कद कायम: शाह-नड्डा के बाद नितिन नवीन का भी जीता भरोसा, 12 साल से मीडिया के मोर्चे पर डटें है अनिल बलूनी
New Delhi News. अजीत कुमार. भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में भले ही युवा चेहरों को आगे बढ़ाने की कोशिश साफ दिखाई दे रही हो, लेकिन मीडिया प्रबंधन के मोर्चे पर पार्टी ने अपने पुराने और आजमाए हुए चेहरे पर ही भरोसा कायम रखा है। भाजपा के नए अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी पूर्व अध्यक्ष अमित शाह और जेपी नड्डा की राह पर चलते हुए सांसद अनिल बलूनी को राष्ट्रीय मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी है। यानी सत्ता और संगठन के शीर्ष पर नेतृत्व भले बदलता रहा, लेकिन भाजपा की मीडिया रणनीति की कमान पिछले 12 वर्षों से लगातार बलूनी के हाथों में बनी हुई है। नितिन नवीन ने अपनी नई टीम में मीडिया और सोशल मीडिया, दोनों मोर्चों पर चेहरे बदले हैं। सोशल मीडिया की हाईप्रोफाइल कमान संभाल रहे अमित मालवीय की जगह छत्तीसगढ़ के दीपक म्हस्के को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं मीडिया प्रबंधन में बलूनी का अनुभव पार्टी के लिए इतना अहम माना गया कि नई टीम में भी उन्हें ही आगे रखा गया।
12 साल, तीन अध्यक्ष और एक ही मीडिया प्रमुख
अनिल बलूनी भाजपा संगठन में निरंतरता की मिसाल बन चुके हैं। वर्ष 2014 से वे पार्टी की राष्ट्रीय मीडिया टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। इस दौरान अमित शाह और जेपी नड्डा जैसे दिग्गजों ने भाजपा अध्यक्ष के तौर पर संगठन की कमान संभाली, लेकिन दोनों के कार्यकाल में बलूनी मीडिया प्रबंधन की धुरी बने रहे। अब नितिन नवीन ने भी उन पर भरोसा जताकर इस सिलसिले को आगे बढ़ाया है।
बलूनी की खासियत पार्टी की नीतियों और राजनीतिक संदेश को मीडिया के जरिए प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने की क्षमता मानी जाती है। यही वजह है कि संगठन में लगातार बदलते समीकरणों के बावजूद मीडिया के मोर्चे पर उनका कद कायम रहा है।
वर्ष 2018 में बलूनी राज्यसभा पहुंचे। इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने उत्तराखंड की गढ़वाल सीट से जीत दर्ज की। संगठन से लेकर संसद तक का उनका सफर बताता है कि पार्टी नेतृत्व में उनका भरोसा कितना गहरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के साथ उनके करीबी संबंधों को भी उनकी संगठनात्मक स्वीकार्यता की बड़ी वजह माना जाता है।
मध्यप्रदेश से राष्ट्रीय फलक पर पहुंचे आशीष अग्रवाल
नई मीडिया टीम में मध्यप्रदेश के आशीष उषा अग्रवाल को भी अहम जिम्मेदारी मिली है। उन्हें दिल्ली के प्रदीप भंडारी और सिद्धार्थ यादव के साथ राष्ट्रीय मीडिया सह-संयोजक बनाया गया है।
अग्रवाल अब तक मध्यप्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। प्रदेश में उन्होंने मीडिया प्रबंधन के साथ पार्टी और आरएसएस के बीच समन्वय की भूमिका भी निभाई। मीडिया के साथ सहज और मधुर संबंधों के लिए पहचाने जाने वाले अग्रवाल से अब केंद्रीय नेतृत्व को राष्ट्रीय स्तर पर भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। उन्होंने बुधवार को भाजपा मुख्यालय में नई जिम्मेदारी संभाल ली।
इंदौर कनेक्शन वाले प्रदीप भंडारी, 30 की उम्र में सिद्धार्थ को बड़ी जिम्मेदारी
नई टीम के सह-संयोजक प्रदीप भंडारी का भी मध्यप्रदेश से पुराना जुड़ाव है। वे इंदौर में पले-बढ़े हैं। वहीं सिद्धार्थ यादव महज 30 वर्ष की उम्र में भाजपा की राष्ट्रीय मीडिया टीम में अहम भूमिका तक पहुंचे हैं। वे पूर्व सांसद और पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहीं सुधा यादव के बेटे हैं।
सिद्धार्थ इससे पहले भाजपा प्रवक्ता के तौर पर टीवी डिबेट में पार्टी का पक्ष मजबूती से रखते रहे हैं। पेशे से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता होने के कारण उन्हें कानून और राजनीतिक मुद्दों की भी अच्छी समझ है। ऐसे में नई टीम में उनकी नियुक्ति को भाजपा के मीडिया प्रबंधन में युवा चेहरों और पेशेवर दक्षता के मेल के तौर पर देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर भाजपा की नई मीडिया टीम में संदेश साफ है चेहरे नए हो सकते हैं, लेकिन मीडिया की रणनीति में अनुभव की अहमियत बरकरार है। बलूनी के रूप में पार्टी ने पुराने भरोसे को कायम रखा है, जबकि आशीष अग्रवाल, प्रदीप भंडारी और सिद्धार्थ यादव जैसे चेहरों के जरिए टीम में नई ऊर्जा जोड़ने की कोशिश की गई है।
Created On :   19 Aug 2026 7:27 PM IST














