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फर्जी पत्रकार डीआईजी बनकर दे रहा था मैहर टीआई को निर्देश - चढ़ा पुलिस के हत्थे 

फर्जी पत्रकार डीआईजी बनकर दे रहा था मैहर टीआई को निर्देश - चढ़ा पुलिस के हत्थे 

डिजिटल डेस्क सतना। मोबाइल के वाट्सएप एकाउन्ट पर रीवा रेंज के डीआईजी अनिल सिंह कुशवाह की वर्दी वाली फोटो लगाकर कई दिनों से मैहर टीआई देवेन्द्र प्रताप सिंह चौहान को अलग-अलग मामलों में कार्रवाई के आदेश-निर्देश देने वाले तथाकथित पत्रकार को पुलिस ने गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि लगभग एक माह पूर्व मोबाइल नंबर 9981286610 से वाट्सएप कॉल आया जिसकी प्रोफाइल में डीआईजी की फोटो दिख रही थी, लिहाजा उन्होंने फोन उठा लिया और बात की तो जालसाज ने कुछ प्रकरणों में कार्रवाई के लिए कहा। इसके बाद नववर्ष पर बधाई संदेश भी इसी नम्बर से आया, जिसका उन्होंने जबाव भी दिया। मगर पोल तब खुली जब 21 जनवरी की शाम को फ्रॉड व्यक्ति ने मोबाइल से एक वीडियो भेजकर जांच के लिए कहा और शुक्रवार सुबह फिर से वही वीडियो फारवर्ड किया। तब थाना प्रभारी ने वरिष्ठ अधिकारी होने के नाते इस मुद्दे पर डीआईजी से चर्चा करने के लिए उनके सरकारी नंबर पर फोन लगाया तो श्री कुशवाह ने कोई भी वीडियो भेजने से इन्कार करते हुए उक्त मोबाइल नंबर कभी भी इस्तेमाल नहीं करने की बात कही तो मैहर टीआई सकते में आ गए।
और गिरफ्त में आ गया आरोपी
असली उप महानिरीक्षक से बात होने पर जब हकीकत सामने आई तो टीआई देवेन्द्र सिंह ने साइबर सेल से संपर्क कर फोन नंबर की सारी जानकारी जुटाई और कुछ घंटों के भीतर ही नकली डीआईजी मनीष गर्ग पुत्र शिवानंद गर्ग 45 वर्ष पांडेय टोला-पुरानी बस्ती को पकड़ लिया। आरोपी के कब्जे से फोन जब्त किया गया, जिसमें थाना प्रभारी को भेजे गए सभी संदेश सुरक्षित थे। घर की तलाशी लेने पर कई अखबारों और चैनलों के प्रेस कार्ड भी मिले, जिनकी जांच की जा रही है। लिहाजा आईपीसी की धारा 170 के तहत कायमी कर आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
    
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।