दैनिक भास्कर हिंदी: दाभोलकर हत्याकांड : औरंगाबाद में पकड़े गए 3 लोगों से हथियार बरामद

August 21st, 2018

डिजिटल डेस्क, मुंबई। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और आतंकवाद विरोधी पथक (एटीएस) ने डॉक्टर नरेंद्र दाभोलकर हत्याकांड के आरोपी सचिन अंदुरे के चचेरे भाई और दोस्त के औरंगाबाद स्थित घर में छापेमारी की है। छापेमारी के दौरान जांच अधिकारियों को पिस्तौल समेत कई हथियार मिले हैं। शक है कि बरामद पिस्तौल का इस्तेमाल दाभोलकर की हत्या में किया गया है। मामले में सीबीआई ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है। 

नालासोपारा इलाके में हथियारों के जखीरे के बरामदगी और वैभव राऊत और उसके साथियों कि गिरफ्तारी के बाद एटीएस को इस हत्याकांड से जुड़ी जानकारी मिली जिसके बाद सीबीआई ने कुछ दिनों पहले अंदुरे को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में अंदुरे से मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार की देर रात उसके चचेरे भाई और दोस्त के घर छापेमारी की गई। जांच अधिकारियों ने तलाशी के दौरान घर से 7.65 बोर की पिस्तौल, तीन जिंदा कारतूस के साथ कटार और तलवार भी बरामद की है।

एसीएस प्रमुख अतुलचंद्र कुलकर्णी ने मंगलवार को छापेमारी की पुष्टि करते हुए बताया कि हमने सीबीआई की छापेमारी के दौरान मदद की, लेकिन बरामद सामान और हिरासत में लिए गए आरोपी सीबीआई के कब्जे में हैं। सूत्रों के मुताबिक बरामद पिस्तौल जल्द ही जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजी जाएगी, जिससे पता लगाया जा सकेगा कि दाभोलकर, एमएम कलबुर्गी, कामरेड गोविंद पानसरे, पत्रकार गौरी लंकेश हत्याकांड में इसका इस्तेमाल हुआ है या नहीं।

सनातन संस्था के प्रमुख से हो सकती है पूछताछ
नालासोपारा से हथियारों के बरामदगी मामले में एटीएस सनातन संस्था के प्रमुख डॉ. जयंत आठवले से भी पूछताछ कर सकती है। एटीएस प्रमुख अतुलचंद्र कुलकर्णी ने बताया कि इस मामले में छानबीन के दौरान जिसकी भूमिका सामने आएगी उससे पूछताछ की जाएगी। फिलहाल आरोपियों ने किसी शख्स या संगठन का नाम नहीं लिया है, लेकिन अब तक की छानबीन में यह साफ है कि आरोपी एक संगठित गिरोह की तरह काम कर रहे थे।

आरोपियों को ऐसा प्रशिक्षण दिया गया है कि उनसे जानकारी हासिल करने में काफी परेशानी हो रही है। आरोपी बातचीत के लिए कोडवर्ड का इस्तेमाल करते थे। उन्होंने करीब 100 कोड बना रखे थे। इसके अलावा गोवा समेत देश के कई राज्यों में आरोपियों की ट्रेनिंग हुई है।

कुलकर्णी ने कहा कि इस मामले में छानबीन तेज गति से इसलिए भी आगे नहीं बढ़ पा रही है, क्योंकि हर आरोपी के पास सीमित जानकारी है। उन्हें अलग अलग गुटों में और अलग अलग काम करने के लिए तैयार किया गया है। मामले में गिरफ्तार जालना से शिवसेना के पूर्व नगरसेवक श्रीकांत पांगरकर के बैंक खातों से जुड़ी जानकारी मिली है। आरोपियों को आर्थिक और दूसरी सुविधाएं मुहैया कराने वाले पांगरकर के पास पैसे कहां से आते थे और किसे भेजे जाते थे इसकी जांच की जा रही है।

आरोपियों से पूछताछ के दौरान अब तक 12 नाम सामने आएं हैं एटीएस इन लोगों से भी जल्द ही पूछताछ कर सकती है। सनातन संस्था पर पाबंदी से जुड़े सवाल पर कुलकर्णी ने कहा कि इस बाबत केंद्र सरकार को कुछ साल पहले ही प्रस्ताव भेजा जा चुका है। इस बारे में हमसे 13 बार स्पष्टीकरण मांगा गया है जो हमने राज्य सरकार के गृह विभाग के जरिए केंद्र सरकार को भेजी है। हालिया दर्ज मामलों की जानकारी भी केंद्र सरकार को दे दी गई है।