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घूमने बुलाया और हाथ-पैर बांधकर जिंदा जला दिया, फिरौती नहीं हत्या का ही था इरादा, आरोपी गिरफ्तार

घूमने बुलाया और हाथ-पैर बांधकर जिंदा जला दिया, फिरौती नहीं हत्या का ही था इरादा, आरोपी गिरफ्तार

डिजिटल डेस्क,सतना। अमरपाटन थाना क्षेत्र के चोरहटा से अगवा किए गए 13 वर्षीय विकास उर्फ कुल्लू पिता अमित प्रजापति की हत्या उसके ही चचेरे भाई ने दूर के रिश्ते में साले के साथ मिलकर कर दी है। पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है ,जबकि दूसरे की तलाश की जा रही है । आरोपियों ने  बच्चे को चोरहटा से लगभग 15 किलोमीटर दूर  नादन देहात थाना क्षेत्र के बंसीपुर  गांव से लगे खंडहर में लेजाकर  हाथ-पैर रस्सी से बांधने के  जिंदा ही  कुएं में फेंक दिया था ।  उक्त जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक रियाज इकबाल ने बताया कि 16 अगस्त को दोपहर करीब 12 बजे घर से निकलने के बाद विकास को किसी ने नहीं देखा था ,लेकिन कजलियां के त्यौहार में व्यस्त परिजन का ध्यान इस ओर नहीं गया, पर जब शाम तक बच्चा घर नहीं लौटा तो माता-पिता उसकी तलाश में जुट गए । रात भर जगह-जगह खोजबीन करने के बाद 17 अगस्त को सुबह 4बजे डायल हंड्रेड पर फोन किया तो पुलिस कर्मी गांव पहुंचकर तलाश में मदद करने लगे। अंतत: 9 बजे बच्चे के चाचा ने थाने जाकर शिकायत की तो धारा 363 के तहत कहानी कर जांच शुरू की गई ।

फिरौती के फोन में उड़ाए होश

परिजन के साथ पुलिस बच्चे को खोजने में जुट गई थी ।इसी बीच दोपहर 1बजकर 40 मिनट पर अमित प्रजापति के मोबाइल में अनजान नंबर से फोन आया।जिसमें दूसरी  तरफ से बात कर रहे शख्स ने बच्चे को सही सलामत देखने के बदले 10लाख की फिरौती मांगी रकम लेकर किरहाई इटवा में हनुमान मंदिर के पास आने के लिए कहा। फोन करने वाले ने रुपए पहुंचाने का समय दोबारा फोन से बताने की बात कही।

ऐसे हत्यारों तक पहुंची पुलिस

अपहरण व फिरौती का फोन आने से  घबराए अमित ने तुरंत ही अमरपाटन टीआई राजेंद्र मिश्रा को अवगत कराया ,जिन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों इस बात की जानकारी दी तो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गौतम सोलंकी तुरंत अमरपाटन पहुंच गए और जांच अपने हाथ में लेकर साइबर सेल को सक्रिय कर दिया,वहीं सिम कार्ड की  जानकारी देने के लिए संबंधित कंपनी से भी संपर्क किया। कुछ देर में ही उस व्यक्ति का  पता मिल गया जिसके नाम पर सिम जारी किया गया था ।पुलिस ने राजा भैया नामक ग्रामीण से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपहरण और फिरौती में शामिल होने से साफ इंकार कर दिया तो मोबाइल की लोकेशन से भी स्पष्ट हो गया कि राजा भैया वारदात में नहीं है और ना ही उसके मोबाइल से विकास के पिता को को फोन किया गया था। जब राजा और पूछताछ की गई उसने बताया कि 14 अगस्त को चोरहटा में रोहित मोबाइल सेंटर से सिम खरीदा था, इसके लिए आधार कार्ड की फोटो कॉपी दी थी। इस सूचना को आधार बनाकर पुलिस दुकान पर पहुंची और संचालक को पकड़ लिया जिसने हिरासत में आते ही तोते की तरह बोलते हुए बताया की वह एक पहचान पत्र व फोटो का इस्तेमाल कर कई सिम चालू कर लेता था ,और ऐसे लोगों को दुगनी कीमत पर बेच देता था जो अपना आधार कार्ड अथवा कोई भी पहचान पत्र नहीं दे पाते थे । उसी ने बताया कि राजा के नाम से  चालू किया गया सिम शनिवार दोपहर 12 बजे के लगभग गांव के ही तेजबली प्रजापति पुत्र दुलीराम प्रजापति 19 वर्ष को दो सौ रूपये में बेच दिया था।

और खुल गया मामला

सिम विक्रेता के इस बयान ने अंधी गली में पुलिस के लिए उजाले का काम किया और और पुलिस की टीम ने शाम लगभग साढे 6 बजे युवक को घर से पकड़ लिया 4 घंटे तक अपहरण की वारदात में शामिल होने से इंकार करता रहा ।अंतत: जब पुलिस ने सख्ती बढ़ाई तब जाकर आरोपी ने मुंह खोला की चाचा अमित से जमीनी विवाद का बदला लेने के लिए पिछले 1 साल से प्लानिंग कर रहा था इस बीच कई बार चाचा में या उसके बेटे विकास को ठिकाने लगाने की कोशिश किया ,लेकिन सही मौका नहीं मिल रहा था। इसी बीच 16 अगस्त की सुबह भी विकास को लेकर नदी की तरफ गया था पर वहां काफी लोग मौजूद ऐसे में नहाने के बाद उसे लेकर घर आ गया और दोपहर के बाद बंसीपुर की तरफ घूमने जाने की बात कहकर गांव के बाहर बुला लिया तब उसके साथ दूर के रिश्ते का साला धनीलाल प्रजापति 24 वर्ष निवासी सुनहरा गीठा उसके इरादे से अनजान विकास लगभग 12 बजे बस्ती से बाहर आकर मिला। यहां से तीनो लोग बाइक पर बैठकर बंशीपुर में बने खंडहर पर पहुंचे ,जहां धनीलाल की मदद से तेजबली ने  विकास के हाथ-पैर यहां  रस्सी से बांधकर उसे जिंदा ही  कुएं में फेंक दिया और फिर घर वापस आ गए । शाम को तलाश शुरू होने तक दोनों सामान्य बने रहे और जब हल्ला मचा तो घर और बस्ती के लोगों के साथ उन्होंने भी खोजबीन करने का नाटक शुरू कर दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर रविवार सुबह कुएं से लाश को निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए अमरपाटन अस्पताल भेज दिया। आरोपी ने बताया कि किस जगह पर चचेरे भाई की हत्या किया वहां पूर्व में भी जा चुका था 12 अगस्त को धनी लाल के साथ बंशीपुर में खंडार पर जाकर हर चीज का मुआयना किया था और तभी कई कर लिया था कि विकास को जय हिला कर मारना है।

कुआं के लगाए कई चक्कर

कम उम्र के बावजूद बेहद शातिर दिमाग युवक ने यह देखने के लिए साले धनीलाल के साथ 16 अगस्त को ही शाम लगभग 5बजे कुएं का चक्कर लगाया कि विकास मर चुका है अथवा नहीं। इतना ही नहीं अगले दिन भी किसी दोस्त को मेहर पहुंचाने के बहाने भी है पुणे पर झांकने गया था ,लेकिन तब तक लाश पानी से ऊपर नहीं आई थी। इस सनसनीखेज वारदात में शामिल दूसरा आरोपी धनी लाल पुलिस गिरफ्त से बचने के लिए भूमिगत हो गया है, जिसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है, तो सिम कार्ड बेचने में फर्जीवाड़ा करने पर  रोहित मोबाइल सेंटर के मालिक और उसके भाई को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

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