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महंगी पड़ी मास्क से दूरी, चंद्रकला स्वीट्स के संचालक पर लगा 5 हजार का जुर्माना

महंगी पड़ी मास्क से दूरी, चंद्रकला स्वीट्स के संचालक पर लगा 5 हजार का जुर्माना

संचालक समेत बिना मास्क के किचन में मिले सभी कर्मचारी 
डिजिटल डेस्क जबलपुर ।
नौदरा ब्रिज के आगे स्थित चंद्रकला स्वीट्स में शनिवार को नगर निगम के दल ने छापेमार कार्रवाई की।  साफ-सफाई के साथ ही कोविड 19 की आचार संहिता का उल्लंघन पाए जाने पर संचालक के खिलाफ 5 हजार रुपये की चालानी कार्रवाई करते हुए तत्काल जुर्माना वसूल किया गया।  इस मिठाई की दुकान के किचन में काम करने वाले कई कर्मचारी थे, लेकिन किसी ने भी मास्क नहीं लगाया था और खुद संचालक काउंटर पर बिना मास्क के बैठे थे। वहीं केशव कुटी के पास एक मकान निर्माण का कार्य चल रहा है और निर्माता ने मलबा डालकर नाले को बंद कर दिया, जिससे आसपास गंदगी फैल गई। निगम की टीम ने 5 हजार का जुर्माना लगाया।  नगर निगम  स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन करने एवं स्वच्छता के प्रति लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। संभागायुक्त एवं निगम प्रशासक  बी चंद्रशेखर के निर्देश एवं निगम आयुक्त  अनूप कुमार सिंह  के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शनिवार को चंद्रकला स्वीट्स पर छापा मारा। यहाँ निर्माण शाला के निरीक्षण के दौरान एक भी कर्मचारी मास्क नहीं लगाया था। निगम की टीम के सामने भी चंद्रकला स्वीट्स के संचालक बिना मास्क लगाए ही काउंटर पर बैठे थे और ग्राहकों से बात कर रहे थे, जिसे कोरोना गाइडलाइन के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन मानते हुए नगर निगम की टीम ने 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया एवं भविष्य में लापरवाही बरती जाने पर और भी ज्यादा जुर्माना लगाने की चेतावनी दी।  केशव कुटी के पास निर्माणाधीन भवन के मालिक ने नाला बंद कर दिया था, जिससे आसपास के क्षेत्रों में गंदगी हो रही थी। भवन मालिक के इस कृत्य को गंदगी फैलाने का जिम्मेदार मानते हुए नगर निगम की टीम ने उस पर भी 5 हजार रुपये का स्पॉट फाइन किया। निगमायुक्त श्री कुमार ने कहा  कि कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन करने पर नगर निगम द्वारा नियमित रूप से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा है कि इस तरह की लापरवाही से कोरोना का संक्रमण फैल सकता है अत: सभी व्यापारी अपने  संस्थानों में खुद भी मास्क पहनें  एवं  कर्मचारियों से भी मास्क लगाकर ही कार्य करने की अपील करें। इस कार्रवाई में सहायक स्वास्थ्य अधिकारी आरपी गुप्ता, सीएसआई संतोष गौर एवं सुपरवाइजर आदि उपस्थित थे।
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।