डीपीसी की बैठक: कोरोना उपाय योजना के लिए चाहिए 150.07 करोड़

January 21st, 2022

डिजिटल डेस्क, नागपुर। जिले के लिए वर्ष 2022-23 आर्थिक वर्ष हेतु जिला वार्षिक योजना से 750 करोड़ रुपए की निधि मंजूर करने की मांग जिला प्रशासन ने की। इस दौरान जिलाधिकारी विमला आर. ने जिले की बड़ी ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों के लिए ज्यादा निधि देने की मांग की है। जिले के लघु सिंचाई, कोल्हापुरी बंधारे पर्यटन विकास, वन विकास क्षेत्र के विविध काम के लिए अतिरिक्त निधि की प्रमुखता से मांग की गई। इसके अलावा कोरोना प्रतिबंधात्मक उपाय योजना के लिए 150.07 करोड़ की मांग की है। 

100 करोड़ से ज्यादा रकम खर्च नहीं

नागपुर जिले में वर्ष 2021-22 में 500 करोड़ का प्रावधान किया गया था। दिसंबर अंत तक 230 करोड़ रुपए के प्रस्ताव को जिला नियोजन समिति ने प्रशासकीय मान्यता दी है। लगभग 200 करोड़ की निधि संबंधित विभाग को वितरित की गई है। इसमें दिसंबर तक 96.05 करोड़ विविध विभागों द्वारा खर्च किए गए हैं। इस साल जिला परिषद और विधान परिषद आचार संहिता के कारण दिसंबर तक रकम खर्च नहीं हो सकी। प्रशासन ने मार्च अंत तक रकम खर्च होने का भरोसा दिलाया। राज्य सरकार ने इस साल कोविड के लिए 92.35 करोड़ रुपए दिए थे। अजित पवार ने यह निधि तत्काल खर्च करने के निर्देश दिए।            

पालकमंत्री डॉ. नितीन राऊत ने तीसरी लहर को ध्यान में रखकर एम्स हॉस्पिटल के लिए तात्कालिक उपाय योजना के रूप में 24 करोड़ का प्रावधान करने और उपराजधानी के शहर में जिला प्रशासन की अत्याधुनिक इमारत का निर्माण हो, इसके लिए 250 करोड़ का विशेष प्रावधान करने की मांग की है। पशु संवर्धन मंत्री सुनील केदार ने कहा कि विविध बचत गटों के लिए बिक्री हेतु दालान बनाने का वित्तमंत्री ने इसके पहले आश्वासन दिया था। इसके लिए निधि का प्रावधान किया जाए। बैठक में विधायकों ने भी जिले के विविध विषयों पर विचार रखे। 

ये हुए बैठक में शामिल : डीपीसी अंतर्गत वर्ष 2022-23 अंतर्गत नागपुर विभाग स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में विभाग के सभी 6 जिलों के वार्षिक प्रारूप पर चर्चा की गई। विभागीय आयुक्त प्राजक्ता लवंगारे वर्मा ने विभाग स्तर पर बैठक की शुरुआत नागपुर जिले की समीक्षा से की। जिलाधिकारी विमला आर.  ने जिला प्रशासन द्वारा 2022-23 का प्रारूप पेश किया। बैठक में पालकमंत्री डॉ. नितीन राऊत, पशुसंवर्धन मंत्री सुनील केदार मुंबई मंत्रालय से सहभागी हुए थे। जिलाधिकारी कार्यालय से जिप अध्यक्ष रश्मि बर्वे, विधायक एड. आशीष जैस्वाल, मोहन मते, कृष्णा खोपड़े, टेकचंद सावरकर, समीर मेघे, जिप सीईओ योगेश कुंभेजकर, जिला नियोजन अधिकारी राजेश गायकवाड़ आदि उपस्थित थे। 

नागपुर को निधि नहीं दे रही सरकार : भाजपा  

महाविकास आघाड़ी सरकार आने के बाद नागपुर जिले की नियोजन समिति की निधि खर्च नहीं हो रही है। खर्च करने के लिए शासकीय आदेश नहीं निकला। नागपुर को उपराजधानी का विशेष दर्जा मिलने से हर साल 900 करोड़ रुपए की निधि राज्य सरकार को दी जाए। यह मांग भाजपा के विधायकों ने जिला वार्षिक समिति की बैठक में की। भाजपा विधायकों ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस सरकार के कार्यकाल में नियोजन समिति के काम और निधि समय सीमा में खर्च करने के प्रशासकीय आदेश जून में निकाले जाते थे। अब सिर्फ 2 महीने शेष होने के बावजूद भी निधि खर्च नहीं हो रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि निधि खर्च करेंगे, लेकिन कैसे करेंगे इस पर सवाल उपस्थित हो रहे हैं। पिछली सरकार ने सर्वसाधारण योजना के लिए 525 करोड़ रुपए दिए थे। आदिवासी योजना के लिए 75 करोड़ और एसईपी के लिए 200 करोड़ रुपए दिए थे। 800 करोड़ जिले को मिले थे। पिछले साल महाविकास आघाड़ी ने सिर्फ 400 करोड़ दिए थे। 2021-22 में सरकार ने कम निधि दी। कुल 900 करोड़ रुपए की निधि नागपुर जिले को मिलनी चाहिए।