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Nagpur News: स्वस्थ भारत ही विकसित भारत 2047 की नींव : डॉ. जितेंद्र सिंह

Nagpur News स्वस्थ भारत ही विकसित भारत 2047 की नींव है। स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार, फिट इंडिया अभियान, योग और ध्यान को अपनाने से ही स्वस्थ भारत होगा। मोटापे का प्रमाण घटाने के लिए खाद्य तेलों के उपयोग में 10 प्रतिशत तक कटौती जैसे उपाय करना जनस्वास्थ्य के लिए लाभदायी है। ऐसा विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा। शुक्रवार को नागपुर में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय ‘हेलो डायबिटीज एकेडेमिया इंटरनेशनल कॉन्क्लेव’ का शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि के रुप में डॉ. जितेंद्र सिंह ऑनलाइन उपस्थित हुए। उन्होंने ‘हार्ट टू हार्ट’ इंटरैक्टिव सत्र में उपस्थित प्रतिनिधियों से संवाद किया। उन्होंने स्वस्थ भारत के निर्माण को लेकर अपने विचार व्यक्त किये।
मधुमेह की रोकथाम व मोटापा प्रबंधन पर लक्ष्य : यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 19 से 21 जून तक रामदासपेठ स्थित होटल सेंटर पॉइंट में आयोजित किया गया है। सम्मेलन में देश-विदेश के 200 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फैकल्टी सदस्य तथा बड़ी संख्या में स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं। आयोजन अध्यक्ष डॉ. सुनील गुप्ता ने कहा कि शिक्षा ही एचडीए की मूल पहचान है। उन्होंने बताया कि कॉन्क्लेव के माध्यम से मधुमेह की रोकथाम, रिमिशन, मोटापा प्रबंधन और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
108 वैज्ञानिक व्याख्यान और 10 कार्यशालाएं : आयोजकों के अनुसार सम्मेलन में 10 हैंड्स-ऑन कार्यशालाएं, 5 प्रतिष्ठित ओरेशन और 108 से अधिक वैज्ञानिक व्याख्यान आयोजित किए गए हैं। सम्मेलन में 170 राष्ट्रीय और 140 क्षेत्रीय फैकल्टी सदस्य भाग ले रहे हैं। सम्मेलन में मोटापा, गर्भावधि मधुमेह (गेस्टेशनल डायबिटीज), हृदय रोगों के जोखिम प्रबंधन तथा अन्य मेटाबॉलिक विकारों जैसी चुनौतियों पर विशेषज्ञ चर्चा कर रहे हैं। रोगी शिक्षा, बहु-विषयक उपचार प्रणाली और वैज्ञानिक शोध को व्यवहारिक चिकित्सा में लागू करने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
22 भारतीय भाषाओं में शिक्षा सामग्री : टाइप वन डायबिटीज से पीड़ित बच्चों के लिए विशेष जेडी-कॉन सत्र का आयोजन किया जाएगा। यह सत्र टाइप वन डायबिटीज से प्रभावित बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए समर्पित है। इसमें करीब 250 बच्चों और उनके परिवारों की भागीदारी होने की संभावना है। कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें रोग प्रबंधन, परामर्श और आपसी सहयोग संबंधी जानकारी दी जाएगी। आयोजकों ने बताया कि मधुमेह जागरूकता और शिक्षा सामग्री को 22 भारतीय भाषाओं में तैयार की गई है। ताकि विभिन्न भाषा के समुदायों तक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्रभावी रूप से पहुंचाई जा सके। तीन दिवसीय सम्मेलन के दौरान कार्यशालाएं, वैज्ञानिक सत्र, शोध प्रस्तुतियां, पुरस्कार वितरण, दीक्षांत समारोह और विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियां आयोजित होगी।
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Created On :   20 Jun 2026 7:01 PM IST













