5 करोड़ कीमत की 6 हजार वर्गफीट जमीन पर बेशकीमती पत्थरों के बीच गार्डन और कार पार्किंग के लिए बना रखा था शेड: दुबई से क्रिकेट सट्टा ऑपरेट करने वाले सनपाल के अवैध कब्जे पर चला बुलडोजर

May 16th, 2022


डिजिटल डेस्क जबलपुर। ओपन वेब पर दुबई से एक्सचेंज के जरिए देश भर में ऑनलाइन सट्टे केे कारोबार को ऑपरेट करने वाले सटोरिए सतीश सनपाल के अवैध कब्जे पर सोमवार को पुलिस-प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया। सनपाल ने शहर के सबसे पॉश इलाकों में से एक आदर्श नगर में नाले से लगे आलीशान बंगले से जुड़ी 5 करोड़ कीमत की 6 हजार वर्गफीट जमीन पर बेशकीमती पत्थरों के बीच गार्डन और कार पार्किंग के लिए शेड बना रखा था। कलेक्टर इलैयाराजा टी, एसपी िसद्धार्थ बहुगुणा और निगमायुक्त आशीष वशिष्ठ के िनर्देश पर हुई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी व िनगम का अमला मौजूद रहा।
दस साल में बनाया साम्राज्य
सतीश सनपाल मूलत: शहडोल का रहने वाला है, वह शहडोल िडस्ट्रिक्ट कोर्ट के बाहर चाय का टपरा लगाता था, करीब 15 वर्ष पूर्व उसने एक मुस्लिम युवती से प्रेम विवाह किया और जबलपुर में आकर बस गया। जबलपुर में उसने अपने िरश्तेदार सटोरिए गुरमुख के साथ क्रिकेट की सट्टेबाजी का काम शुरू किया था। इसके बाद सनपाल दुबई में रहने वाले अपने रिश्तेदार कटनी िनवासी िवजय गोल्ड की मदद से नई-नई तकनीकों के माध्यम से क्रिकेट सट्टेबाजी का साम्राज्य खड़ा कर लिया। सूत्रों के अनुसार महज दस साल में चाय के टपरे से दुबई के बुर्ज खलीफा में ऑफिस बनाने वाले सनपाल का भाई संजय सनपाल गोवा में केसिनो के साथ हाईप्रोफाइल िरसोर्ट का संचालन करता है। गुरमुख समेत पुराने सभी साथियों से दूरी बनाने वाले सनपाल के सट्टे और वसूली का काम फूटाताल िनवासी आजम खान सँभालता है, िजसके गुर्गों को एक माह पूर्व क्राइम ब्रांच ने मदन महल क्षेत्र में दबोचा था।
पुलिस विभाग में गहरी पैंठ
सूत्रों के अनुसार सटोरिए सनपाल की पुलिस विभाग में गहरी पैंठ है। इसी वजह से उसके खिलाफ गोरखपुर, गढ़ा व मदन महल में आईटी एक्ट, सट्टा और मारपीट सहित कई प्रकरण दर्ज तो किए गए, लेकिन आज तक उसकी िगरफ्तारी नहीं हो सकी। सनपाल दुबई से ओपन वेब के द्वारा सेट स्पोट्््र्स, मुंबई एक्सचेंज, सेट केसिनो के माध्यम से सभी प्रकार के खेलों का सट्टा पूरे भारत में बुकियों के माध्यम से ऑनलाइन खिलवाया जाता है। इसकी पेमेंट अधिकतर ऑनलाइन, बेनामी फर्मों के खातों में खेल के पूर्व डिपॉजिट कराई जाती है। इसकी संबंध में साइबर एक्सपर्ट की िवशेष टीम जाँच कर रही है।
कार्रवाई में ये रहे मौजूद
कार्रवाई के दौरान तहसीलदार गोरखपुर अनूप श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार राजेन्द्र शुक्ला, कैंट टीआई विजय तिवारी और गोरखपुर, संजीवनी नगर व पुलिस लाइन का अतिरिक्त बल व नगर निगम अतिक्रमण विभाग का अमला मौजूद था।