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धनुष तोपों ने तोड़ा 39 किलोमीटर का बैरियर - जीसीएफ ने तीन तोपों की एक और खेप तैयार की

धनुष तोपों ने तोड़ा 39 किलोमीटर का बैरियर - जीसीएफ ने तीन तोपों की एक और खेप तैयार की

डिजिटल डेस्क जबलपुर। जीसीएफ में बनने वाली स्वदेशी धनुष तोप की एक और खेप तैयार कर ली गई है। तीन तोपों ने फायरिंग टेस्ट में भी सटीक निशाना लगाया है। यह स्थिति रही कि कई बार तोप ने 39 किलोमीटर की रेंज को भी पार कर लिया। गर्मी के बीच हुई फायरिंग के रिजल्ट से अब बड़े पैमाने पर धनुष तोप का निर्माण शुरू हो पायेगा। तीन साल के भीतर जीसीएफ को कुल 114 तोपों का निर्माण करना है। पिछले सत्र में ही कुल 17 तोपों का निर्माण करना था, लेकिन कोरोना संक्रमण एवं अन्य कारणों से अब यह लक्ष्य एक दर्जन धनुष तोपों के निर्माण का कर दिया गया है। मार्च तक तोपों का निर्माण करना था, लेकिन उसमें भी अब बढ़ोत्तरी कर दी गई है। धनुष तोप की सामान्य रेंज 38 किलोमीटर है और इतनी दूरी तक तोप से सटीक निशाना लगाया जा सकता है। एक मिनट में आधा दर्जन राउंड फायर करने वाली इस तोप की खूबी यह है कि यह तोप बिना गर्म हुए लगातार फायर कर सकती है।
इसमें लगा इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम 
 इस तोप को किसी भी विदेशी तोप की तुलना मेें इलेक्ट्रानिक सिस्टम  ज्यादा कारगर बनाता है। इसके कारण ही तोप का गोला निशाने पर ही लगता है। इस तोप में 125एमएम का बम इस्तेमाल होता है जिसका वजन ही 16 किलो के करीब होता है। 
प्राथमिकता में सबसे आगे 
 155एमएम वाली इस तोप का एक बेड़ा अब तक बन जाना था, लेकिन उसमें करीब 6-7 साल का विलम्ब हुआ है। इस तोप का निर्माण इस साल के अन्त तक जोर पकड़ेगा और फिर अगले सत्र में तोपों के निर्माण का लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाएगा। निर्माणी के नये जीएम राजेश चौधरी ने भी अधिकारियों से चर्चा में यही कहा है कि धनुष तोप हमारी प्राथमिकता की सूची में सबसे आगे है। 

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