विपक्षी दल का तंज: फ्री ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा जवाबदेही से बचने की नौटंकी, योजना लागू करने की सरकार की क्षमता कम

New Delhi News. कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से छात्रों के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा तो कर दी है, लेकिन यह जवाबदेही से बचने की एक नौटंकी है और यह सरकार पहले ही दिखा चुकी है कि इस योजना को सफलतापूर्वक लागू करने की उसकी क्षमता बेहद कम है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने शुक्रवार को सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 17 जून 2026 को कोटा में आयोजित छात्रों की गूंज कार्यक्रम में आज शिक्षा के क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक उठाया था कि मुनाफा कमाने वाली कोचिंग इंडस्ट्री ने पब्लिक एजुकेशन सिस्टम की जगह ले ली है और आज भारतीय परिवार कोचिंग सेंटर पर भारत सरकार द्वारा शिक्षा में किए जाने वाले निवेश से 2.5 गुना अधिक खर्च कर रहे हैं।
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जयराम ने कहा कि राहुल गांधी के इसी खुलासे ने प्रधानमंत्री को बढ़ते पब्लिक प्रेशर से बचने की हताश कोशिश में 15 अगस्त को छात्रों के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा करने पर मजबूर किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय मंत्रालय को तीन वर्षों में 10,500 उम्मीदवारों को फ्री कोचिंग के लिए एनरोल करना था, लेकिन अब तक केवल 2,790 छात्रों को ही एनरोल किया गया है, जो लक्ष्य का महज 26 प्रतिशत है।
इस योजना का बजट हर साल कम हुआ है और पिछले वर्ष इस पर किया गया खर्च निर्धारित बजट के आधे से भी कम था। ये चौंकाने वाले तथ्य सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की संसदीय स्थायी समिति की नवीनतम रिपोर्ट में सामने आए हैं, जिसे 10 अगस्त 2026 को संसद में पेश किया गया।
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि देश के टूटे हुए एजुकेशन सिस्टम को बुनियादी तौर पर ठीक करने या पब्लिक एजुकेशन में दोबारा निवेश करने के बजाय प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक संसाधनों को ऑनलाइन कोचिंग में लगाने का फैसला किया है।
Created On :   28 Aug 2026 7:52 PM IST









