दैनिक भास्कर हिंदी: एक्शन में यूपी पुलिस : सलाखों के पीछे डकैत बबुली कोल के 2 दर्जन मददगार

September 2nd, 2017

डिजिटल डेस्क,सतना। मुठभेड़ के दौरान घायल हुए 5 लाख के इनामी डकैत बबुली कोल के सामने खाने-पीने के साथ ही दवाओं का भी संकट खड़ा हो गया है। मारकुंडी थाना क्षेत्र के निही-चिरैया में मुठभेड़ के दौरान अपने एक सब-इंस्पेक्टर को खो चुकी यूपी पुलिस हर हाल में गैंग का नामो-निशाना मिटाना चाहती है। इसी के तहत पुलिस ने मददगारों की सूची बनाकर छापामार कार्रवाई शुरू कर दी है।

गौरतलब है कि यूपी पुलिस की कार्रवाई में अब तक 2 दर्जन लोग सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। शुक्रवार को पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से 5 सहयोगियों को खाद्य सामग्री व दवाइयों के साथ धर दबोचा। कर्वी एसपी प्रताप गोपेंद्र सिंह से मिली जानकारी के मुताबिक पहली कार्रवाई मानिकपुर उपनिरीक्षक अखिलेश राय के नेतृत्व में सर्चिंग कर रही टीम ने रानीपुर वन्यजीव अभ्यारण गेट के पास घेराबंदी कर 2 बदमाशों को बबुली गैंग के लिए सामान ले जाते पकड़ लिया। टीम मुखबिर से मिली सूचना पर वहां पहुंची तो नागर गांव निवासी शिवबाबू व रामबाबू उर्फ मामा निवासी कल्याणपुर संदिग्ध हालत में मिले, जिन्हें पकड़कर तलाशी ली गई तो उनके कब्जे से काफी मात्रा में खाद्य सामग्री व दैनिक जरूरत का सामान बरामद हुआ। पूछताछ में दोनों ने बबुली गैंग की मदद का जुर्म स्वीकार कर लिया। लिहाजा प्रकरण दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया जहां से उनको जेल भेज दिया गया।

कल्याणगढ़ तिराहे पर 3 धराए
बबुली गैंग के तीन और मददगारों को मारकुंडी थाना प्रभारी साजिद अली की टीम ने रामपुर-कल्याणगढ़ तिराहे पर घेराबंदी कर दबोच लिया। शुक्रवार सुबह मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम नागर निवासी शालू पुत्र लालमन, करिया उर्फ हसमुख पुत्र गोरेलाल और प्रमोद उर्फ बुइया पुत्र बड़कू कोल कुछ सामान लेकर गैंग के पास जा रहे हैं। लिहाजा थाना प्रभारी ने 10 सदस्यीय टीम के साथ मौके पर जाकर घेराबंदी कर ली, कुछ देर बाद जब 3 लोग जंगल की तरफ जाते दिखे तो टीम ने उनको दबोच लिया। पूछताछ में पकड़े गए बदमाशों ने डकैतों की मदद की बात स्वीकार कर ली। इनमें से करिया उर्फ हसमुख बबुली गैंग से मुठभेड़ के दौरान पुलिस पार्टी पर पथराव करने के मामले में भी शामिल थी। मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया।

अब उत्तरप्रदेश पुलिस और कोबरा बटालियन को राज्य सरकार से फ्री हैंड मिलने का नतीजा भी दिखने लगा है। लगातार गिरफ्तारियों से डकैतों के मददगारों में भगदड़ की स्थिति बन गई है। वहीं बबुली कोल और उसके साथियों के सामने खाने-पीने के सामान, दवा के साथ-साथ असलहा का संकट भी खड़ा हो गया है। पुलिस की कोशिश है कि डकैतों पर इस कदर दबाव बनाया जाए कि जरूरत का सामान जुटाने के लिए वो सुरक्षित ठिकाने से बाहर निकलने को मजबूर हो जाएं। इस अभियान में अब तक काफी सफलता मिली है, दूसरी तरफ सतना पुलिस ने भी सीमावर्ती क्षेत्र में सर्चिंग जारी रखते हुए डकैतों के इस तरफ आने की किसी भी कोशिश को नाकाम करने की पूरी तैयारी कर रखी है।