comScore

चोरों ने कट्टा दिखाया, गृहस्वामी ने की फायरिंग, सीना चीरते निकली गोली -मौत

चोरों ने कट्टा दिखाया, गृहस्वामी ने की फायरिंग, सीना चीरते निकली गोली -मौत

रामपुर सत्यानंद विहार कॉलोनी की घटना, हत्या का मामला दर्ज, गृहस्वामी हिरासत में
डिजिटल डेस्क जबलपुर ।
गोरखपुर थाना क्षेत्र में रामपुर छापर स्थित सत्यानंद विहार कॉलोनी में रात 3 बजे के करीब चोरी की नीयत से एक अधिवक्ता के घर में दो चोर घुस गये। चोर आलमारी खोल रहे थे जिसकी आहट सुनकर गृहस्वामी व उनकी पत्नी जाग गए, तभी चोरों ने कट्टा चमकाते हुए फायरिंग करने की धमकी दी और बरामदे में छिप गये। तभी गृहस्वामी अधिवक्ता ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से फायरिंग कर दी। बंदूक से निकली गोली एक चोर का सीना छलनी करती हुई निकल गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गयी, वहीं उसका दूसरा साथी भागने में कामयाब हो गया। सूचना मिलने पर सुबह पुलिस मौके पर पहुँची और हत्या की धारा 302 के तहत मामल दर्ज कर प्रकरण को जाँच में लिया है। 
सूत्रों के अनुसार रामपुर छापर सत्यानंद विहार कॉलोनी निवासी अधिवक्ता विनोद मिश्रा ने डायल 100 को घटना की सूचना दी। सूचना पाकर पुलिस सुबह 5 बजे के करीब उनके निवास पर पहुँची। पूछताछ में उन्होंने पुलिस को बताया कि रात पौने 3 बजे के करीब दो चोर चोरी करने की नीयत से घर में घुसे थे। कमरे में पहुँचकर चोरों ने जैसे ही आलमारी खोली आहट होने से उनकी पत्नी शालिनी की नींद खुल गयी। लाइट चालू करने पर दो अज्ञात चोर कमरे में मौजूद थे। लाइट जलने पर उन्होंने कट्टा निकाला और फायर करने की धमकी देते हुए ट्रिगर दबाया लेकिन गोली नहीं चली। उसके बाद दोनों बरामदे की तरफ भागे और दरवाजा बंद कर लिया। दरवाजे के पीछे से वे फिर फायरिंग करने की बात कर रहे थे, तभी अधिवक्ता ने अपनी लाइसेंसी बंदूक निकाली और फायर कर दिया। बंदूक से निकली गोली दरवाजे में छेद करते हुए उस पार खड़े एक चोर के सीने में लगी और वह ढेर हो गया। इसके बाद उसका दूसरा साथी छत से होते हुए भाग गया। पुलिस ने दरवाजा खोलकर मृत पड़े चोर की रक्तरंजित लाश बरामद की। उसकी पहचान छापर बस्ती में रहने वाले अरुण कुमार सोनी के रूप में की गयी। पूछताछ के बाद मामला दर्ज कर पुलिस ने अधिवक्ता को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है। वहीं परिजनों ने बताया कि तीन साल पहले भी उनके घर में 7 लाख की चोरी हुई थी। 
इनका कहना है
घटना की प्रारंभिक जाँच में घटनास्थल पर मृतक के किसी साथी के होने के साक्ष्य नहीं मिले हैं। मामले में धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को जेल भेजा गया है। 
-आलोक शर्मा, सीएसपी
 

कमेंट करें
fAilG