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बढ़े साइबर क्राइम, क्रिमिनल को पकड़ना हो रहा मुश्किल , न स्पेशल कोर्ट और न ही थाना

बढ़े साइबर क्राइम, क्रिमिनल को पकड़ना हो रहा मुश्किल , न स्पेशल कोर्ट और न ही थाना

डिजिटल डेस्क, नागपुर । दिनों-दिन साइबर क्राइम बढ़ते जा रहा है बावजूद इसके क्रिमिनल तक पहुंचने में सफलता नहीं मिल पा रही है। साइबर क्राइम से निपटने के लिए नागपुर में न स्पेशल कोर्ट है और न ही थाना। यही वजह है कि नागपुर में साइबर अपराधियों के दिलों में डर नहीं नजर आ रहा है। अगर हम नागपुर में साइबर अपराध की बात करें, तो यहां हर साल 15 से 20  फीसदी साइबर अपराध बढ़ रहा है। इसका कारण यह भी माना जा रहा है कि साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए यहां पर न तो साइबर थाना और न ही कोई विशेष कोर्ट। डिजिटल इंडिया की बातें करने वाली सरकार को इस दिशा में कदम उठाने की जरूरत है। ऑनलाइन फ्राड, फेसबुक, वाटसएसप, ई-मेल हैंकिग व मोबाइल हरासमेंट जैसे साइबर अपराधों से यहां के नागरिक जूझ रहे हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार संतरानगरी में हर साल 3 हजार साइबर अपराध के मामले साइबर पुलिस सेल के पास पहुंच रहे हैं, इसमें से चंद मामले को साइबर सेल पुलिस सुलझा लेती है और बाकी मामले संबंधित थानों के पास भेज देती है। स्थानीय थानों में साइबर अपराध के अधिकांश मामले अनसुलझे पड़े हैं, इसमें से कितने मामले सुलझे या अनसुलझे रहे इसका पुलिस विभाग के पास भी रिकार्ड मौजूद नहीं होने की जानकारी विश्वसनीय सूत्रों ने दी है। 

5 करोड़ यूजर्स के अकाउंट हैक
साइबर पुलिस सेल के एक अधिकारी ने बताया कि  साइबर अपराधी अब सोशल मीडिया के यूजर्स की निजता में सेंध लगा रहे हैं। यही कारण है कि पिछले दिनों सोशल मीडिया संचालित करने वाली कंपनी ने दावा किया था कि विश्व के करीब 5 करोड़ सोशल मीडिया के यूजर्स के अकाउंट को साइबर अपराधियों ने हैक किया, जिसमें फेसबुक, वाटसएप और ई-मेल के सर्वाधिक मामले थे। संतरानगरी में बढ़ते साइबर अपराध ने यहां के नागरिकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। 

स्पाइवेयर साइबर अपराधियों के शिकंजे में डिजिटल दुनिया
सूत्रों द्वारा दी गई एक जानकारी के मुताबिक वर्ष 2018 में एक एजेंसी द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में दावा किया गया था िक ऑनलाइन धोखाधड़ी के शिकार दुनिया में सबसे ज्यादा यानी 18% भारतीय हैं। चर्चा तो यह भी रही कि वर्ष 2017 में भारत में डिजिटल धोखाधड़ी के 25,800 से अधिक मामले सामने आए थे। विकिलीक्स के मामले ने तहलका मचा दिया था। बता दें कि सोशल मीडिया पर यह भी खबरें आई थी िक  भारत में वाट्सएप के करीब दो करोड़ यूजर्स हैं। फेसबुक के करीब 3 करोड़ यूजर्स का डाटा चोरी हो गया था।  

एक्स्ट्रा नॅालेज
 लोग करवा रहे साइबर बीमा : सूत्रों के अनुसार अब तो लोग साइबर बीमा भी करवा रहे हैं। एक जानकारी के अनुसार देश भर में 2016-17 में 1372 साइबर फ्रॉड के मामले सामने आए थे। वर्ष 2017-18 में 2059 मामले दर्ज हुए थे। वर्ष 2018-19 में इनमें कमी आई है। इस वर्ष साइबर फ्रॉड के 71.3 करोड़ रुपए के 1866 मामले सामने आ चुके हैं, जो पिछले साल से करीब 9 फीसदी कम बताए जा रहे हैं। अलग-अलग तरह की साइबर चोरी बढ़ने के कारण अब इस क्षेत्र में बीमा करने का चलन भी तेजी से बढ़ रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2018 में साइबर इंश्योरेंस में 40 फीसदी की वृद्धि हुई है। 

बने विशेष साइबर कोर्ट
साइबर पुलिस सेल भी यह मानता है कि अगर साइबर थाना और विशेष साइबर कोर्ट बन जाएं, तो इस तरह के अपराध की रोकथाम में काफी मदद मिल सकेगी और अपराधियों की धरपकड़ की संख्या में इजाफा होगा। पुलिस आयुक्त डाॅ. भूषणकुमार उपाध्याय का कहना है कि कुछ तकनीकी बातें हैं, यह सुलझ जाते ही नागपुर में साइबर पुलिस थाना खुलने का रास्ता साफ हो जाएगा। 

अपराधी पकड़ने पर पेशी की समस्या 
चर्चा यह भी है कि साइबर अपराधी को गिरफ्तार करने पर उसे कहां पेश करें, यह समस्या भी पुलिस विभाग के सामने यक्ष प्रश्न बनकर खड़ी हो जाती है। अब यह नागपुर की जनता महसूस करने लगी है कि नागपुर में भी साइबर थाना और साइबर की विशेष कोर्ट बनाया जाए ताकि साइबर अपराध के मामले की सुनवाई इस विशेष कोर्ट में हो सके, जैसे एसीबी और रेलवे विभाग के लिए विशेष कोर्ट है। नागरिकों की भी यही राय है कि नागपुर में साइबर थाना और विशेष कोर्ट के बारे में राज्य सरकार को समय रहते पहल कर देनी चाहिए। 

शुरू हो जाए तो अच्छी बात 
साइबर थाना या साइबर की विशेष कोर्ट शुरू हो जाए, तो अच्छी बात है। पुलिस के पास फिलहाल जितने संसाधन हैं, उसके अंतर्गत कार्य कर रही है। पुलिस विभाग का पूरा प्रयास रहता है िक साइबर अपराध पर रोक लगाई जाए। कुछ तकनीकी बातें हैं, यह समस्या दूर होते ही जल्द ही  साइबर पुलिस थाना शुरू हो जाएगा। मौजूदा समय में नागपुर पुलिस साइबर अपराध के मामले में बेहतर कार्य कर रही है। इससे इनकार नहीं किया जा सकता है। सोशल मीडिया  से जुड़े मामले उजागर करने में साइबर पुलिस सेल अच्छा कार्य कर रही है।  - डाॅ. भूषणकुमार उपाध्याय, पुलिस आयुक्त, शहर नागपुर
 

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डिजिटल इंडिया को गति देता रोहित मेहता का Startup Digital Gabbar

डिजिटल इंडिया को गति देता रोहित मेहता का Startup Digital Gabbar

डिजिटल डेस्क,भोपाल। "सफलता सिर्फ उनको नहीं मिलती जो सफल होने की इच्छा रखते है, सफल हमेशा वही होता है जो आगे बढ़ कर उन्हे पाने की चाहत रखते है।" ये उद्धहरण उनके लिए नहीं है जो आराम की जिंदगी को छोड़ कर बाहर नहीं निकालना चाहते, बल्कि ये उनपे लागू होती है जो निरंतर प्रयास करते रहते है।

इसी तर्ज पर चलते हुए, बिहार के पटना के शहर से आने वाले आईटी और तकनीक प्रेमी डबल मास्टर्स डिग्री धारी ने डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय यात्रा शुरू की थी, लेकिन आज वो इस मुकाम पर पहुँचे जाएंगे उन्होंने ऐसा नहीं सोचा होगा, की कुछ साल बाद, वह उन युवाओं के लिए प्रेरणा बनेंगे जो digital content curation में करियर बनाने की इच्छा रखते हैं।

उक्त व्यक्ति और कोई नहीं, बल्कि प्रसिद्ध digital marketer रोहित मेहता हैं, जो एक ब्लॉगर के रूप में उत्कृष्ट हैं और एक प्रख्यात आईटी विशेषज्ञ हैं, जिन्होंने अपनी ज्ञानवर्धक ई-पुस्तकों के साथ दुनिया के साथ अपने ज्ञान को साझा करते हुए कई अहम भूमिकाएँ निभाई हैं।

एक दशक से अधिक की अवधि के लिए IT industry में काम करने के बाद, रोहित मेहता ने खुद को एक ऐसे tech blogger के रूप में प्रतिष्ठित किया है जो अपने पाठकों के साथ ऐसी तकनीकी ज्ञान को साझा करता है जो उन्हें बेहतर बेहतर बनने में मदद करती है।

हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओ में अपनी किताब को करने वाले रोहित ने ये साबित कर दिया है की डिजिटल मार्केटिंग केवल अंग्रेजी जानने वालों के लिए नहीं है। हिंदी में भी पढ़ कर आप इसे सिख सकते है ओर अपना करियर बन सकते है। इनकी सबसे अधिक लोकप्रिये बुक '15 Proven Secrets of Internet Traffic Mastery' है, जिसमे अपने अनलाईन बिजनस या ब्लॉग पर ट्राफिक (पाठक) लाने के 15 बेहतरीन तरीके बताए है।

आज, रोहित मेहता डिजिटल गब्बर (Digital Gabbar) नामक भारत के सबसे बड़े डिजिटल कंटेंट प्लेटफ़ॉर्म के संस्थापक संपादक हैं, एक अभूतपूर्व विज़न जिसका नेतृत्व डिजिटल उत्साही लोगों के एक समूह द्वारा किया जा रहा है।

जीवन में अपनी विभिन्न गतिविधियों पर रोहित के साथ बातचीत में, वे कहते हैं, " हर दूसरे आदमी की तरह, मैं भी इंटरनेट की दुनिया में नया था जब मैनें इसमे कदम रखा था। शुरू से ही कुछ नया सीखने और उसको साझा करने की चाहते ने मुझे ब्लॉगिंग में अपना करियर शुरू करने की प्रेरणा दी, तब से मैंने पीछे नहीं देखा हर एक नए सुबह के साथ इच्छा सकती मजबूत होती गई, Digital Gabbar शुरू करने से पहले बहुत से ब्लॉग/वेबसाइटें शुरू की मगर खुशी (kick) नहीं मिली”।

"डिजिटल गब्बर केवल एक ड्रीम प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि हमारे पाठकों के साथ जुड़ने का जरिया है जो किसी भी सीमा से परे है। हम ब्लॉगिंग, एफिलिएट से सम्बंधित टिप्स और ट्रिक्स की अपडेटेड जानकारी साझा करते हैं। जैसे : मार्केटिंग, एसईओ, ड्रापशीपिंग, सोशल मीडिया, ऑनलाइन मनी मेकिंग, गाइड्स, ट्यूटोरियल्स और बहुत कुछ।  

डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय कैरियर का नेतृत्व करने के बाद, डिजिटल गब्बर की टीम लोकप्रिय डिजिटल मार्केटर्स, ब्लॉगर्स, YouTubers, उद्यमियों के साथ साक्षात्कार की एक श्रृंखला शुरू करने पर विचार कर रही है, ताकि भविष्य में डिजिटल इंडिया उनकी एक झलक दिखा सकें। जीवन की कहानियां जो प्रेरणा मिलती है वो सायद ही किसी और कार्य से मिलती होंगी।

रोहित मेहता के प्रमुख योगदान

आज दूरदर्शी रोहित मेहता ने डिजिटल मार्केटिंग, ब्लॉगिंग, एफिलिएट, एसईओ, ड्रापशीपिंग, सोशल मीडिया, ऑनलाइन मनी मेकिंग मे अनेकों गाइड्स और सुझावों इत्यादि अपने पाठकों के डिजिटल गब्बर पे बिल्कुल मुफ़्त में साझा करते है।

साथ ही अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए नए उधमियों को मुफ़्त मे सलाह भी साझा करते है। @bloggermehta से आप इन्हे फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम,ट्विटर इत्यादि पे संपर्क कर सकते है।

गब्बर रोहित का लक्ष्य

अपने ब्लॉग डिजिटल गब्बर के अनुशार रोहित बताते है की उनका लक्ष्य सिर्फ जानकारी को साझा करना नहीं है, बल्कि डिजिटल इंडिया के युवाओ से उसको अमल भी करवाना चाहते है। ताकि आने वालों कुछ सालों में डिजिटल के क्षेत्र में इंडिया युवा पीढ़ी किसी से काम न रहे। यही कारण है की इन्होंने डिजिटल गब्बर की शुरुवात हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओ में एक साथ की है।

https://www.digitalgabbar.com/ और https://www.digitalgabbar.in/ क्रमशः रोहित के इंग्लिश और हिंदी के ब्लॉग है।

साथ ही साथ रोहित मेहता ने अपने जैसे युवाओ और start-up को बढ़ावा देने के लिए Indian Gabbar के नाम से एक साइट शुरू किया है। Digital Gabbar सभी उधमी और startup को Indian gabbar के रूप में संबोधित करते हुए उनकी आर्टिकल को बिल्कुल मुफ़्त में साझा कर रहा है।

कोई भी इच्छुक व्यक्ति या संस्थान आपनी कहानी प्रकाशित करने के लिए Indian Gabbar से संपर्क करें। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।