दावा: सुगर मिल्स एसोसिएशन ने कहा - भारत में चीनी की कोई कमी नहीं, कम उत्पादन और स्टॉक जमा करने के चलते दाम बढ़े

सुगर मिल्स एसोसिएशन ने कहा - भारत में चीनी की कोई कमी नहीं, कम उत्पादन और स्टॉक जमा करने के चलते दाम बढ़े
  • डीलरों के लिए 200 टन हो स्टॉक सीमा
  • चीनी की उपलब्धता में किसी बड़ी कमी या असंतुलन का संकेत नहीं

New Delhi News. चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (आईएसएमए) ने दावा किया है कि देश में चीनी की कोई कमी नहीं है। आईएसएमए के अध्यक्ष नीरज शिरगांवकर ने कहा कि देश में चीनी की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति की स्थिति मूल रूप से मजबूत बनी हुई है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली मांग को पूरा करने के लिए चीनी का पर्याप्त स्टॉक है। शिरगांवकर ने कहा कि चीनी की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी कई अस्थायी कारणों का नतीजा है, जिनमें शुरुआती अनुमान से कम उत्पादन, त्योहारों के मौसम में बढ़ी हुई मांग, बाज़ार की धारणा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चीनी की मज़बूत कीमतें शामिल हैं।

इन कारकों ने कीमतों में अस्थायी तेज़ी लाने में भूमिका निभाई है, लेकिन ये घरेलू स्तर पर चीनी की उपलब्धता में किसी बड़ी कमी या असंतुलन का संकेत नहीं देते हैं। उन्होंने कहा कि भारत में चीनी की स्थिति संतोषजनक है। वर्ष 2025–26 के लिए कुल चीनी उत्पादन लगभग 279 लाख टन (एलएमटी) रहने का अनुमान है, जबकि घरेलू खपत लगभग 280–285 एलएमटी है और साल के अंत में लगभग 35 एलएमटी स्टॉक बचने का अनुमान है। दरअसल 1 अगस्त तक लगभग साढ़े तीन महीने का स्टॉक मौजूद था, इसलिए इस महीने घबराने की जरूरत नहीं है। सितंबर अक्टूबर में त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से पहले सरकार ने 10 लाख टन ड्यूटी फ्री कच्ची चीनी के आयात की इजाजत दी है। यह पहले से उठाया गया एहतियाती कदम है।

‘डीलरों के लिए 200 टन हो स्टॉक सीमा’

आईएसएमए ने डीलर के लिए तय 400 टन की स्टॉक सीमा को घटाकर 200 टन करने का सुझाव दिया है। इससे कुछ व्यापारियों द्वारा जमाखोरी कर चीनी की कृत्रिम कमी की समस्या से निपटा जा सकता है। आईएसएमए उपाध्यक्ष माधव बी. श्रीराम ने कहा, "क्रशिंग सीज़न को 10–15 दिन पहले शुरू करने से उस समय बड़ा फ़र्क पड़ सकता है जब बाज़ार को अतिरिक्त सप्लाई की ज़रूरत होती है। तमिलनाडु और कर्नाटक में पहले से ही स्पेशल क्रशिंग चल रही है, इसलिए हमें उम्मीद है कि अक्टूबर में उत्पादन सामान्य 4 एलएमटी के मुकाबले बढ़कर लगभग 10 एलएमटी हो जाएगा। यह अतिरिक्त घरेलू उत्पादन, मौजूदा स्टॉक और तय रिलीज़ के साथ मिलकर, त्योहारों की खरीदारी के सामान्य होने पर मौजूदा दबाव को कम करने में मदद करेगा।"

Created On :   24 Aug 2026 6:56 PM IST

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