur News: सरसंघचालक भागवत ने कहा- भारत शक्तिशाली होगा तो दुनिया को चलने का नया तरीका मिलेगा

सरसंघचालक भागवत ने कहा- भारत शक्तिशाली होगा तो दुनिया को चलने का नया तरीका मिलेगा
  • किया स्वबोध के आधार पर शक्तिमान बनने का आव्हान
  • संकट में भी स्वयं काे तैयार करने का कराया स्मरण
  • संघ के कार्यकर्ता विकास वर्ग द्वितीय प्रशिक्षिण शिविर का समापन

Nagpur News राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ.मोहन भागवत ने कहा है कि भारत के लिए विश्वगुरु बनने का समय आ गया है, लेकिन विश्वगुरु बनने की तैयारी बाकी है। उन्होंने कहा-भारत और भारतीयों को हर क्षेत्र में शक्तिशाली बनना होगा। दुनिया शक्ति की सुनती है। भारत शक्तिशाली होगा तो दुनिया को चलने का नया तरीका मिलेगा। युद्ध सहित अन्य स्थितियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि संकट में भी स्वयं को तैयार करना हमारी संस्कृति में शामिल है। किसी भी विषय में केवल नकारात्मक दृष्टि से देखना ठीक नहीं है।

संघ के कार्यकर्ता विकास वर्ग द्वितीय के प्रशिक्षण शिविर का समापन हुआ। इसी मौके पर रेशमबाग मैदान में आयोजित दीक्षांत कार्यक्रम में सरसंघचालक बोल रहे थे। जाने-माने उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला मुख्य अतिथि थे। सरसंघचालक डॉ.भागवत ने भरोसा व्यक्त किया कि दो-तीन दशक में भारत विश्व का मार्गदर्शक बन सकता है। उन्होंने कहा-अपना देश तब बड़ा होता है जब दुनिया को उसकी आवश्यकता पड़ती है। फिलहाल बल संपन्न लोग मनमानी करते हैं। शक्ति के कारण वे बम डाल देते हैं, तेल सप्लायी बंद कर देते हैं। भारत धर्मपरायण देश है। धर्मपरायणता के साथ वह शक्तिशाली बनकर दुनिया का नेतृत्व करेगा तो दुनिया को चलने का नया तरीका मिलेगा।

खास बातें _आमंत्रित अतिथि - भारत भूषण त्यागी, योगी भवनाथ महाराज, महाराजा गजसिंह, गोपाल मावजी गोरसिया, दिव्यम त्रिपाठी, गोविंद मावजी गोरसिया, भार्गव सुथार। पद्मश्री सत्यनारायण नुवाल, भाजपा के पूर्व संगठन मंत्री संजय जोशी भी थे। प्रशिक्षण शिविर के सर्वाधिकारी सरदार महेंद्रसिंह मग्गो ने शिविर की जानकारी दी। महानगर संघचालक राजेश लोया ने अतिथि परिचय कराया।

अशांति की करतूत : सरसंघचालक डाॅ. भागवत ने कहा कि भारत विकास की दिशा में आगे बढ़ तो रहा है, लेकिन उसमें कई बाधाएं है। समाज को अशांत करने की करतूत भी चल रही है। देश में अशांति फैलाने की परिस्थिति आप सभी के सामने है। ऐसे में आवश्यक यह है कि समाज का प्रत्येक नागरिक जागरुक हो। स्वबोध के साथ राष्ट्रसेवा का कार्य करनेवाले प्रत्येक नागरिक को हम स्वयंसेवक मानते हैं। आवश्यक नहीं है कि संघ की शाखाओं में जाकर ही स्वयंसेवक बनें। अच्छे कार्य करनेवाले कार्यकर्ताओं तक संघ पहुंचेगा। उन्होंने यह भी कहा- दर्शक मत बनिये, संघ में आईये,संघ को समझिये। स्व भाव के संस्कार के साथ राष्ट्रसेवा के भागीदार बनिये। इतिहास हमारा नाम भी न लें तो अच्छी बात है। संघ कार्य का श्रेय समाज हो ही दिया जाना चाहिए।

मजबूत उद्याेग की नींव पर देश का भविष्य : कुमार मंगलम बिड़ला : मुख्य अतिथि कुमार मंगलम बिड़ला ने आर्थिक और औद्योगिक क्षेत्र में सक्षम बनने का आवाहन किया। उन्होंने कहा कि मजबूत उद्योग की नींव पर देश का भविष्य है। उद्योग से देश बढ़ सकता है, बन सकता है। कंपनियों को बड़े राष्ट्रीय ध्येय से जुड़ना होगा। उन्होंने कहा कि भारतीय युवाओं के लिए विकास का सबसे सुनहरा समय है। युवा उद्यमी बनें। बिड़ला समूह के विविध कार्यों व प्रकल्पों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि संकट के समय चुनौती से सीख लेकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में उनके परिवार ने प्रत्येक दौर में कार्य किया है। प्रधानमंत्री देश के अमृतकाल की बात करते हैं। इस अमृतकाल में देश में विकास के प्रत्येक क्षेत्र में कार्य करने के लिए समाज को आगे आना होगा। संघ के बारे में सरसंघचालक डॉ.मोहन भागवत कहते हैं कि उसे समझने के लिए भीतर से देखना होगा। लेकिन हम मानते हैं कि बाहर से भी संघ जो दिखता है वह राष्ट्रसेवा की प्रेरणा है।


Created On :   5 Jun 2026 12:08 PM IST

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