कटनी : कटनी जिला पंचायत : सुनीता मेहरा के सिर सजा अध्यक्ष का ताज, अशोक विश्वकर्मा दूसरी बार बने उपाध्यक्ष

July 30th, 2022

डिजिटल डेस्क, कटनी । जिले की पांच जनपद पंचायतों के साथ ही जिला पंचायत में भी भाजपा का कब्जा हो गया। शुक्रवार को जिला पंचायत कटनी में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव निर्विरोध हुआ। दोनों पद भाजपा की झोली में गए। क्षेत्र क्रमांक 2 से चुनी गई सदस्य सुनीता मेहरा का अध्यक्ष पद के लिए सिंगल नामांकन दाखिल  हुआ। निर्धारित समय तक कोई दूसरा नामांकन फार्म नहीं भरे जाने पर जिला निर्वाचन अधिकारी ने सुनीता मेहरा को  विजयी घोषित किया। इसी तरह उपाध्यक्ष पद के लिए अशोक विश्वकर्मा ने नामांकन दाखिल किया, उनके विरोध में भी किसी ने फार्म नहीं भरा। अशोक विश्वकर्मा लगातार दूसरी बार उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष को कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी प्रियंक मिश्रा ने प्रमाणपत्र सौंपे। जिला पंचायत अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर सुबह गहमागहमी का  माहौल था।
कलेक्टर ने सौंपे प्रमाण-पत्र
शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद के लिए निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न हुई। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने निर्विरोध निर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष सुनीता मेहरा और उपाध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा को निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंपा। इस दौरान विजयराघवगढ़ संजय सत्येन्द्र पाठक एवं पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार जैन उपस्थित थे। तीन दावेदारों के बीच भाजपा ने कराई वोटिंग सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उपाध्यक्ष पद के लिए भाजपा की ओर से तीन सदस्यों ने दावेदारी की थी। जिनमें अशोक विश्वकर्मा के अलावा मोहिनी पांडेय एवं कविता पंकज राय थीं। भाजपा ने तीनों के बीच अपने समर्थित सदस्यों से वोटिंग कराई, जिसमें अशोक विश्वकर्मा को 8 मत मिलने पर संगठन ने उनके नाम पर मोहर लगाई।
कांग्रेस ने लगाया छल-बल का आरोप
जिला कांग्रेस ग्रामीण के अध्यक्ष ठा.गुमान सिंह ने जनपद  एवं जिला पंचायत के चुनाव में छल-बल का आरोप लगाया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि वार्ड नंबर 02 से चुनी गई सदस्य सुनीता मेहरा के पति पहले से ही कांग्रेस में थे। सुनीता मेहरा के निर्वाचित होने पर भाजपा के लोगों ने उसे अपने पाले में शामिल कर लिया। वह सदस्य का प्रमाण पत्र लेने भी नहीं पहुंची थी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा के जनप्रतिनिधियों ने अपने पद का दुरुपयोग किया और प्रशासन ने उन्हे सहयोग किया। बड़वारा में जनपद पंचायत के सदस्यों को पुलिस थाने में रखा गया।

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