दैनिक भास्कर हिंदी:  36 दिन से सतना में फंसे थे 114 मजदूर यूपी नेअपने ही श्रमिकों को लेने से इंकार!

April 27th, 2020

डिजिटल डेस्क सतना। देशव्यापी लॉकडाउन के बीच यहां तकरीबन 36 दिन से फंसे उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के 114 मजदूरों की हालत फिलहाल आसमान से गिरे तो खजूर में अटके जैसी हो गई है। रविवार को दोपहर बाद चित्रकूट में एमपी-यूपी बार्डर पर ये हालात उस वक्त बने जब उत्तर प्रदेश के चित्रकूट प्रशासन ने सतना से 2 बसों में भेजे गए तकरीबन 114 श्रमिकों को यूपी की सीमा के अंदर लेने से इंकार कर दिया। सभी श्रमिकों को फिलहाल जिले की सीमा के अंदर एक राहत कैंप में रखा गया है। उधर, मामला संज्ञान में आने पर कलेक्टर अजय कटेसरिया ने चित्रकूट के जिला प्रशासन से इस संबंध में बात की। कलेक्टर ने बताया कि कुछ आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद 27 अप्रैल को सभी को गंतव्य के लिए रवाना कर दिया जाएगा। सभी श्रमिक बाराबंकी के राहतगढ़ के रहने वाले हैं। इन्हें यहां से दोपहर ढाई बजे स्लीपर कोच बसों से भेजा गया था।
आए थे बिलासपुर से :------
उल्लेखनीय है, उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के राहतगढ़ के मूल निवासी सभी श्रमिक मजदूरी के लिए छत्तीगढ़ के बिलासपुर गए हुए थे। लॉकडाउन की आहट मिलते ही सभी ट्रेन से जैसे-तैसे यहां 22 मार्च को पहुंचे , मगर इसी बीच टोटल लॉकडाउन के चलते सतना में ही फंस कर रह गए। इन्हें नगर निगम प्रशासन ने राजेन्द्रनगर के रेल मैदान के एक अस्थाई कैंप बना कर भोजन-पानी की व्यवस्था की। सभी अपने घर जाना चाह रहे थे,  इसी बीच हाल ही में जब राज्य शासन ने प्रदेश में फंसे बाहर के श्रमिकों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के निर्देश दिए तो 2अलग -अलग बसों ( एमपी 19 पी 1170 और एमपी 19पी 1285 )से  इन श्रमिकों को चित्रकूट के रास्ते उत्तर प्रदेश भेजा गया लेकिन राह में ब्रेक  तब लग गया जब उत्तर प्रदेश प्रशासन ने उन्हें अपनी सीमा में लेने से इंकार कर दिया।  
2 बसों से खंडवा से पहुंचे 80 मजदूर :-----
रविवार को दोपहर 3 बजे खंडवा से यहां 2 अलग-अलग बसों से लगभग 80 मजदूर यहां पहुंचे। बस में सीधी, रीवा-पन्ना ,चित्रकूट और सतना जिले के श्रमिक थे। यहां आकर बस के ड्राइवर ने आगे जाने से इंकार कर दिया। मामला संज्ञान में आने पर एसडीएम पीएस त्रिपाठी ने 3 बसें बुलवाईं और एक बस रीवा-सीधी, दूसरी पन्ना तथा तीसरी बस चित्रकूट के लिए रवाना की गई। इससे पहले सभी की जिला अस्पताल में स्क्रीनिंग कराई गई।
 गुजरात से 2000 श्रमिकों को लाने 83 बसों का इंतजाम :--------
देश के दूसरे राज्यों में फंसे जिले के श्रमिकों को लाने के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश के तहत पहले चरण में जिला प्रशासन ने गुजरात बार्डर पर मौजूद सतना जिले के 2000 श्रमिकों को लाने के लिए 30 यात्री बसों की व्यवस्था बनाई है। इसी क्रम में शनिवार को सुबह 10 बजे 10 बसों की पहली खेप गुजरात बार्डर के लिए रवाना कर दी गईं। 

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