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दैनिक भास्कर हिंदी: बढ़े साइबर क्राइम, क्रिमिनल को पकड़ना हो रहा मुश्किल , न स्पेशल कोर्ट और न ही थाना

November 6th, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर । दिनों-दिन साइबर क्राइम बढ़ते जा रहा है बावजूद इसके क्रिमिनल तक पहुंचने में सफलता नहीं मिल पा रही है। साइबर क्राइम से निपटने के लिए नागपुर में न स्पेशल कोर्ट है और न ही थाना। यही वजह है कि नागपुर में साइबर अपराधियों के दिलों में डर नहीं नजर आ रहा है। अगर हम नागपुर में साइबर अपराध की बात करें, तो यहां हर साल 15 से 20  फीसदी साइबर अपराध बढ़ रहा है। इसका कारण यह भी माना जा रहा है कि साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए यहां पर न तो साइबर थाना और न ही कोई विशेष कोर्ट। डिजिटल इंडिया की बातें करने वाली सरकार को इस दिशा में कदम उठाने की जरूरत है। ऑनलाइन फ्राड, फेसबुक, वाटसएसप, ई-मेल हैंकिग व मोबाइल हरासमेंट जैसे साइबर अपराधों से यहां के नागरिक जूझ रहे हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार संतरानगरी में हर साल 3 हजार साइबर अपराध के मामले साइबर पुलिस सेल के पास पहुंच रहे हैं, इसमें से चंद मामले को साइबर सेल पुलिस सुलझा लेती है और बाकी मामले संबंधित थानों के पास भेज देती है। स्थानीय थानों में साइबर अपराध के अधिकांश मामले अनसुलझे पड़े हैं, इसमें से कितने मामले सुलझे या अनसुलझे रहे इसका पुलिस विभाग के पास भी रिकार्ड मौजूद नहीं होने की जानकारी विश्वसनीय सूत्रों ने दी है। 

5 करोड़ यूजर्स के अकाउंट हैक
साइबर पुलिस सेल के एक अधिकारी ने बताया कि  साइबर अपराधी अब सोशल मीडिया के यूजर्स की निजता में सेंध लगा रहे हैं। यही कारण है कि पिछले दिनों सोशल मीडिया संचालित करने वाली कंपनी ने दावा किया था कि विश्व के करीब 5 करोड़ सोशल मीडिया के यूजर्स के अकाउंट को साइबर अपराधियों ने हैक किया, जिसमें फेसबुक, वाटसएप और ई-मेल के सर्वाधिक मामले थे। संतरानगरी में बढ़ते साइबर अपराध ने यहां के नागरिकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। 

स्पाइवेयर साइबर अपराधियों के शिकंजे में डिजिटल दुनिया
सूत्रों द्वारा दी गई एक जानकारी के मुताबिक वर्ष 2018 में एक एजेंसी द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में दावा किया गया था िक ऑनलाइन धोखाधड़ी के शिकार दुनिया में सबसे ज्यादा यानी 18% भारतीय हैं। चर्चा तो यह भी रही कि वर्ष 2017 में भारत में डिजिटल धोखाधड़ी के 25,800 से अधिक मामले सामने आए थे। विकिलीक्स के मामले ने तहलका मचा दिया था। बता दें कि सोशल मीडिया पर यह भी खबरें आई थी िक  भारत में वाट्सएप के करीब दो करोड़ यूजर्स हैं। फेसबुक के करीब 3 करोड़ यूजर्स का डाटा चोरी हो गया था।  

एक्स्ट्रा नॅालेज
 लोग करवा रहे साइबर बीमा : सूत्रों के अनुसार अब तो लोग साइबर बीमा भी करवा रहे हैं। एक जानकारी के अनुसार देश भर में 2016-17 में 1372 साइबर फ्रॉड के मामले सामने आए थे। वर्ष 2017-18 में 2059 मामले दर्ज हुए थे। वर्ष 2018-19 में इनमें कमी आई है। इस वर्ष साइबर फ्रॉड के 71.3 करोड़ रुपए के 1866 मामले सामने आ चुके हैं, जो पिछले साल से करीब 9 फीसदी कम बताए जा रहे हैं। अलग-अलग तरह की साइबर चोरी बढ़ने के कारण अब इस क्षेत्र में बीमा करने का चलन भी तेजी से बढ़ रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2018 में साइबर इंश्योरेंस में 40 फीसदी की वृद्धि हुई है। 

बने विशेष साइबर कोर्ट
साइबर पुलिस सेल भी यह मानता है कि अगर साइबर थाना और विशेष साइबर कोर्ट बन जाएं, तो इस तरह के अपराध की रोकथाम में काफी मदद मिल सकेगी और अपराधियों की धरपकड़ की संख्या में इजाफा होगा। पुलिस आयुक्त डाॅ. भूषणकुमार उपाध्याय का कहना है कि कुछ तकनीकी बातें हैं, यह सुलझ जाते ही नागपुर में साइबर पुलिस थाना खुलने का रास्ता साफ हो जाएगा। 

अपराधी पकड़ने पर पेशी की समस्या 
चर्चा यह भी है कि साइबर अपराधी को गिरफ्तार करने पर उसे कहां पेश करें, यह समस्या भी पुलिस विभाग के सामने यक्ष प्रश्न बनकर खड़ी हो जाती है। अब यह नागपुर की जनता महसूस करने लगी है कि नागपुर में भी साइबर थाना और साइबर की विशेष कोर्ट बनाया जाए ताकि साइबर अपराध के मामले की सुनवाई इस विशेष कोर्ट में हो सके, जैसे एसीबी और रेलवे विभाग के लिए विशेष कोर्ट है। नागरिकों की भी यही राय है कि नागपुर में साइबर थाना और विशेष कोर्ट के बारे में राज्य सरकार को समय रहते पहल कर देनी चाहिए। 

शुरू हो जाए तो अच्छी बात 
साइबर थाना या साइबर की विशेष कोर्ट शुरू हो जाए, तो अच्छी बात है। पुलिस के पास फिलहाल जितने संसाधन हैं, उसके अंतर्गत कार्य कर रही है। पुलिस विभाग का पूरा प्रयास रहता है िक साइबर अपराध पर रोक लगाई जाए। कुछ तकनीकी बातें हैं, यह समस्या दूर होते ही जल्द ही  साइबर पुलिस थाना शुरू हो जाएगा। मौजूदा समय में नागपुर पुलिस साइबर अपराध के मामले में बेहतर कार्य कर रही है। इससे इनकार नहीं किया जा सकता है। सोशल मीडिया  से जुड़े मामले उजागर करने में साइबर पुलिस सेल अच्छा कार्य कर रही है।  - डाॅ. भूषणकुमार उपाध्याय, पुलिस आयुक्त, शहर नागपुर
 

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